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    यह ब्लॉग गरीब मजदूरों की आवाज उठाने की एक छोटी सी कोशिश मात्र है..आते रहियेगा

    Thursday, 10 August 2017

    जनहित याचिका: मांगा समान काम का समान वेतन, मिला नया न्यूनतम वेतन

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    नई दिल्ली: श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने अप्रैल 2017 में हैदराबाद में बताया कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों में सुधार करने और न्यूनतम मजदूरी से समान मजदूरी की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ठेका मजदूरी (नियमन और उन्मूलन) केंद्रीय कानून के 25वें कानून में संशोधन करने जा रही है. इस संशोधन से हर ठेका मजदूर को हर महीने 10 हजार रुपये मिल सकेंगे. इस संबंध में कानून भी मंजूरी के लिए कानून मंत्रालय के पास भेज दिया गया है. इसकी पुष्टी न्यूज 18 ने की है.


    इसके ठीक बाद दिनांक 11 मई 2017 को दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि सभी कॉन्ट्रैक्ट वर्करों के लिए कम से कम न्यूनतम वेतन का प्रावधान है. माननीय कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के मंहगाई में न्यूनतम वेतन का 10 से 13 हजार में किसी परिवार का गुजरा कैसे हो सकता है. आज पुरे देश में निजीकरण का दौर में ठेका वर्कर रेगुलर वर्कर के बराबर काम नहीं बल्कि रेगुलर वर्कर का ही काम कर रहे है. इतने काम सैलरी में वर्करों से काम करवाना गुलामी करवाने जैसा ही है.

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    माननीय कोर्ट ने याचिकाकर्ता श्री सुरजीत श्यामल के दलील को सही मानते हुए अपना राय देते हुए कहा कि अनुबंध के कर्मचारियों को धारा 21 के अनुच्छेद 14 तहत समानता के तहत समान काम का समान वेतन पाने का अधिकार है. उक्त आर्डर को उपलोड करने के लिए यहां क्लिक करें.

    हालाँकि याचिकाकर्ता ने देश के विभिन्न सरकारी संस्थानों में रेगुलर वर्कर के समान काम कर रहे ठेका/आउटसोर्स वर्कर के लिए समान काम का समान वेतन को लागु करवाने के लिए भारत सरकार को गाइडलाइन बनाने का निर्देश दें. मगर माननीय कोर्ट ने साफ इंकार करते हुए कहा कि इतने व्यापक पैमाने पर भारत सरकार के ऊपर समान काम का समान वेतन को लागु करने के लिए दबाब नहीं बनाया जा सकता है.


    मगर सूत्रों के मुताबिक इसके बाद माननीय कोर्ट कि टिप्पणी को आड़े हाथों लेते हुए, मोदी सरकार ने तुरंत ही अपने पिछले अप्रैल में लिए फैसला बदल दिया. जिसमे न्यूनतम वेतन 10 हजार करने का निर्णय लिया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार के अंतर्गत कार्य कर कॉट्रैक्ट/ठेका वर्कर के लिए नया न्यूनतम वेतन लागु कर दिया. जिसके तहत दिनांक 28 मई 2017 अधिसूचना जारी किया गया. हालांकि इसका लाभ 20 अप्रैल 2017 मिलेगा. जिसके तहत अकुशल कर्मियों का न्यूनतम वेतन 13,936 अर्ध-कुशल कर्मियों के 15418 कुशल कर्मचारियों के लिये 16978 अत्यधिक कुशल यानि स्नातक 18460 हो गया है.


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    जानकारी के लिए बता दें कि यह जनहित याचिका में केंद्र सरकार के अंतर्गत सभी विभागों के कॉन्ट्रैक्ट/ठेका वर्कर के लिए समान काम का समान वेतन का मांग किया गया था. मगर केंद्र सरकार ने जो बढ़ोतरी की है, वह मात्र कुछ समय के लिए ही राहत देने वाला है. अगर यह भी पूर्वरूप से लागु हो जाये वह बहुत बड़ी बात है. इसके बाद मजदूर बर्ग में काफी उत्साह देखने को मिला है. अब कोर्ट आर्डर की कॉपी प्राप्त करने के बाद "समान काम का समान वेतन" को लागु कराने के लिए पुनरीक्षण याचिका फाईल करने के लिए विचार किया जा रहा है.

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