Mental harassment at workplace (Indian law) क्या है और इससे कैसे निपटें?

अगर आप किसी भी Private Company या Government Organization में किसी भी प्रकार के Part Time or Full Time Employees और अगर आपके Boss द्वारा आपका किसी भी तरीके का Mental Harassment उत्पीड़न हो रहा था तो हमारा यह पोस्ट कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न (Mental harassment at workplace) indian law आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है.

Mental harassment at workplace क्या है?

इस Post के माध्यम है हम Sexual Harassment  के आलावा तमान तरह के Mental Harassment  की चर्चा कर रहें हैं. जो आये दिन आपके साथ घटती है और आपको मानसिक रूप से तोड़ कर रख देती है. महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर यौन शोषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के विशाखा गाइडलाइन के तहत निपटा जा सकता हैं.

हर Employee को कभी न कभी Mental Harassment का शिकार होना पड़ता है. जिसको ज्यादातर लोग अपने काम का हिस्सा समझकर चुपचाप सहन कर जाते हैं, मगर कभी-कभी Mental Harassment इतना बढ़ जाता है कि सहन करना मुश्किल हो जाता है.

इसके कारण कई तो Suicide जैसे भयानक कदम उठा लेते हैं. मगर हम तो कहेंगे कि Suicide तो कायर लोग करते हैं. आपकी और हमारी तरह मजबूत लोग तो इसका सामना कर जीत दर्ज करते हैं.

Mental harassment at workplace Indian law क्या है?

विभिन्न Companies  में अपने काम के दौरान हमने पाया है कि ऐसी कई Categories हैं जिन्हें Employees के खिलाफ Mental harassment at workplace (कार्यस्थल पर उत्पीड़न) के दायरे में शामिल किया जा सकता है. जिसके कारण Employees  को अपमान और Mental Harassment का सामना करना पड़ता है और अक्सर उनको उनके संबंधित Supervisor द्वारा तरह-तरह से शोषण किया जाता है.

कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न

हमारा यह Article कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न (Mental harassment at workplace) कर्मचारियों के लिए मुख्यरूप से लिखा गया है. अभी तक केवल कुछ राज्य कानून हैं जो धमकाने से निपटते हैं, हालांकि, धमकाने पर राष्ट्रीय कानून तैयार करने के लिए लगातार मांग उठती रहती है. इसके वजह से इस तरह का यह उत्पीड़न और धमकी न केवल प्राइवेट ही बल्कि Government Organization में आम बात है. अक्सर यह धमकी Senior Officer अपने Seniority के अनुसार अपने Junior को Hierarchy(पदानुक्रम) में दिया जाता है.
अपने Target  को पूरा करने और ज्यादा मेहनत से काम करने के लिए विशेषकर Young Employees पर Pressure बनाकर Mental Harassment  किया जाता है. Employees  के Work Place पर उत्पीड़न से स्वास्थ्य और कल्याण पर भयानक प्रभाव पड़ता है. जबकि अभी तक भारत में, Work Place पर धमकाने के खिलाफ कोई विशेष कानून नहीं है.
हमने पाया है कि Maximum लोगों के मन में आम धारणा हैं कि Work Place पर केवल Sexual Harassment हो सकता है. जबकि वास्तविकता में यह मामला नहीं है क्योंकि निम्नलिखित विभिन्न प्रकारों को Non-Sexual Harassment के प्रकारों के तहत Classified किया जा सकता है.
  1. नस्ल, लिंग, धर्म और राष्ट्रीय उत्पत्ति के आधार पर उत्पीड़न.
  2.  अक्षमता के आधार पर उत्पीड़न.
  3. उम्र के आधार पर उत्पीड़न.
  4. मानहानि – किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए व्यक्ति की प्रतिष्ठा या छवि को नुकसान पहुंचाया जाना है.
  5. आपराधिक इतिहास- किसी कर्मचारी को उसके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड के लिए परेशान किया जा सकता है, जिसका जुर्माना पहले ही भुगत चुका है.
  6. नागरिकता की स्थिति- एक अलग राष्ट्रीयता से संबंधित व्यक्ति उत्पीड़न के अधीन हो सकता है.
  7. नस्लीय उत्पीड़न – दौड़ के आधार पर भेदभाव।
  8. विभिन्न राजनीतिक मान्यताओं के कारण उत्पीड़न- हालांकि मामूली समस्या है लेकिन नियोक्ता या साथी कर्मचारियों द्वारा कर्मचारी को उत्पीड़न का कारण बन सकता है.
  9. यौन अभिविन्यास और वैवाहिक स्थिति.
  10. पीछा करना
  11. बिना कारण नौकरी से निकालने की धमकी

