Sahara India Refund Portal Updates – सहारा इंडिया में पैसा फंसा है तो आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आये हैं। आपको बता दें कि एक बार फिर से लोकसभा में 17.03.2026 को सहारा इंडिया के पैसा वापसी को लेकर आवाज उठा है। जिसका अमित शाह ने जवाब देते हुए बताया कि कैसे और किसको पैसा मिलेगा। जिसकी पूरी जानकारी आपके लिए लेकर आये हैं।
Sahara India Refund Portal Updates अमित शाह
देश के करोड़ों निवेशकों का सहारा इंडिया के नाम पर पैसा फंसा है। जिसके लिए वो पिछले कई वर्षों से प्रयास कर रहे हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय एक सहारा रिफंड पोर्टल लेकर आती है। जिस पोर्टल से किसको कैसे और कितना पैसा वापस मिला, इसका इस पोस्ट में माध्यम से उपडेट लेकर आये हैं। जो कि खुद अमित शाह, सहकारिता मंत्री ने लोकसभा में जवाब दिया है।
लोकसभा में पूछा
लोकसभा में श्री राजीव राय ने सहकारिता मंत्री से सहारा सहकारी समितियों में धन वापसी का उपडेट के लिए सहारा से संबंधित सहकारी समितियों में आज की तारीख तक जमा राशि और निवेशकों के नामों का विवरण, निवेश किए गए उन निवेशकों की कुल संख्या जिन्हें अभी तक निवेश के बदले धन वापसी नहीं मिली। यही नहीं बल्कि पिछले पांच वर्षों के दौरान निवेशकों द्वारा खाते के विरुद्ध प्राप्त आवेदनों और दावों की कुल संख्या आदि जैसे महत्वपूर्ण सवाल पूछें।
अमित शाह ने दिया जवाब
जिसका जवाब सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने दिया कि बहुराज्यीय सहकारी समितियां (एमएससीएस) अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत पंजीकृत सहकारी समितियां स्वायत्त सहकारी संगठनों के रूप में कार्य करती हैं और अपने सदस्यों के प्रति जवाबदेह होती हैं। बहुराज्यीय सहकारी समितियों को बहुराज्यीय सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों के प्रावधानों के अनुसार कार्य करना आवश्यक है, साथ ही समिति के अनुमोदित उपनियमों के अनुसार भी कार्य करना आवश्यक है, जिनमें सदस्यों, बोर्ड, समिति की आम सभा और सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) की भूमिकाएं और शक्तियां शामिल हैं।
सहकारिता मंत्रालय द्वारा WP (C) संख्या 191/2022 (पिनाक पानी मोहंती बनाम भारत संघ और अन्य) में दायर अंतरिम आवेदन पर, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 29.03.2023 को अन्य बातों के साथ यह आदेश दिया कि सहारा-एसईबीआई रिफंड” खाते में जमा कुल 24,979.67 करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को हस्तांतरित किए जाएं। जो बदले में, सहारा समूह की सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं के वैध बकाया के विरुद्ध इसका वितरण करेंगे, जिसका भुगतान वास्तविक जमाकर्ताओं को सबसे पारदर्शी तरीके से और उचित पहचान के बाद तथा उनके जमा और दावों के प्रमाण प्रस्तुत करने पर किया जाएगा और सीधे उनके संबंधित बैंक खातों में जमा किया जाएगा।
इस राशि के वितरण की निगरानी और देखरेख न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी, इस न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, और श्री गौरव अग्रवाल, विद्वान अधिवक्ता, जो न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी की सहायता के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किए गए हैं, द्वारा की जाएगी। साथ ही, यह निगरानी सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं को राशि वितरित करने में सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार की भी होगी। भुगतान करने की विधि और प्रक्रिया सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार द्वारा इस न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी और श्री गौरव अग्रवाल, विद्वान अधिवक्ता के परामर्श से तय की जाएगी।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 29.03.2023 के आदेश के अनुपालन में, सहारा समूह की चार बहुराज्यीय सहकारी समितियों, अर्थात् सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता और स्टार्स मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद के वास्तविक जमाकर्ताओं द्वारा अपनी वैध जमा राशि की वापसी के लिए दावे प्रस्तुत करने हेतु एक ऑनलाइन पोर्टल “सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल” https://mocrefund.crcs.gov.in का शुभारंभ 18.07.2023 को किया गया है। वितरण की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल और कागजरहित है और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी के पर्यवेक्षण और निगरानी में श्री गौरव अग्रवाल, एमिकस क्यूरी की सहायता से संचालित की जाती है।
कितना तक पैसा मिल रहा
Sahara India Refund Portal पर प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से, उचित पहचान और पहचान एवं जमा राशि के प्रमाण प्रस्तुत करने पर की जाती है। भुगतान सीधे वास्तविक जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा किया जाता है। वर्तमान में, सहारा सहकारी समितियों के समूह के प्रत्येक वास्तविक जमाकर्ता को सत्यापित दावों के आधार से जुड़े बैंक खाते के माध्यम से ₹50,000/- तक का भुगतान किया जा रहा है।
किसको पैसा मिला
यदि पोर्टल पर जमाकर्ता के आवेदन में कोई खामी पाई जाती है, तो जमाकर्ताओं को पुनः आवेदन जमा करने के लिए सूचित किया जाता है, जिसके लिए पुनः आवेदन जमा करने का पोर्टल 15.11.2023 को शुरू किया गया था। फरवरी 2026 तक, सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल पर निवेशकों द्वारा 1,45,15,611 आवेदन और 4,06,25,476 दावे किए गए। सहारा सहकारी समितियों के समूह के 40,33,448 निवेशकों को 8,783.55 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि ‘सहारा-एसईबीआई रिफंड खाते’ से सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को हस्तांतरित की जाए और जमाकर्ताओं को रिफंड के वितरण के लिए 31.12.2026 तक का विस्तार दिया है। निवेशकों को रिफंड की पूरी प्रक्रिया माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है।
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Surjeet Shyamal एक श्रमिक जागरूकता लेखक हैं, जो Private Employees को PF, वेतन, ग्रेच्युटी और लेबर कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल हिंदी में प्रदान करते हैं। उनका लक्ष्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और सही मार्गदर्शन देना है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य जीवन जी सकें। Read More