About Me

मैं सुरजीत श्यामल WorkerVoice.in के लिए Blogging कर रहा हूँ। मैं न तो कोई लेखक हूँ और न ही पत्रकार, मगर परिस्थिति कुछ ऐसी बनी की साथियों तक अपनी बात पहुँचने के लिए पहले फेसबुक पर फिर बाद में Blog लिखना शुरू किया। अपने बारे में (About Me) लिखना सबसे कठिन  काम है।ऐसे नहीं की मै बहुत अच्छा और सब कुछ ठीक लिखता हूँ मगर मेरी कोशिश यह रहती है की आप सभी साथियों तक तक सही और सटीक जानकारी पहुँचे।

वर्कर हमारे समाज का वह तबका है जिस पर पूरे देश आर्थिक उन्नति टिकी होती है। वह मानवीय श्रम का सबसे आदर्श उदाहरण है। वह सभी प्रकार के क्रियाकलापों की धुरी है। आज के मशीनी युग में भी उसकी महत्ता कम नहीं हुई है। Worker अपना श्रम बेचता है, बदले में वह न्यूनतम वेतन प्राप्त करता है। उसका जीवन-यापन दैनिक मजदूरी के आधार पर होता है।

आज हर People मजदूर/वर्कर है जो काम के बदले पैसे कमाता है और उनको कभी न कभी किसी न किसी तरह शोषण का शिकार होना ही पड़ता है।ज्यादातर लोग इस शोषण को भी अपनी Duty का Part समझ कर काम करते रहते है। मगर कुछ लोग इसके Against Straggle करते है। मेरी भी कुछ ऐसी ही Story है।

About Me : मेरी कहानी ( Surjeet Shyamal Biography)

शिक्षा:
  • MCA मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन
  • BCA बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन
नौकरी/अनुभव:
  • पंजाब नेशनल बैंक -2 वर्ष
  • एजिस बीपीओ – 2 वर्ष
  • आईआरसीटीसी – 3.6 वर्ष समान वेतन की मांग के लिए बर्खास्त
ट्रेड यूनियन का अनुभव:

सेन्ट्रल ट्रेड यूनियन के साथ 4 वर्ष से अधिक काम का अनुभव

संघर्ष की शुरुआत

जब IRCTC (Indian Railway Catering & Tourism Corporation Limited) में Contract Workers के लिए 1970 के कानून के अनुसार “Equal Pay for Equal Work (समान काम का सामान वेतन) की Demand की तो “Unsatisfactory Performance” कहकर 17.10.2013 को Job से Terminate किया गया। जबकि मुझे Best Service के लिए CMD, IRCTC ने उसी वर्ष का Best Employee Award प्रदान किया था। इसके बाद हार न मानी और पुरे Country के Contract Workers के लिए ” Equal Pay for Equal Work” लागू करवाने के लिए Delhi High Court में PIL (जनहित याचिका संख्या W.P.(C.) 2175/2014) दायर किया।

इसके उपरांत कई तरह की Problems आयी। उस जनहित याचिका (PIL) को वापस लेने क़े लिए जान से मारने की धमकी से लेकर पुरे Family को Government क़े इशारे पर प्रताड़ित किया जाने लगा। मगर सब कुछ सहते हुए भी अपने वसूलों से समझौता नहीं किया। कुछ लोगों का साथ मिला तो कुछ लोगों से सबक भी मिला। खैर इसके बाद भी उसने दुबारा से Workers को संगठित करना शुरू किया और IRCTC के उपेक्षित व् हकों से वंचित Workers को उनका हक दिलाने के लिए Straggle की शुरुआत की।

अपने साथी वर्करों को धीरे-धीरे अधिकार के साथ ही साथ Labour Laws की Information देना शुरू की। Workers से कनेक्ट होने के लिए Facebook और यह Blog WorkerVoice.in ही एकमात्र माध्यम था। दिन-रात लगाकर खुद भी Workers हकों की जानकारी ली और साथ ही उसको पल-पल Workers तक पहुंचाने में कोई कसर न छोड़ी। सन 2017 में PIL का Order आ चूका है। इसका फायदा लगभग देश के 20 लाख + Contract Workers को मिला है।