उदाहरणों में Voice Mail या Email पर बार-बार या खतरनाक संदेश छोड़ना, लोगों के घर के बाद, या व्यक्तिगत जानकारी मांगने के लिए Co Worker के पास आना शामिल है.

  1. शत्रुतापूर्ण कार्यस्थल उत्पीड़न.
  2. Supervisor द्वारा धमकाने.

Mental Harassment के खिलाफ कानून

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India Laboour Laws में इसके अधिकार के तहत बड़ी संख्या में कृत्यों को शामिल किया गया है और चूंकि Labour Law भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची के अंतर्गत आते हैं, इसलिए केंद्रीय और राज्य सरकारों के पास मजदूरों के बीच संबंधों पर अपने कानून पारित करने का अधिकार क्षेत्र है और रोजगार के मुद्दों से संबंधित है.

1. मालिक द्वारा बिना कारण कर्मचारी के मजदूरी में कटौती से Harassment

Payment of Wages Act, 1936 नियोक्ता द्वारा किए गए अनुचित और अनधिकृत कटौती या मजदूरी के भुगतान में अनुचित देरी के खिलाफ एक कारगर उपाय होना है. इस Act की धारा 5 मजदूरी के भुगतान का समय निर्दिष्ट करती है- मजदूरी का समय पर भुगतान किया जाना चाहिए. यदि Manpower की संख्या 1000 से कम है, तो महीने के 7 वें दिन और 1000 से अधिक, तो महीने के 10 वें दिन भुगतान हो जाना चाहिए. इस Act की धारा 7-13 कटौती को परिभाषित करता है- मजदूरी से कोई अनुचित और अनधिकृत कटौती नहीं की जानी चाहिए.

2. लिंगीय भेदभाव के द्वारा Mental Harassment

मालिक या Employer के द्वारा समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत का पालन न करके कर्मचारियों को परेशान किया जा सकता है. भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 (डी) के अनुसार और Equal Remuneration Act 1976 की धारा 2 (एच) Employer का कर्तव्य है कि प्रत्येक Employees को Equal Work के लिए Equal Pay प्राप्त करना चाहिए.

3. मानहानि के द्वारा Harassment

आईपीसी की धारा 499 मानहानि गलत होने पर मानहानि को परिभाषित करती है. अन्यथा नागरिक मामलों में मानहानि को Law of Torts के तहत शामिल किया जा सकता है.

4. Job Agreement में Unreasonable Clause द्वारा Harassment

Dismissal Regulation – Industrial Disputes Act 1947, Chapter 5A: LAY OFF AND RETRENCHMENT – यह अध्याय बताता है कि ‘Workmen’ की Service सेवा को Terminate करने के लिए 30 से 90 दिनों की नोटिस अवधि लागू होती है (जैसा कि Industrial Disputes Act, 1947 में परिभाषित किया गया है) – अर्थात, कर्मचारियों (Workmen) का काम मुख्य रूप से Supervisor, Administrative या Managerial नहीं है.

5. Pregnancy या Disability के आधार पर भेदभाव

Maternity Benefit Act, 1961 के अनुसार कोई भी Pregnant Women Employee अगर इस Act के अनुसार काम से अनुपस्थिति होती है तो उस महिला को Job से निकालना गैरकानूनी और अनधिकृत है. The Persons with Disabilities (Equal Opportunities, Protection of Rights and Full Participation) Act, 1995 का Section 24A विकलांग व्यक्तियों को रोजगार में कोई भेदभाव की गारंटी नहीं देता है.

