Sahara India Refund Portal Update – सहारा इंडिया में पैसा फंसा है तो आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आये हैं। सहारा रिफंड को लेकर एक बार फिर से संसद में मामला उठा है। जिसमें मोदी सरकार के द्वारा सहारा रिफंड के साथ ही राज्यवार ब्योरा दिया गया है। आइये जानते हैं कि आखिर सरकार ने क्या जवाब दिया?
Sahara India Refund Portal Update – संसद में राज्यवार ब्यौरा
पुरे देश के जमाकर्ता सहारा इंडिया का पैसा वापसी का इन्तजार कर रहे हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मोदी सरकार Sahara India Refund Portal के माध्यम से पैसा वापसी का भरोसा दिलाया था। अब आपमें से कितने लोगों को पैसा मिल पाया है यह तो आप बेहतर बता सकते हैं। अभी 3 फरवरी 2025 को संसद सदस्य राज कुमार रोत ने लोकसभा में सहारा रिफंड को लेकर आवाज उठाया है।
सहकारिता मंत्री से यह बताने की कृपा करें:
(क) उन समितियों का विवरण जिनसे जमाकर्ताओं को सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से देश भर में, राज्यवार और जिलावार, विशेषकर राजस्थान राज्य में, धन वापसी का भुगतान किया जा चुका है;
(ख) क्या यह सच है कि सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 3,500 जमाकर्ताओं को एक सोसाइटी से 4 लाख रुपये प्राप्त हुए?
(ग) क्या अन्य समितियों के माध्यम से हजारों अन्य जमाकर्ताओं को भुगतान अभी भी लंबित है? यदि हां, तो
जमाकर्ताओं की कुल संख्या और उन्हें अभी तक किए जाने वाले भुगतान की राशि क्या है?
घ) जमाकर्ता के नाम और भुगतान के लिए लंबित राशि का विवरण
(ई) क्या सरकार बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के शेष जमाकर्ताओं को सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से भुगतान करने का प्रस्ताव करती है;
और
(f) यदि हां, तो उसका विवरण और वह समय सीमा जिसके भीतर इसे पूरा किए जाने की संभावना है; यदि नहीं, तो इसके कारण बताएं?
सहारा इंडिया रिफंड पर अमित शाह ने क्या कहा
सहकारिता मंत्री
(श्री अमित शाह)
(क) से (च): सहकारिता मंत्रालय द्वारा डब्लूपी (सी)
संख्या 191/2022 (पिनाक पानी मोहंती बनाम भारत संघ और अन्य) में दायर अंतरिम आवेदन पर, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 29.03.2023 को अन्य बातों के साथ-साथ आदेश दिया कि:
“(i) सहारा-एसईबीआई रिफंड खाते में जमा कुल 24,979.67 करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को हस्तांतरित किए जाएं, जो बदले में सहारा समूह की सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं के वैध बकाया का भुगतान करेंगे, जो वास्तविक जमाकर्ताओं को सबसे पारदर्शी तरीके से और उचित पहचान के बाद तथा उनके जमा और दावों के प्रमाण प्रस्तुत करने पर भुगतान किया जाएगा और सीधे उनके संबंधित बैंक खातों में जमा किया जाएगा।
(ii) इस राशि के वितरण की निगरानी और देखरेख न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी, इस न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, और श्री गौरव अग्रवाल, विद्वान अधिवक्ता, जो न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी और सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार की सहायता के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किए गए हैं, द्वारा की जाएगी। यह व्यवस्था सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं को राशि वितरित करने में उनकी सहायता करेगी। भुगतान करने की विधि और प्रक्रिया सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार द्वारा न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी, इस न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और श्री गौरव अग्रवाल, विद्वान अधिवक्ता, के परामर्श से तय की जाएगी।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 29.03.2023 के आदेश के अनुपालन में, सहारा समूह की चार बहुराज्यीय सहकारी समितियों, अर्थात् सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ, सहरायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता और स्टार्स मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद के वास्तविक जमाकर्ताओं द्वारा अपनी वैध जमा राशि की वापसी के लिए दावे प्रस्तुत करने हेतु एक ऑनलाइन पोर्टल “सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल” https://mocrefund.crcs.gov.in का शुभारंभ 18.07.2023 को किया गया है। संपूर्ण वितरण प्रक्रिया डिजिटल और कागजरहित है और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी के पर्यवेक्षण और निगरानी में की जा रही है।
इस प्रक्रिया में एमिकस क्यूरी श्री गौरव अग्रवाल की सहायता ली जा रही है।
पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से, उचित पहचान और पहचान तथा जमा राशि के प्रमाण प्रस्तुत करने पर की जा रही है। भुगतान सीधे वास्तविक जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा किया जा रहा है।
वर्तमान में, आधार से जुड़े बैंक खाते के माध्यम से सत्यापित दावों के आधार पर सहारा समूह की सहकारी समितियों के प्रत्येक वास्तविक जमाकर्ता को केवल 50,000 रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है।
इसके अलावा, पोर्टल पर जमाकर्ता के आवेदन में कोई कमी पाए जाने की स्थिति में, उन्हें 15.11.2023 को पहले से ही शुरू किए गए पुनः जमा पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन पुनः जमा करने के लिए सूचित किया जा रहा है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि
सहारा-एसईबीआई रिफंड खाते से सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को हस्तांतरित की जाए और
जमाकर्ताओं को रिफंड के वितरण के लिए 31.12.2026 तक का विस्तार दिया गया है।
Sahara India Refund Portal Update – संसद में राज्यवार ब्यौरा
सहारा समूह की सहकारी समितियों के 39,46,550 जमाकर्ताओं को 20.01.2026 तक 8,429.42 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। राजस्थान सहित जमा राशि की वापसी का राज्यवार विवरण अनुलग्नक के रूप में संलग्न है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, जमाकर्ताओं का जिलावार और लोकसभा
निर्वाचन क्षेत्रवार विवरण “सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल” पर नहीं रखा जाता है।
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Surjeet Shyamal एक श्रमिक जागरूकता लेखक हैं, जो Private Employees को PF, वेतन, ग्रेच्युटी और लेबर कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल हिंदी में प्रदान करते हैं। उनका लक्ष्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और सही मार्गदर्शन देना है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य जीवन जी सकें। Read More