My Story: Surjeet Shyamal in Short video

ठेका वर्कर के लिए जनहित याचिका से मिली जीत, मगर लड़ाई अभी जारी है-

मेरे जनहित याचिका के आर्डर में माननीय कोर्ट ने ठेकाकर्मियों के मांग को जायज बताया और ड्युप्टी लेबर कमिश्नर सेन्ट्रल को 3 महीने के अंदर आईआरसीसीटी के वर्करों के अप्लीकेशन फाइल करने पर मामले की जांच कर लागू करने का निर्देश जारी किया। माननीय कोर्ट ने इस याचिका में किये गए मांग “पुरे देश के ठेका वर्कर के लिए समान काम का समान वेतन लागू ” करने के लिए भारत सरकार को निर्देश तो नहीं दिया।

मगर न्यूनतम वेतन के लिए केंद्र सरकार को फटकार लगाई कि “ठेका वर्कर का न्यूनतम वेतन उस विभाग में कार्यरत रेगुलर वर्कर के न्यूनतम वेतन के बराबर होना चाहिए।”

माननीय कोर्ट के फैसला (दिनांक 11 मई 2017) के ठीक 15 दिनों के बाद (दिनांक 28 मई 2017) ही भारत सरकार ने सेंट्रल गवर्नमेंट के अंतर्गत काम करने वाले पुरे देश के ठेका वर्कर के लिए न्यूनतम वेतन को 9,000/- प्रति माह से बढ़ाकर अकुशल कर्मियों का न्यूनतम वेतन 13,936/- अर्ध-कुशल कर्मियों के 15,418/- कुशल कर्मचारियों के लिये 16,978/- अत्यधिक कुशल यानि स्नातक 18460 किया गया।

उक्त अधिसूचना के आधार पर सभी वर्करों के लिए 20 अप्रैल 2017 से बेनिफिट दिया गया है। 2013 के सरकारी आंकड़े के मुताबिक इसका बेनिफिट लगभग देश के 20 लाख+ ठेका वर्कर को मिला है। जिसके बाद लिए अभी भी लड़ाई जारी है। (अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें).

मैंने ब्लॉग WorkerVoice.in क्यों बनाया ?

हमने पाया की इतना बड़ा मुद्दा होने कई बाद भी कुछ को छोड़कर मिडिया में खबर तक नहीं आया। जिससे की हमारे बहुत सारे साथियों को इस वेतन वृद्धि की जानकारी मिल सके। अगर कोई पत्रकार भाई हमारे आवाज को उठना भी चाहते तो उनके बॉस के पास बड़े अधिकारी का फोन चला जाता और हमारी आवाज दब जाती। ऐसी परिस्थिति में हमारा यह इस ब्लॉग हमारे साथियों के लिए काफी उपयोगी साबित हुई।

दोस्त, आपसे जुड़ने और जानकारी का आदान-प्रदान करने के लिए इंटरनेट एक बहुत ही उपयोगी माध्यम है। मगर हम वर्करों के लिए बहुत कम जानकारी ही हिंदी में उपलब्ध हो पाती है। इस ब्लॉग का उद्देश्य मजदूरों/वर्करों से जुड़े मुद्दे और समस्या ही नहीं बल्कि आम जिंदगी में आने वाले हर उस मुद्दे और उससे सम्बंधित जानकारी हिंदी में उपलब्ध करना है।

हमारा उद्देश्य और लक्ष्य:

हम अपने इस ब्लॉग का उद्देश्य वर्कर/कर्मचारियों व् आमजन को जागरूक करना है. जिससे कि वो अपना अधिकार न्यूनतम वेतन, समान काम का समान वेतन आदि को पा सकें।

हमारे संघर्ष के द्वारा अभी तक की उपलब्धि:

