Sahara India me Jama Paisa Kab Milega, पटोरी में संचालित शाखा की हकीकत?

आज भी लोग सहारा इंडिया में जमा पैसा को वापस पाने के लिए लोग बाट जोह रहें हैं। जबकि पिछले हप्ते सहारा प्रमुख ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सभी निवेशकों का एक-एक पैसा वापस कर दिया। अब ऐसे में आप बतायें कि क्या आपका जमा पैसा वापस मिला? अगर आपमें से कोई आज भी पटोरी समस्तीपुर बिहार के सहारा इंडिया शाखा की तरह पैसे जमा करा रहे हैं तो हम आपको सहारा इंडिया के नाम पर संचालित शाखा की सच्चाई बतायेंगे। साथ ही बतायेंगे कि इस परिस्थिति में Sahara India me Jama Paisa Kab Milega?

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आज भी बिहार, समस्तीपुर अंतर्गत पटोरी अनुमंडल क्षेत्र में गैर-कानूनी तरीके से सहारा इंडिया की कई शाखायें स्थानीय प्रशासन की आँखों में धूल झोंक कर चलाई जा रही है। जिसमें एक शाखा तो पटोरी थाना से मात्र 100 मीटर की दूरी पर शहजादी मार्केट तो दूसरी अनुमंडल कार्यालय से 1 किलोमीटर की दुरी पर विशेश्वर भवन, पुरानी बाजार में बाकायदा “सहारा इंडिया” का बोर्ड लगाकर संचालित किया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सहारा इंडिया के बैंकिंग सेवाओं पर 2008 में रोक के बाद 2015 में लाइसेंस ही रद्द कर दिया है। जिसका एक-एक प्रूफ हमारे इस पोस्ट में अटैच मिलेगा, ताकि आप खुद से चेक कर संतुष्ट हो सकें।

आरबीआई ने सहारा इंडिया का लाइसेंस रद्द कर दिया?

भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45K और 45MB(1) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जिसका पंजीकृत कार्यालय भवन, कपूरथला कॉम्प्लेक्स, अलीगंज, लखनऊ-226024 है, पर तत्काल प्रभाव से 17 जून 2008 को ही रोक लगा दिया था। जिसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड का लाइसेंस 3 सितंबर 2015 को रद्द कर दिया। अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द होने के बाद, सहारा इंडिया गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान के व्यवसाय का लेनदेन नहीं कर सकता है।

माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 31 अगस्त 2012 में सहारा इंडिया को सभी निवेशकों का पैसा वापस करने का आदेश जारी किया गया था। जबकि अन्य जगहों की भाँति पटोरी में निवेशकों के पैसा वापस लौटाने की जगह विभिन्न सहकारी समिति के अलग-अलग योजनाओं में झांसा/धोखा देकर कन्वर्ट कर दिया गया । जिनकी संख्या हजारों से अभी अधिक है। लोग अपना जमा रकम वापस पाने के लिए दर-दर की ठोकर खा रहें मगर सुनने वाला कोई नहीं है।

अपना कागज चेक करेंगे तो सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड की जगह

अगर आप अपना तथाकथिक सहारा इंडिया के एजेंट के द्वारा दिया कागज चेक करेंगे तो सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड की जगह आपको “सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, “हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड”, सहारयन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड लिखा मिलेगा। जबकि आप आज तक उसको सहारा इंडिया फिनेंशल कारपोरेशन लिमिटेड पढ़ और समझ रहे थे । खैर, घबराइये नहीं बल्कि आगे हम इसकी भी हकीकत बताने जा रहे हैं।

आपको बता दें कि बैंकिंग नियमन एक्ट 1949 में संशोधन के बाद 29 सितंबर, 2020 से बैंकिंग नियमन एक्ट 2020 प्रभाव में आ चुका है। बैंकिंग नियमन एक्ट 1949 की धारा 7 के अनुसार बैंककारी कंपनी से भिन्न कोई भी कंपनी बैंक, बैंककार, बैंकिंग शब्द का प्रयोग न तो करेगी तथा कोई भी कंपनी इन शब्दों में से कम से कम किसी एक का प्रयोग अपने नाम के भाग के रूप में किए बिना भारत में में बैंककारी कारोबार नहीं करेगी।

Banking Act 1949, Section 7
Banking Act 1949, Section 7

सहकारी समितियों को गैर-सदस्यों या ग्राहकों से पैसे जमा कराने का भी अधिकार नहीं है- RBI

रिजर्व बैंक ने 22 नवंबर 2021 को चेतावनी जारी कर कहा था कि सहकारी समितियों को गैर-सदस्यों या ग्राहकों से पैसे जमा कराने का भी अधिकार नहीं है और ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जबकि सहारा इंडिया में नाम पर आपको जो पेपर पकड़ा दिया गया है वह भी विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से हैं। जो कि भारत में गैर-क़ानूनी ढंग से बैंकिंग का कारोबार कर रही।

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नवभारत टाइम्स के रिपोर्ट के अनुसार सहारा ग्रुप की कंपनियों पर निवेशकों से 50,000 करोड़ रुपये जुटाने और फिर इन पैसों के गबन का आरोप है। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) निवेशकों को मैच्योरिटी का पैसा नहीं दिया गया और उन्हें इसे ग्रुप की दूसरी कंपनियों की स्कीमों में कन्वर्ट करने के लिए मजबूर किया गया। जिसकी सुनवाई माननीय सुप्रीम कोर्ट में अभी विचाराधीन है। जहां सहारा प्रमुख ने कहा है कि सभी निवेशकों के पैसे लौटा दिए गए हैं।

सहारा इंडिया पैसा नहीं दे रहा है क्या करें?

