CSP Bank Grahak Seva Kendra ग्राहकों के साथ फर्जीवाड़ा करते हैं, उससे कैसे बचें?

CSP Bank Grahak Seva Kendra की शुरुआत गांव-गांव, गली-गली में ग्राहकों को सुविधा देने के नाम पर की गई है। ऐसे तो बैंक के तरफ से बैंक ग्राहक सेवा केंद्र में पैसा जमा करवाना, पैसे निकालना, नए खाता खुलवाना नियमानुसार मुफ्त है। जबकि उनको धोखा में रखकर कुल पैसे निकासी का कुछ प्रतिशत अलग से चार्ज जाता है। यही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में तो अनपढ़ मजदूर किसानों के साथ ठगी का मामला भी देखने को मिला है। आज हम आपको बतायेंगे कि बैंक ग्राहक सेवा केन्द्र ग्राहकों के साथ कैसे फर्जीवाड़ा करते हैं, उससे कैसे बचें?

CSP Bank Grahak Seva Kendra ग्राहकों के साथ फर्जीवाड़ा

ईभारत न्यूज पोर्टल के रिपोर्ट के अनुसार सीतामढ़ी जिले के SBI ग्राहक सेवा केंद्र से ग्राहकों के करोड़ों रुपया फर्जीवाड़ा किया गया था। जिसमें गरीब गुरबे को धोखे से अंगूठा लगाकर पैसा निकासी कर लिया गया। यही नहीं बल्कि आजमगढ़ में तो ग्राहकों के अंगूठे के निशान का क्लोन बनाकर बैंक ग्राहक सेवा केंद्र के जरिए ठगी का इंजाम दिया रहा था। जिससे ज्यादातर शिकार गरीब और अनपढ़ मजदूरों को बनाया जाता है, क्योंकि उनको निशाना बनाना और लूटना सबके लिए काफी आसान होता है।

CSP – ग्राहक सेवा केंद्र में क्या क्या काम होता है?

आज गांव-गांव गली-गली में विभिन्न बैंकों के ग्राहक सेवा केन्द्र कुकुरमुत्ते की तरह देखने को मिलते हैं। जिसमें अधिकतर गांव के निरक्षर, मजदूर, महिला एंव बुजुर्ग लोग खाता खुलवाते हैं। उनको एटीएम, इंटरनेट जैसी सुविधाओं की जानकारी नहीं होती है और बैंक की मेन शाखा को घर से दूर होने की वजह से सीएसपी जाना पसंद करते हैं। अगर वो गलती से बैंक चले भी जाते हैं तो बैंक के अधिकारी/कर्मचारी के द्वारा उनको ग्राहक सेवा केंद्र जाने को कहा जाता है। जिसके बाद उन गरीबों के साथ ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक द्वारा विभिन्न तरीके से फर्जीवाड़े की घटना देखने को मिली है-

  • CSP संचालक द्वारा नगद निकासी पर चार्ज लिया जाता है, जबकि यह बैंक के तरहफ से मुफ्त सेवा है।
  • CSP संचालक द्वारा खाते खुलने के बाद भी खाता धारक को खाता संख्या/पासबुक नहीं दिया जाता है।
  • CSP संचालक द्वारा ग्राहक के अंगूठे का क्लोन बनाकर पैसे की निकासी कर कर लेना।
  • CSP संचालक द्वारा खाता बैलेंस चेक करने के बहाने अंगूठा लगवाकर ग्राहक का पैसा निकासी कर लेना।

यही नहीं बल्कि आनंद मोहन (बदला नाम) नामक ग्राहक के साथ तो नया वाकया हो गया। उसने अपना खाता ग्राहक सेवा केन्द्र में खुलवाकर 10 हजार रुपया जमा करवाया। जिसके तकरीबन 3 महीने बाद 3 हजार निकालवा लिया। मोहन को पता था कि उसके खाते में अब 7 हजार रुपया बचा है। जबकि बीच में उसके खाते में बैंक द्वारा दी जाने वाली ब्याज की राशि सीएसपी संचालक ने कब निकाल लिया उनको पता ही नहीं चला।