  • आरआरसीटीसी में आउटसोर्स वर्करों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करवाया।
  • आरआरसीटीसी में आउटसोर्स महिलाओं के लिए मेटरनिटी अवकाश लागू करवाया।
  • “समान काम का समान वेतन” के लिए 2013 से शोसल मिडिया में कम्पैनिंग कर पुरे देश के वर्करों तक एक-एक जानकारी पहुंचने का प्रयास।
  • आरआरसीटीसी, नई दिल्ली, कलकत्ता कर्मचारी यूनियन का गठन।
  • आईआरसीटीसी को आरटीआई द्वारा दबाब बनाकर ठेका कानून एक्ट के तहत रजिस्टर्ड करवाया।
  • आरआरसीटीसी में “समान काम का समान” वेतन लागु करवाने का सर्कुलर जारी (सैलरी 25-50 हजार)।
  • आईआरसीटीसी में ऑफिस रैंक E1-4 के अधिकारीयों को वायोमैट्रिक्सAttendance अनिवार्य करवाना।
  • आरआरसीटीसी कॉर्पोरेट ऑफिस में महिला वर्करों के लिए विशाखा गाइडलाइन के तहत ICC (आईसीसी) Internal Complaint Committee का गठन।
  • CBSE को RTI द्वारा दबाब बनाकर ठेका कानून के तहत रजिस्टर्ड करवाया।
    दिल्ली में खुद पहल कर 19+ विभागों के ठेका कर्मचारियोँ को संगठित कर “Joint Action Committee Against Contract System का गठन व Labour Minister Delhi व् CM Office, Delhi पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिसके फलस्वरूप केजरीवाल सरकार द्वारा 39% वृद्धि के साथ नया न्यूनतम वेतन का नोटिफिकेशन जारी किया गया।
  • दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका के द्वारा पुरे देश के सेंट्रल गवर्नमंट के अंतर्गत काम करने वाले 20 लाख+ ठेका वर्करों का वेतन न्यूनतम वेतन को 9,000/- प्रति माह से बढ़ाकर 14,000/- व स्नातक पास ठेका वर्कर का 18,460 करवाया।
  • दिल्ली सरकार के लेबर विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन सलाहकारी समिति के 3 महीने से दबे फाइल को आरटीआई लगाकर सुप्रीम कोर्ट में जमा करने का दबाव बनाया, जिसके बाद 2 जुलाई 2019 को सुनवाई हुई।
  • सबसे पहले न्यूनतम वेतन में 3 यूनिट (मजदूर+पत्नी+दो अवयस्क बच्चे) की जगह 5 यूनिट (दो यूनिट आश्रित माता-पिता) को जोड़ने की मांग दिल्ली सरकार से की।
  • मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन 18000 की जगह 26000 की मांग की।
  • दिल्ली सरकार द्वारा अप्रैल अक्टूबर 2020 के रोके हुए मंहगाई भत्ता को आरटीआई लगाकर जारी करवाया।
  • पंजाब नेशनल बैंक, सिरदिलपुर के पेंशनधारी शिक्षकों का मार्च 2021 का भुगतान करवाया।
  • बिहार सरकार ने शिक्षकों के हक़ की बात उठाने पर मई 2021 में FIR किया।
  • पुरे देश में “समान काम के लिए समान वेतन” लागू करवाने के लिए लड़ाई अभी भी जारी है।

हमसे कैसे जुड़े?

अगर आपको हमारे किसी भी पोस्ट से सम्बंधित कुछ भी पूछना हो या अतिरिक्त जानकारी देनी हो तो उसी पोस्ट के अंत में कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं। हम तुरंत ही आपसे संपर्क करेंगे. इसके आलावा आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट विभाग में कार्यरत हो और किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो बेचिक कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं।

हमें बताने में ख़ुशी हो रही है कि आज आपलोगों के सपोर्ट के बदौलत हमारे फेसबुक पेज पर सवा लाख  ज्यादा और यूट्यूब चैनल पर साढ़े 5 लाख से भी ज्यादा साथी जुड़ चुके हैं।

आप हमें निःसंकोच अपनी समस्या या सुझाव भेज सकते है। यह ब्लॉग गरीब मजदूरों की आवाज उठाने की एक छोटी सी कोशिश मात्र है, आते रहियेगा।

Surjeet Shyamal
Surjeet Shyamal

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Disclaimer:

हमारे ब्लॉग WorkerVoice.in पर प्रकाशित लेख व् क़ानूनी जानकारी मजदूरों के जागरूकता के लिए दी गई है। हमारा लेख मौजूदा परिस्थिति, कानून के अनुसार लिखा जाता है, जबकी कानून में समय-समय पर बदलाव होते रहते है। इसलिए आपसे अनुरोध हैं कि कोई भी क़ानूनी निर्णय लेने से पहले खुद शोध करने के बाद ही कोई कदम उठायें। हमारे द्वारा दी गई जानकारी की वजह से हुए किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हानि के लिए हम हमारे लेखक या हमारा ब्लॉग किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं हैं।

वर्कर वॉयस ब्लॉग के कंटेंट्स व् फोटो विभिन्न स्थानों के साथियों के द्वारा भेजे गए जानकारी, इस परिवेश के अनुभव, प्रिंट मिडिया, इंटरनेट पर उपलब्ध लेख या खबर की सहायता से ली जाती है। अगर कहीं त्रुटि रह गया हो, कुछ आपत्तिजनक लगे, कॉपीराइट का उलंघन लगे तो कृपया हमने हमारे ईमेल पर लिखित में तुरंत सूचित करें, ताकि उस तथ्यों के संशोधन हेतु पुनर्विचार किया जा सके।

वर्कर वॉयस के प्रत्येक लेख आपके नीचे ‘कमेंट बॉक्स’ में आपके द्वारा दी गयी ‘प्रतिक्रिया’ लेखों की क्वालिटी और बेहतर बनायेगी। ऐसा हमारा मानना है। उम्मीद है हर लेख पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

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20 thoughts on “About Me”

  1. हम नगर पालिका शाहपुरा, जयपुर में वर्ष 2007 से तीन कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर कार्य लगतार कार्य रहे है 2013 तक कम्‍पनी के द्वारा व उसके बाद ठेके द्वारा लगातार कार्य कर रहे है वष्र्र् 2019 में नियमितिकरण के लिए वष्र्र् 2019 में हाईकोर्ट में केस दर्ज किया है उसके बाद अधिकारी हमारी पिछले 4 माह से हम तीनाेे का वेतन नही दे रहा है और हमे केस वापस लेने के लिए कह रहा हैा हमें क्‍या करना चाहिए क़पया मार्गदर्शन देने की क़पा करे ा

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    • आप पहले अपने सैलरी के लिए लिखित में कंपनी से मांग करें और 15-20 दिन में न दे तो अपने उसी केस के एप्लीकेशन लगाकर अपनी सैलरी की बात रखनी चाहिए. आप केस तो बिलकुल वापस न लें.

      Reply
  2. sir mai ek h.u.f farm me accountanat ka kam karta hu usme kapda bechne ka kam hota hai maine fram ko june 2016 k suruat me join kia thha
    tab meri unse mahine me 4 chhutti or 11 se 5 baje ki job tay hui thhi
    or har bonus or grachuty dene k bhi bat kahi gai thhi
    abhi 6 jan 2021 ko muhje achanak kaha jata hai k tumhe ko chutti nahi millegi or tumko 11 se 7 kam karna hoga
    or mere na kehne par muhje bina notice k nikal diya gaya
    or ek mahine advance salary bhi nahi di
    or bonus bhi dene mana kar rahe hai
    sir muhje kya karna chahiye

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    • अगर आपको नौकरी से निकाल दिया तो आप लेबर कमिश्नर ऑफिस में लिखित शिकायत कीजिये.

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  3. सर मेरे पापा बिहार बिजली विभाग में नौकरी करते थे । कंपनी बंद होने के कारण हटा दिया । 2004 मे रिटायर हुए हैं 2016 से पेंशन मिल रहा है 987रू । 2004 से 2016 तक का एरियर नहीं मिला है कब मिलेगा और कितना मिलेगा ?
    क्या रिटायरमेट भी मिलेगा ? Abhi case chal raha hai.

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    • आपके पापा का केस जब चल रहा हैं तो आपने उसमें क्या मांग की हैं और उसके बाद फाइनल आदेश से ही मिलेगा.