यह मुख्य 10 संकेत हैं कि आप को Work Place पर Mental Harassment किया जा रहा-

आपके Team के अन्य लोग Seniority के आधार पर Top Project, Travel Allowance और Break Time आदि प्राप्त कर रहे हैं. उनके बीच ही आप पाते हैं कि एक ही Team में काम करने के वावजूद आपके Manager या Team Leader के द्वारा आपके अधिकांश Request उचित स्पष्टीकरण के बिना अस्वीकार कर दिए जाते हैं.

आपकी Progress अदृश्य हो जाती है.

आप मान लीजिये कि आपको कुछ Work करने के लिए समय सीमा निर्धारित कर कुछ Instruction के साथ दिया गया हो. इसके लिए आप Hard Work करते हैं. जब आप अपने Target को पूरा करने वाले ही होते हैं तभी उस Project की दिशा में बदलाव आया है. अब आपको उस Project को नए सिरे से शुरू करना पड़ता है. इस दौरान आपके पिछले काम को आपके Progress Report में जोड़ा नहीं जायेगा. इस तरह से आपके पूरा मेहनत करने के बाद भी Company के Change के कारण आपकी Progress अदृश्य हो जाती है.

आपके सभी Decision पर सवाल उठाया गया है

आपको काम करते हुए लगता है कि आपके intuition या decisions पर भरोसा नहीं किया जा रहा है, और आप क्यों समझा नहीं सकते हैं. इसके बाद आप मन में आएगा कि क्या आपके मालिक और अन्य आपको बताएंगे कि आपको क्या करना है (और क्या नहीं करना है). आपको यह समझ आती है कि आपको गलत तरीके से अक्षम माना जाता है और परिणामस्वरूप धीरे धीरे आपकी Decision लेने की क्षमता बहुत कम हो जाती है.

आप सामाजिक रूप से अलगाव कर रहे हैं.

अब अचानक, आपको एक बार उपस्थित होने वाली Meetings से बाहर रखा जाता है. आपके साथ काम करने वाले Co-Staff आपके आने से पहले काम पर Discuss करते हैं और आपको बिल्कुल कोई संकेत नहीं दिया जाता है कि क्या करना है. इसके अलावा, आपको किसी important mail पर Mark नहीं किया गया है. Co-Staff आपसे बचते हैं और कम से कम बातचीत करते हैं. आप यह भी पा सकते हैं कि अब आपके Staff आपको काम के आलावा Tea Break या Lunch Break के लिए आमंत्रित नहीं कर रहे हैं.

आप अक्सर Targeted महसूस करते हैं.

अक्सर, जब आप कोई Comment करते हैं, Suggestion देते हैं या किसी की राय से असहमत होते हैं, तो आप दूसरों के जवाबों के साथ प्रतिक्रिया देते हैं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप सही हैं या नहीं – पुरे Gang की मानसिकता आपको गलत साबित करने के लिए निर्धारित है.

आप स्वास्थ्य संबधी Problem महसूस करते-

Mental रूप से, आप सूख जाते हैं और आपकी Energy  अचानक समाप्त हो जाती है. आप और अधिक सो रहे हैं और बिस्तर से बाहर निकलना आपके लिए एक असली काम है. अपने लोगों के साथ व्यायाम और सामाजिककरण एक कोर है. धमकाने से अवसाद, चिंता, आतंक हमलों और मूड स्विंग हो सकती है. शारीरिक लक्षण हैं जैसे रक्तचाप में वृद्धि, तेज दिल की धड़कन, और भूख की कमी (या अत्यधिक खाने) हो जाती है.

Abuse या अभद्र भाषा-

अगर आप पाते हैं कि आपको इस तरह से मजाक कर दिया जा रहा है जिससे आप असहज और छोटे महसूस कर सकें, और वह भी Verbal  धमकाने वाला हो सकता है. इसके आलावा अपने Senior या अन्य Officer के द्वारा कभी किसी भी रूप में Abuse या अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाए.

आपके काम को Publicly तहजीव नहीं देना-

आपके Hard Work करने और Job के लिए आपका समर्पण आपके मालिक द्वारा स्वीकार नहीं किया जाता है या वे एक Meeting  जैसे सार्वजनिक मीटिंग में आपके Hard Work का Credit किसी और को दे देते हैं.