CSP Bank Grahak Seva Kendra – पैसा मंगवाकर फर्जी निकासी करवा लिया

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यही नहीं बल्कि गांव में रहने वाले गरीब अनपढ़ लोग कुछ रुपया पैसा पाने की लोभ में अपना महत्वपूर्ण दस्तावेज (आधार कार्ड/वोटर कार्ड/राशन कार्ड इत्यादि) गलत आदमी को दे देते हैं। वह आदमी उनके नाम पर ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालको के मिली भगत से बैंक खाता खुलवा लेता है। जिसमें वो अंगूठा का बॉयोमेट्रिक्स की जगह अपने किसी अन्य फर्जी व्यक्ति का अंगूठा लगवा लेता है। जिस बैंक खाते में मनरेगा आदि का पैसा मंगवाकर फर्जी निकासी करवा लिया जाता है। जिसके बदले में खाताधारी को दो तीन सौ रुपया पकड़ा दिया जाता है।

CSP SCAM – मनरेगा का फर्जी खाता पर किसी सरकारी योजना

जिन लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलता है। उनको मनरेगा से जाॅब कार्ड बनाया जाता है। उस जाॅब कार्ड पर घर बनाने के लिये लगभग 17,500 रूपया मजदुरी का भुगतान किया जाता है। जबकि ग्रामीण भोले-भाले होने और कुछ लोभ के कारण विचौलियों और ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक के झांसे में आकर मनरेगा का फर्जी खाता खुलवा लेते है। यही मनरेगा का फर्जी खाता पर किसी सरकारी योजना जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के मजदूरी का भुगतान, शौचालय प्रोत्साहन राशि, कृषि अनुदान, सामाजिक सुरक्षा अन्तर्गत सभी प्रकार के पेंशनधारियों का भुगतान, आदि उसी फर्जी खाते पर कर दिया जाता है। जिसकी जानकारी विचैलिया और ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालको लग जाती है और ये दोनों मिलकर रूपया गवन कर लेते है।

CSP ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक फर्जीवाड़े से कैसे बचें ?

  • किसी भी बैंक के ग्राहक सेवा केन्द्र में खाता न खुलवायें।
  • अगर मनरेगा का फर्जी खाता खुल भी गया है तो तुरंत इसकी शिकायत करें और उस फर्जी का खाता को बन्द करवा लें।
  • किसी योजना के लाभ लेने के लिए अगर विचौलिया दस्तावेज मांगे और कहे कि हम खाता खुलवा देंगे तो ऐसे विचौलियों का अपना दस्तवोज न दे, स्वयं खुद जाकर किसी बैंक के मुख्य शाखा में खाता खुलवायें।
  • अपने बैंक अकाउंट में अपना मोबाइल रजिस्टर्ड करवा कर रखें ताकि हर लेन-देन का मैसेज आ सके।
  • अगर आपका खाता किसी बैंक में है तो अपने खाते का बैलेंस चेक करने के लिए बैंक के टॉल फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल सेवा का उपयोग करें। जिसके लिए अपने बैंक में आपको अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करना होगा। अगर आप किसी ग्राहक सेवा केन्द्र में अगुंठा (फिंगर) लगाते है संचालक आपका खाता साफ़ कर सकता हैं।
  • अगर आप अपने खात से किसी ग्राहक सेवा केन्द्र से रूपया निकासी करते है तो उस ग्राहक सेवा केन्द्र से रूपया निकासी के रसीद देने का प्रावधान हैै, रसीद की मांग करें।

CSP Bank Grahak Seva Kendra ग्राहकों के साथ फर्जीवाड़ा करते हैं, उससे कैसे बचें?

CSP ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक फर्जीवाड़े के विरूद्ध शिकायत कैसे करें?

अगर आपके साथ CSP संचालक द्वारा फर्जीवाड़ा किया जाता है। ऐसे में फर्जीवाड़े का सबूत (बैंक से पैसा कटने/निकालने का पासबुक प्रिंट) प्राप्त कर लें। जिसके बाद आप पाने बैंक के मैनेजर के पास लिखित शिकायत करें और उसका कॉपी लगाकर नजदीकी थाना में एफआईआर दर्ज करवायें। अगर आपके शिकायत के 30 दिन के अंदर बैंक जवाब न दें तो आप बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। अगर इसके बाद भी काम न हो तो हमें कमेंट कर बतायें फिर हम आपको आगे की कार्रवाई की जानकारी देंगे।

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