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  4. Hello Sir, Main yaha janna chahta hu ki kya cement company me kisi thekedar ke supervisor ko kya kya subhidaye milni chahiye ?
    2. ak supervisor ko worker ki tarha bonus , salary increment, grachuty etc. milne chiye ya nahi?
    3.yadi ak supervisor worker nahi hi to use kya samze?

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    • आपको पहले खुद से यह देखना चाहिए कि क्या आप supervisor हैं या केवल नाम दे रखा. आप क्या किसी को सो कॉज दे सकते? अगर नहीं तो आप वर्कमैन में ही आएंगे.

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  5. Sir namaskaar,
    Sir main aap koh pehlai sai hi avagat karwa raha tha ki mujhai warning mil sakti hai. Aur jese hi warning milli , mainai seedha aap tak information pahuncha di, aur mail bhi daali hai kripya reply dai. Mai ghabraya hua bhi hu. Warning ka reply dena hai. Kindly help kijiyai……urgent

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    • हमारे पास हर रोज सैंकड़ों मेल आते हैं. आपने ने कौन सा डॉक्युमनेट?

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    • आपको ईमेल के द्वारा एम्प्लायर को kyc अप्प्रोव करने के लिए कहिए और 15 से 20 दिन में न करे तो पीएफ पोर्टल पर शिकायत करें.

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  6. Hello sar namaskar main Sanjay Kumar kachhi WCR paschim madhya railway jabalpur contact worker powercor staff hum 3 year se work KR rhe hai power car opreatar k worker Hain yahan per adhikariyon dwara hum dusri company ki trha na salary mil rhi h na pf submit ho RHA h or Hume ESIC card Diya gya isse phale ki company me sari suvidhaye di gyi thi hum strik pr new company ka naam bharti engineering Pvt LTD ifrom Indore (m.p) 3 month se Koi salary nahin de Gai jiska virodh humne kar chuke hain aur sari karyvahi bhi kar chuke Hain magar kahin bhi hamari Koi sunvai nhi ho rhi hai humra 35 staff h . rahi aage ke raste bataen hamen Ham aur aage kya Karen iske liye bhi solution bataye news add bhi Diya labour Court .SP office .collector office. vigilance GM office .DRM office. GRP office. RPF office .DRM office. rail mantralaya. Sub me complaint Kari hamari samasya ka koi nivaran nhi hua. Hume officer ke dwara desh dorhi kaha gya humne apna hugk maaga to. hamare dwara strike Kiya Gaya 3/03/2021 ko abhi tak strike continue hai aur hum all staff ki salary railway k niyam anusar 40000 or month h lekin Hume 7000 or 8000 rupey dene ka vada Kiya gya mgr wo bhi nhi Diya gya . Humne strike ko 1 month ho gya hai.hum all staff company per court case karna ho to kaise karen iske liye solution bataye!!!!

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    • आपको 7-8 हजार किस बेस पर दे रहें हैं. जबकि ऊपर “अबाउट में” आप पढ़िए। मैंने खुद 4-5 साल लड़ाई लड़ सेन्ट्रल गवर्नमेंट के ठेका/डेली वेजर कर्मचारी के लिए २०१७ में न्यूनतम वेतन 42% बढ़ा है. आपको कम मिल रहा है तो रीजिनल लेबर कमिश्नर सेन्ट्रल में शिकायत करें.बांकी अगर आप हड़ताल पर हैं तो आपकी यूनियन होगी. वो क्या कह रही ?

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  7. Company or contractar or govt railway officer mil KR shoshan KR rhe h. Mai apne all staff ko unka hug or sab neyay dilana chata hu. Taki or k sath Esa na ho….!!! S.k

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    • इसका एक ही उपाए हैं एकता और संघर्ष मगर लोगों के जागरूक हुए बिना संभव नहीं है.

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      • Sir aaj strike kiye huee 3 month ho gya kahi se koi Naya nhi Mila Maine apni sayam ki jankari chaahi salary record maaga or attendance maga RTI ke dawra frist appeal bhi Kiya koi jawab nhi Diya gya ab Kya kre na job pe wapas liya ja RHA h .
        Lebour commissioner ke taraf se fasla sunya ja RHA h…
        Aage Kya kre sir bataye

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        • आपका मामला क्या है आपने लिखा ही नहीं है

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