अनावश्यक आलोचना का सामना करना-

ऐसा लगता है कि आपके मालिक की आंखों में, आप अप्रभावी और गैर-व्यावसायिक हैं. इसलिए आपके लिए हर प्रतिक्रिया हमेशा आलोचना के रूप में प्रदान की जाती है और आपको अपने बारे में भयानक महसूस करने के लिए एक तरीके से वितरित की जाती है. इस दौरना मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए कोई प्रयास नहीं होता है.

अनुचित बाधाओं को प्रस्तुत करना-

आपका Boss जानबूझकर आपके Project को पूरा करने से रोकने के लिए आपके सामने रोडब्लॉक फेंक देता है. अब, यह धमकाने का एक प्रमुख कार्य है.

Work Place में Mental Harassment के साथ कैसे निपटें?

अपने साथ हुए एक-एक वाकया को एक Diary में Record करें. इसके साथ ही कोशिश करें कि अगर हो सके तो धमकाने या गली-गलौज आदि का Audio या Video Recording कर रख लें. इसके साथ ही धमकाने और कार्रवाई करने के लिए तैयार होने के बारे में अपनी Company Policy के बारे में information हांसिल कर लें. कार्रवाई शुरू करने से पहले आप एक Backup योजना के तहत कही अन्य जगह Job की तलाश कर सकते हैं, क्योंकि जब आपके पास Backup नौकरी की सुरक्षा होती है, तो आप स्थिति का सामना करने के लिए और अधिक सक्षम महसूस करते हैं.

इस Mental Harassment at Workplace के कारण अगर कभी आपकी तबियत ख़राब, Depression, BP Low आदि  की problem  हो तो नजदीकी सरकारी अस्पताल में Doctor से अवश्य दिखायें तो उसका Paper संभाल कर रखें.

अगर Boss Mental Harassment कर रहा तो क्या करें?

सबसे पहले आप अपने HR Department/ Higher Management को अपने साथ हुए Mental Harassment की Written Complaint  दें. इसके साथ ही उस Letter  का Receiving जरूर लें. अगर वो Receiving देने से मना करें तो उनके Address पर उस Complaint Letter एक Copy डाक से Speed Post या Registered Post द्वारा भेजें.

इसके बाद उस Complaint Letter के साथ उस Speed Post या Registered Post का Receipt संभाल कर रखें. इसके बाद जब आप Higher Management के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करते हैं, तो पर्याप्त सबूत प्रदान करें. इसके साथ ही आप तैयार रहें कि इसके बाद आपको Job छोड़ना भी पड़ सकता है.

अपने साथ हुए हर incident की information अपने किसी co-staff से अवश्य करें. इसके साथ ही अपने घर वालों से भी जिक्र करें. अब चाहे Mental Harassment कितना भी ज्यादा क्यों न हो कभी भी Suicide या हिंसा का रास्ता नहीं अपनाये. इससे आपके Carrier और Family  पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. अगर आपको लगता है कि उस office के Management अपने Employees की Safety करने में असमर्थ हैं तो Company से बाहर निकलें. मगर जाने से पहले Company को दिए Complaint Letter के साथ स्थानीय पुलिस में Complaint जरूर दर्ज करवाए.

