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    मजदूरों का राष्ट्रीय सम्मलेन तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में संपन्न, देशव्यापी संघर्ष का ऐलान


    नई दिल्ली: आज 8 अगस्त 2017 को मजदूरों का राष्ट्रीय सम्मलेन नई दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में हुआ. सम्मलेन का आह्वान संयुक्त रूप से औधोगिक और सर्विस सेक्टर दोनों के दस केंद्रीय ट्रेड युनियनों ने सवतंत्र राष्ट्रीय फेडरेशन के साथ किया. सम्मलेन में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रहे कॉर्पोरेट परस्त राष्ट्रीय विरोध और जन विरोधी नीतियों के कारण राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की बिगड़ती हालत पर और इन राष्ट्रीय विरोधी और जन विरोधी नीतियों से बुरी तरह प्रभावित हो रहे कामगार जनता की आजीविका पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है.


    इस सम्मलेन में पुरे देश के लगभग 5 हज़ार से ज्यादा डेलीगेट्स ने भाग लिया. तालकटोरा इनडोर स्टेडियम पूरा खचाखच भरा हुआ था. सभी मजदूरों को सर्वव्यापी सामाजिक  सुरक्षा दी जाए, न्यूनतम वेतन कम से कम 18000/-रूपया प्रति माह किया जाये, सभी मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन 3000/- रू. से कम ना हो, केन्द्रीय/राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उ़द्यमों (पीएसयू) के विनिवेशीकरण और रणनीतिक विक्री करना बंद किया जाये, साल भर होने वाले कामों में अनुबंधीकरण/ठेकेदारी बंद हो, समान काम के लिए नियमित मजदूरी की तरह अनुबंध (ठेका) मजदूर को भी समान वेतन का भुगतान व अन्य लाभ दिये जायें, बोनस और प्रोविडेन्ट फंड के भुगतान और पात्रता पर लगी सभी सीमा बंदियों को हटाया जाए, ग्रेज्युएटी की राशि बढ़ाई जाये, निर्धारित तय अवधि में यूनियनों का पंजीकरण किया जाये और सभी आईएलओ सम्मेलन का सरकार अनुमोदन करें.


    श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों को वापिस लिया जाये, रेलवे इंश्योंरेंस और डिफेंस में एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) करने पर रोक लगाई जाये, आंगनबाड़ी व अन्य स्कीम वर्कर को कर्मचारी का दर्जा दिया जाये, महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाये जायें तथा जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) को दुरूस्त किया जाये आदि मांगों पर संघर्ष का प्रस्ताव इंटक, एटक, एचएमएस, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एक्टू, यूटीयूसी, एलपीएफ आदि मजदूर संगठनों की ओर से कन्वेशन में रखा गया.


    जो सर्वसम्मति से पास हुआ और देशव्यापी अभियान/संघर्ष का ऐलान किया. जिसके तहत घोषित मांगों के संदर्भ में संयुक्त आंदोलनों को खड़ा करने और आन्दोलनों को तेज करने की दिशा में काम करते हुए राष्ट्रीय स्तरीय लामबंदी के लिए ब्लाॅक/जिला/राज्य स्तर पर तथा केन्द्रीय/राज्य सरकार के औद्योगिक केन्द्रों पर भीषण प्रचार जन सम्पर्क सम्मेलन आदि कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इसके आलावा आने वाले 9,10 व 11 नवम्बर को राष्ट्रीय रजाधानी दिल्ली में तीन दिन का लगातार हर रोज एक विशाल धरना किया जायेगा. जिसमें देश भर से लाखों-लाख मजदूर हिस्सा लेंगे.


    कन्वेंशन को सम्बोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन ने कहा कि यदि सरकार ने इसके बाद भी ट्रेड यूनियनों की मांगे नहीं मानी तो राष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चिताकलीन देशव्यापी हड़ताल की घोषणा ट्रेड यूनियनें कर सकती हैं.

    तपन सेन ने और क्या कहा सुने -



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