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    दीपावली की रात को राजधानी एक्सप्रेस में खराब खाना परोसा, यात्रियो ने किया हंगामा

    पटना राजधानी ट्रेन में खराब खाने को लेकर यात्रियों ने किया हंगामा

    दिनांक 19 अक्टूबर 2017 यानि दीपावली की रात को ट्रेन नंबर 12310 पटना राजधानी में यात्रियों ख़राब खाने की शिकायत को लेकर जमकर हंगामा किया. इस हंगामे के दौरान धीरज सिंह नामक यात्री ने पुरे हंगामे का अपने मोबाइल में वीडियों शूट किया. जिसके बाद इसको फेसबुक पर अपलोड किया है. लगभग 13 मिनट 20 सेकेण्ड के इस वीडियों ने पुरे रेल विभाग की करतूत सबके सामने लेकर रखा दी है. इसको आप खुद देख सकते है कि किस तरह यात्री रेल के तथाकथित मैनेजर से कम्पलने बुक की मांग कर रहे है. मगर लगभग 1 घंटे बाद ही मैनेजर साहब बोगी में आते है. कम्प्लेन बुक देना तो दूर यात्रियों की बात तक मानने तक को तैयार नहीं दिख रहे है. मैनेजर साहब के अनुसार खाना आईआरसीटीसी के बेस किचन दिल्ली से लिया गया है. जबकि उस बोगी के ज्यादातर यात्रियों ने ख़राब खाना होने का आरोप लगाकर खाना ही नहीं खाया है.




    दीपावली की रात को राजधानी एक्सप्रेस में खराब खाना परोसा

    यह हंगामा B2 में शुरू हुआ था और इसमें कुछ B1 के यात्री भी आकर समर्थन करने लगें. वो कहते नजर आ रहे हैं कि यह खाने कि खराब क्वालिटी हमेशा ही रहती है. मगर यात्री डर के मारे बोल नहीं पाते हैं. आज यहाँ के कुछ लोग हिम्मत करके वीडियो भी बना रहे और हंगामा भी कर रहे हैं.



     



    रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कोटा जनशताब्दी ट्रेन में घुम-घुम कर यात्रियों से फीडबैक लिया 

    जबकि केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कोटा जनशताब्दी ट्रेन में घुम-घुम कर यात्रियों से फीडबैक लिया है. मगर इसके बाद क्या रेलवे के खानपान सुधरेगा? इससे पहले भी आईआरसीटीसी के पास कैटरिंग की सर्विस थी. यात्रियों के शिकायतों के कारण ममता बनर्जी ने आईआरसीटीसी ने यह कह कर वापस ले लिया था कि अब रेल इसको अपने विभाग के कमर्चारियों द्वारा चलायेगी. मगर रेलवे ने भी पुनः कैटरिग की सेवा ठेके पर दे दिया. स्वाभाविक सी बात है ठेकेदार अपना मुनाफा ही देखेगा. ट्रेन में खाने के नाम पर लूट जारी रहा. फिर शिकायत बढ़ी और अभी 2017 में फिर से रेल ने आईआरसीटीसी को बिना ठेका पर दिए अपने विभाग के कर्मचारियों द्वारा चलने के लिए पॉलिसी बन कर दे दिया. मगर यह क्या आईआरसीटीसी ने खुलेआम सभी ट्रेन ठेकेदार को सौंप दिया. अब यह समझने की बात है कि ऐसे में खाना के क्वालिटी की शिकायत कैसे दूर होगी?



     

    इस वीडियों को पूरा देखेंगे तो इसमें ठेकेदार का वर्कर ही है. जो कि एक यात्री से बकझक होने के बाद कहता नजर आयेगा कि 6 हजार की नौकरी में गाली नहीं सुनूंगा.

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