निष्कर्ष

इस प्रकार हम देखते हैं कि भारतीय श्रम कानून न केवल कार्यस्थल पर Sexual Harassment को ध्यान में रखते हैं बल्कि ऊपर बताए अनुसार Work Place पर होने वाले अन्य सभी प्रकार के उत्पीड़न भी होते हैं. उद्योग के लगभग हर क्षेत्र में कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हर मुद्दे पर शासन करने वाली सरकार द्वारा कुछ कार्य निर्धारित किए गए हैं.
फिर भी, भारत में एक कर्मचारी भारत, आईपीसी, और सीपीसी के तहत प्रदान किए गए विभिन्न प्रावधानों के तहत निवारण की तलाश कर सकता है. विभिन्न लेखों के तहत भारतीय संविधान श्रमिक अधिकार प्रदान करता है.
हालांकि स्पष्ट रूप में नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से विभिन्न लेख श्रमिक अधिकारों की रक्षा करते हैं. उदाहरण के लिए, भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 कानून से पहले समानता की अवधारणा को बताता है.
Mewa Ram v. A.I.I. Medical Science केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा –
“the doctrine of ‘equal pay for equal work’ is not an abstract doctrine. Equality must be among equals, unequal people cannot claim equality.”
इसका मतलब है कि “बराबर काम के बराबर वेतन ‘का सिद्धांत एक अमूर्त सिद्धांत नहीं है. समानता बराबर के बीच होना चाहिए, असमान लोग समानता का दावा नहीं कर सकते हैं.”
भारतीय संविधान के विभिन्न Artilce  21, 23, 24, 38, 39, 39-ए, 41, 42, 43, 43-ए और 47 के माध्यम से  नियोक्ता द्वारा कौन सी स्थितियों को प्रदान किया जाना चाहिए इसका एक विचार प्रदान करता है.
हालांकि, इनमें से कुछ लेखों में बाध्यकारी प्रभाव नहीं है जो उदाहरणों पर न्याय में बाधा डालता है. संविधान का भाग 4 सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने और काम के अधिकार को सुरक्षित करने, रोजगार के मामलों में शिक्षा और सार्वजनिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रभावी प्रावधान करने के लिए राज्य के कर्तव्य के बारे में वार्ता करता है, जो इसकी आर्थिक क्षमता की सीमाओं के अधीन है, काम की केवल और मानवीय स्थिति और मातृत्व राहत आदि के लिए विशेष प्रावधान करने के लिए.
उपभोक्ता शिक्षा और अनुसंधान केंद्र बनाम भारतीय संघ के मामले में.
“Right to life includes protection of the health and strength of the worker is a minimum requirement to enable a person to live with human dignity. The right to human dignity, development of personality, social protection, right to rest and leisure are fundamental human rights to a workman assured by the Charter of Human Rights, in the Preamble and Arts.38 and 39 of the Constitution.”

“जीवन के अधिकार में कर्मचारी की स्वास्थ्य और ताकत की सुरक्षा शामिल है, जिससे व्यक्ति को मानव गरिमा के साथ रहने में सक्षम बनाया जा सकता है. मानव गरिमा का अधिकार, व्यक्तित्व का विकास, सामाजिक सुरक्षा, आराम और आराम का अधिकार संविधान के Preamble और Art 38 और 39 में मानव अधिकारों के चार्टर द्वारा आश्वासित कार्यकर्ता के लिए मौलिक मानवाधिकार हैं.”

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10 thoughts on “Mental harassment at workplace (Indian law) क्या है और इससे कैसे निपटें?”

  1. Mai ek sarkari Bank me as a clerk kaam karti hu. Or mujhe mere management wale bar bar transfer karke mentally harassed kar rahe hai… Mai yeah woman employee hu.. Kya mai iske liye sikayat kar sakti hu

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    • आप एक बारे बैंक की ट्रांसफर पॉलिसी पढ़िए और उसमें महिला के लिए क्या कोई provision है. आपको या किसी को भी उसी के हिसाब से ट्रांसफर कर सकते हैं. अगर आपको लगता है कि आपको महिला होने के कारण परेशान कर रहे तो आपके ऑफिस में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी में शिकायत करें.

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  2. Sir main kamal kumar haryana hisar se hamdard company me rohtak hq per job karta tha per 1 mahina pehle company ne chattisgarh transfer kar diya kyoki mera boss mere ko 4 sal se harash kar raha tha jiske karan mujhe diabties aur hypertension ho gayi aur mujhe badnam kiya mere upper attack karvaye taki ye job chod de jab nahi chodi mere transfer kra di company bhi usi ka sath deti hai kyoki muslim company hai kai bar mere boss ki wajah se maine suside karne ki koshish ki mere ghar walo ko bhi pata hai meri tabiyat ab theekh nahi rehti maine kaha hain meri transfer aas pass punjab me kar do per keh rahe 1100 km jao ya resgine do maine medical leave mangi transfer ka reason manga but koi jawab nahi kya karu sir please help

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    • आपका अपनी नौकरी से लेकर सर्विस कंडीशन सम्बंधित कोई भी विवाद है तो आप लेबर कमिश्नर ऑफिस में शिकायत कर सकते हैं. अगर आपके साथ आपका एम्प्लायर या कोई स्टाफ कुछ भी ऐसा करता है तो अपराध की श्रेणी में आता है तो आप पुलिस में शिकायत कर सकते हैं.

