• Breaking News

    नितीश सरकार के तुगलकी फरमान के खिलाफ पुरे बिहार में शिक्षक उतरे सड़क पर


    नई दिल्ली: परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों को जबरन 50 वर्ष में रिटायरमेंट देने और गरीबों के बच्चों से शौचालय साफ कराने के तुगलगी फरमान के विरोध में शिक्षकों ने सुशासन बाबू श्री नितीश कुमार का और उनके सहयोगी दल के उप-मुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी का पुरे बिहार में पुतला फूंका. 

    इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्वकारी शिक्षक नेता श्री बंशीधार वृजवासी ने कहा की 50 वर्ष से अधिक उम्रवाले शिक्षकों को जबरन सेवानिवृत्ति देने का फरमान जारी कर सरकार अपनी जिम्मेवारियों से कबतक भागेगी? सरकार केवल शिक्षकों के कार्यों की समीक्षा कर पूरी समस्या के मूल तक नहीं पहुँच सकती है.

    यदि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक समीक्षा करनी है तो विभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी, कार्यालयीय लिपिक एवं विभागीय मंत्री के कार्यों की भी समीक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट के खराब रिजल्ट के लिए क्या वास्तव में केवल शिक्षक जिम्मेवार है? आज आजादी के 70 साल बाद भी शिक्षा गरीबों की पहुँच से काफी दूर है. अमीरी और गरीबी की खाई बढती हीं जा रही है. स्कूलों में कृष्ण और सुदामा के दोस्ती की संस्कृति विलुप्त हो गई. देश में बहुरंगी शिक्षा व्यवस्था चल रही है. राज्य के मेधावी व सक्षम छात्र अच्छी शिक्षा के लिए पलायन को मजबूर हैं. क्या इन सभी स्थितियों के लिए शिक्षक हीं जिम्मेवार है? 

    उन्होंने आगे सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा विभाग से संबंधित लगभग पाँच हजार अवमाननावाद के मामले उच्च न्यायालय में लंबित है. जिनमे अधिकांश मामले शिक्षकों के वेतन, भत्ते, प्रोन्नति और व्यवस्था से जुड़े हैं. पिछले दिनों मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की थी कि बिहार में हाईकोर्ट को जज नहीं बल्कि राज्य सरकार चला रही है. 

    वर्ष 2015 - 16 में छठी कक्षा की किताब बच्चों को नहीं दी गई. वही बच्चे जब वर्ष 2016-17 मे सातवीं कक्षा मे गये तो सातवीं कक्षा की किताब नही आई और चालू वर्ष 2017-18 में किसी भी कक्षा की किताब नहीं आई. अर्थात छठी से आठवीं तक बिना किताब पढाई करके बच्चे हाई स्कूल में चले जाएंगे तो उनसे कैसे रिजल्ट की उम्मीद की जा सकती है? क्या इसके लिए भी शिक्षक ही जिम्मेवार है? 

    इसके आलावा बहुत कुछ, खुद सुने -


    पुरे बिहार में विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें -

    सासाराम

    औरंगाबाद


    नवादा



    वैशाली



    :मुजफ्फरपुर


    समस्तीपुर




    जमुई 



    नालंदा



    मधुबनी



    सीतामढ़ी



    loading...