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    Minimum Wages in Delhi कल सुप्रीम कोर्ट में फैसले की उम्मीद

    Minimum Wages in Delhi कल सुप्रीम कोर्ट में फैसले की उम्मीद

    दिल्ली के मजदूरों के न्यूनतम वेतन का केस सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग हैं. माननीय सुप्रीम कोर्ट आर्डर के अनुसार दिल्ली सरकार ने मजदूरों के लिए मार्च 2017 के नोटिफिकेशन का जारी करते हुए दुबारा से नया न्यूनतम वेतन रिफिक्स कर लिया हैं. जिसके बाद इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होती तय हुई थी. पिछले कई डेट पर डेट मिलने के बाद कल यानी 23 जुलाई 2019 को फैसले की उम्मीद हैं.
     

    Minimum Wages in Delhi

    दिल्ली सरकार ने मजदूरों के लम्बे मांग के बाद लाखों मजदूरों के हक़ में सरकार ने मार्च 2017 में 37 प्रतिशत न्यूनतम वेतन की वृद्धि की थी. यह मजदूरों के लम्बे संघर्ष का नतीजा ही था. मगर मजदूरों की यह ख़ुशी मालिकों को राश नहीं आई. वो लोग इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट चले गए. जिसके बाद हाईकोर्ट ने लगभग 2 साल के बाद उस नोटिफिकेशन को असंवैधानिक बता कर रद्द कर दिया.
     

    दिल्ली हाईकोर्ट के आर्डर 04.08.2018 के बाद दिल्ली सरकार द्वारा बढ़ा हुआ Notification ही रद्द कर दिया. जिसके बाद दिल्ली सरकार के नोटिफिकेशन दिनांक 05.08.2019 के अनुसार पुनः दिल्ली के मजदूरों का न्यूनतम वेतन घटकर पहले जितना हो गया.

    इसके बाद मजदूरों के भारी दवाब को देखते हुए Delhi Govt. ने मजदूरों के इस मामले को Supreme Court में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने इस Notification को पुनः बहाल करते हुए दिल्ली सरकार को 3 महीने के अंदर कमेटी बनाकर Minimum Wages Re-fixed करने का आर्डर दिया.

    सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के अनुसार दिल्ली सरकार ने नया न्यूनतम वेतन तय करने के लिए न्यूनतम वेतन सलाहकार समिति (Minimum Wages Advisory Board) का गठन किया. इस न्यूनतम वेतन सलाहकार समिति ने 15 फरवरी 2019 को अपने अंतिम मीटिंग में दिल्ली का नया न्यूनतम वेतन तय कर लिया.

    जिसके अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के बाद दिल्ली सरकार ने जो न्यूनतम वेतन तय किया, वो इस प्रकार से हैं-
    • अकुशल श्रेणी के लिए 14842 रुपए प्रतिमाह,
    • अर्ध कुशल श्रेणी के लिए 16341रुपए प्रतिमाह
    • कुशल श्रेणी के लिए 17991 रुपए प्रतिमाह
    • उच्च कुशल या स्नातक या उससे अधिक के लिए 19572 रुपए प्रतिमाह 
    जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी हैं. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वेवसाइट के अनुसार सुनवाई की की डेट 25 मार्च, 12 अप्रैल और फिर 3 मई 2019 सिलसिलेवार ढंग से दिखाया गया. मगर विगत 3 मई 2019 को भी सुनवाई नहीं हुई और जिसके बाद किसी तरह 2 जुलाई 2019 को सुनवाई हुई.

    Minimum Wages in Delhi कल सुप्रीम कोर्ट में फैसले की उम्मीद?




    जैसे कि हमने पहले बताया था कि न्यूनतम वेतन सलाहकार समिति का रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में देर से जमा किया गया. जिसके कारण मालिक पक्ष ने उसपर रिप्लाई देने के लिए समय मांग लिया. जिसके बाद माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई 2019 को अंतिम डेट दी हैं. अगर आप केस के सुनवाई में देरी की वजह जानना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
     

    कल सुप्रीम कोर्ट में फैसले की उम्मीद 


    हमें उम्मीद हैं कि कल सुनवाई भी होगी और दिल्ली के 50 लाख मजदूरों के हक में भी फैसला होगा. अगर यह मजदूरों के हक़ में फैसला होता है तो उम्मीद हैं कम से कम दिल्ली का न्यूनतम वेतन  अकुशल श्रेणी के लिए 14842 हो जायेगा. जिसके बाद अगर दिल्ली सरकार अप्रैल का मंहगाई भत्ता में अगर 500 रुपया भी वृद्धि करे तो कम से कम 15342 तक हो सकता हैं. मगर यह सब कल माननीय कोर्ट के समझ सरकार के तरफ से बहस, सुनवाई और आर्डर के बाद ही संभव हैं.

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