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  3. MAI EK PRIVATE COMPANY PICHLE 16.8 YEARS SE JOB KRTAA AA RHA HU LEKIN AB KUCH TIME SE MERE SAAT MENTLEY TORCHER KYA JA RHA HE JB KI ME HR US BAAT KA WRITTEN ME JWAB DE CHUKA HU. MUJE KYA KRNA CHYE MERE SAAT WALE SUSIDE KE LIYE BOLTE HE ME IS KI COMPLAND B HR OR SUPERVISER KO KR CHUKA HU. KUCH SMJ NAI AA RHA KYA KRU. MERA FAMILY COURT ME B

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    • किसी भी समस्या का हल आत्महत्या नहीं है। आपने यह नहीं लिखा कि आपको कौन परेशान कर रहा? ऐसे में आप अपने परिवार के बारे में पहले सोचें और आपको जो कोई भी आत्महत्या के लिए उकसा रहा वह आपका दोस्त नहीं दुश्मन है। ऐसा करना अपराध है। आप अपने कंपनी के उच्चाधिकारियों को शिकायत करें और न सुने तो लेबर कमिश्नर ऑफिस में शिकायत करें। अगर आपके साथ कुछ ऐसा किया जा रहा जो अपराध की श्रेणी में आता तो आप पुलिस में भी शिकायत कर सकते हैं। उससे पहले आपको बता दूँ कि आपको अपने अधिकारियों के प्रति जागरूक होना होगा। आप जागरूकता से ही इसका हल निकाल सकते हैं। हमारे ब्लॉग पर इससे सम्बंधित दर्जनों पोस्ट मिल जायेंगे। आप उसको पढ़िए।

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  4. मै एक privet स्कूल मै teacher हू मेरी school मै भी मुझे बोहोत harassment की जाती है स्कूल के result गायब कर देना.
    10 वी का record गायब करना.,कोई भी काम कै लिये apriciation न देना.
    Fevarisum एक ही teacher की सरहाना करना बाकी लोगोंको कम समजना.
    कोणासभी नया काम आधा बताना जो की मेरे काम मै कमी रह जाये ये देखना.
    Manegment को मेरी झुटीं शिकायत करना.
    मुझे समझ मै नाही राहा है मै क्या करू please help me

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    • यह तो बहुत गलत बात है. इससे यही लगता है कि वो आपको नौकरी से निकालना चाहते हैं. वो इसलिए आपको परेशान कर रहे हैं. ऐसे में आपको हिम्मत से काम लेना चाहिए और आपका परेशान करें तो आप लिखित शिकायत कर रेकार्ड में मामले को लाइए

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  5. Sir m ak private टेलीकॉम कंपनी में काम krta hu , हमे एक लोकेशन मै टावर को मैनेज करना होता है और हर एक कर्मचारी को according to distance tower mange krne hote h , mere pass pahle 13 tower the aur 80-100 km ka area tha बेरोजगारी के इस दौर पर मेने काम करना शुरू किया बाद में 2 new site aaye boss ny bola heldel kr lo hum adjustment kr lygye uske baad ak aur aa gye fir bola hum ak aur parsion ko add kr dey aap kuch time nikalo मैं दिन रात न सोने का टाइम न खाना खाने का टाइम काम कर रहा अब एक और साइट मुझे दे रहे है मै पहले ही 16 साइट बहुत मुस्किल से मैनेज कर रहा हु बॉस और compnye को कोई सुध nhi है मुझे डरा के बोल रहे हैं की एक दो month aur dykh ly मैं बहुत प्रेसान हो रहा हु मुझे कोई रास्ता बताओ मै क्या kru

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    • आप अपने मैनेजमेंट से लिखित में बात करें। अक्सर हमारी ही गलती होती है कि हम पीठ झुकाते जाते हैं और वो हमारे ऊपर धीरे-धीरे बेरोजगारी का भय दिखाकर बोझ डालते जाते हैं.

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