अभी हाल ही में हिंदुस्तान अख़बार के माध्यम से बिहार सरकार ने जमाकर्ताओं का पैसा वापस नहीं करने पर शिकायत सांस्थिक वित्तीय संस्थान निदेशालय, वित् विभाग, पटना, अथवा अपर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना और क्षेत्राधिकार से संबंधित जिलाधिकारियों को सक्षम प्राधिकार शिकायत देने को कहा है।

जिनको सहारा समूह समेत किसी भी गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनी द्वारा यदि निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की जाती है तो सम्बंधित कम्पनी के विरुद्ध बिहार जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम यथा संसोधित अधिनियम के प्रावधानों तथा अन्य सुसंगत कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई सरकार/सक्षम पदाधिकारी के द्वारा की जायेगी।

अगर आपका पैसा सहारा इंडिया नही दे रहा तो अपने क्षेत्र के डीएम के पास लिखित शिकायत करें। अगर आपका पैसा सहारा के नाम पर लेकर किसी फर्जी सोसाइटी का पेपर पकड़ा दिया गया है। ऐसे धोखा होने के स्थिति में आप अपने स्थानीय थाने में पूरी जानकारी के साथ अपने एजेंट का नाम पता लिखकर FIR के लिए लिखित आवेदन रजिटर्ड पोस्ट/स्पीड पोस्ट से भेजें।

पटोरी में फर्जी तरीके से सहारा इंडिया का शाखा चल रहा

अभी तक आपको स्पष्ट हो गया होगा कि आपके साथ धोखा हो रहा है या नहीं? हमने पटोरी एसडीओ महोदय को फोन से सूचित किया कि पटोरी में फर्जी तरीके से सहारा इंडिया का शाखा चलाया जा रहा तो उन्होंने आरबीआई का पेपर/शिकायत की मांग की। कल ही उनके साथ ही जिलाधिकारी महोदय, गवर्नर, आरबीआई, भारत सरकार, बिहार सरकार, श्री केशव चंद्रा, डायरेक्टर, एसएफआईओ व् अन्य सम्बंधित अधिकारियो को लिखित शिकायत ईमेल के द्वारा भेज दिया है।

सहारा इंडिया के सभी शाखाओं पर रोक लगाईं जाए।

हमने अपने शिकायत के माध्यम से  मांग किया है कि पटोरी अनुमंडल क्षेत्र में संचालित सहारा इंडिया के सभी शाखाओं पर अविलंब कानूनी कार्रवाई करते हुए फर्जीवाड़े के तहत नए सिरे से पैसा निवेश/रिन्यू पर रोक लगाईं लगाने जाए। जिसकी जानकारी प्रिट व अन्य सभी मिडिया के माध्यम से जनता के जागरूकता के लिए दी जाए।

साथ ही पटोरी अनुमंडल अंतर्गत अविलम्ब नोडल अधिकारी की नियुक्ति/तैनाती कर सहारा इंडिया/उसके सहकारी समितियों के ग्राहकों का आवेदन/क्लेम प्राप्त कर सक्षम पदाधिकारी/जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से जनहित में ब्याज समेत रिफंड दिलाने में सहायता प्रदान की जाए।

आगामी 21 फरवरी 2020 को अनुमंडल कार्यालय घेराव

दोस्तों, हमें पता है कि आपका पैसा ठगा गया है इसलिए वापस मिलना काफी आसान नहीं है। जिसके लिए हम कानून के दायरे में रहकर ही मांग कर सकते हैं। मगर हमारी प्राथमिकता है कि सहारा इंडिया के नाम पर जो लोग आज भी पैसा जमा कर रहें उनको आँखें खुले और पैसा जमा करना बंद करें।

कल ही धमौन में सहारा इंडिया के निवेशकों के साथ मीटिंग कर सोये सरकार/प्रशासन को जगाने के लिए आगामी 21 फरवरी 2022 को सुबह 10 बजे पटोरी स्टेशन से चलकर अनुमंडल कार्यालय घेराव का प्रस्ताव पास हुआ है। जिसमें आप पढ़े-लिखे लोगों के सहयोग की जरूरत पड़ेगी। आपसे निवेदन है कि आप अपने आस-पास के लोगों तक जानकारी पहुंचायें। धन्यबाद

सुरजीत श्यामल, लेबर एक्टिविस्ट

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