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    Working Hours in Office in India कार्य के घंटे

    Working Hours in Office in India कार्य के घंटे

    अक्सर आपमें से बहुत से लोगों का सवाल होता हैं कि हम प्राइवेट कंपनी, किसी सरकारी विभाग में ठेके पर, किसी होटल, Factory, BPO, रेस्टोरेंट, सिनेमा घर या किसी भी वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (Commercial Establishment) में काम करते हैं तो हमारा कार्य के घंटे (Working Hours in Office) क्या होगा मतलब हमें नियम के मुताबिक कितना घंटा काम करना चाहिए. आज हम आपके इसी सवाल को ध्यान में रखकर अपने इस पोस्ट के माध्यम से "Working Hours in Office in India कार्य के घंटे" की पूरी जानकारी शेयर करने जा रहे हैं. इसके लिए आप इस पोस्ट को ध्यान से और अंत तक पढ़ें.

    कार्य के घंटे (Working Hours in Office कौन तय करता हैं?

    अगर आप कार्य के घंटे (Working Hours in Office) जानना चाहते हैं तो उसके लिए आपको कारखाना अधिनियम,1948 की थोड़ी सी जानकारी बहुत जरुरी हैं. जिससे आप यह तय कर सकें कि आप इसके अंतर्गत आते हैं या नहीं.

    "कारखाना अधिनियम,1948 (Factory Act 1948) के अनुसार 'कारखाने' का अर्थ है " कोई परिसर जिसमें वह क्षेत्र शामिल है जहां बिजली से चलने वाले कारखाने में 10 मजदूर और बिना बिजली से चलने वाला कारखाने में 20 मजदूर काम करता है तो वह कारखाना अधिनियम के अंतर्गत आता है."

    Working Hours in Office in India कार्य के घंटे?

    आपके कार्य के घंटे (Working Hours in Office) इसी Act में छुपा हैं. इसके लिए कारखाना अधिनियम के अनुच्छेद 56 में यह प्रावधान रहा है कि किसी भी मजदूर को भोजनावकाश के अवधि को मिलाकर 8 घंटे की काम लिया जा सकता है. इस कानून के अनुसार व्यस्क आदमी (जिन्होने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो) के काम का घंटा सप्ताह में 48 घंटे और एक दिन में 9 घंटे से अधिक नही होना चाहिए.

    अगर किसी मजदूर/कर्मचारी से प्रतिनिद 9 घंटे काम लिया जा रहा है तो वह मजदूर सप्ताह में 6 घंटे ओवर टाईक का हकदार है. अधिनियम की धारा 51 के अनुसार ओवरटाईम किसी भी शर्त पर एक सप्ताह में 24 घंटे से ज्यादा नही होना चाहिए. इस अधिनियम 59 के अनुसार कोई मजदूर किसी भी दिन किसी भी एक दिन या अधिक दिन किसी कारखाना में काम करता है. किसी भी सप्ताह में चालिस घंटे, वह ओवरटाईम के संबंध में, अपने सामान्य दर की दो बार की दर से मजदूरी का हकदार होगा, यानि की दोगुणी मजदूरी.

    इसके साथ ही न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 भी नियम 20 से 25 के तहत काम के घंटे के बारे में निर्दिष्ट करता है कि एक दिन में काम के घंटे की संख्या एक वयस्क के लिए 9 घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए.

    हर कामगार 7 दिनों की प्रत्येक कार्य अवधि में एक दिन के आराम के लिए हकदार है. इसके लिए साप्ताहिक छुट्टी की प्रावधान हैं. 

    किसी भी वयस्क कर्मचारी को इस अनुभाग में निर्धारित घंटों से अधिक समय तक काम करने की अनुमति या आवश्यकता हो सकती है, लेकिन किसी भी सप्ताह में यह 54 घंटे से अधिक और एक वर्ष में 150 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए बशर्ते कि स्टॉक की किसी भी अवधि के दौरान या खाते बनाने या किसी अन्य उद्देश्य के रूप में निर्धारित किया जा सकता है.

    कानून के अनुसार आगे कहा कि इस संबंध में कम से कम तीन दिनों की अग्रिम सूचना मुख्य निरीक्षक को निर्धारित तरीके से दी गई है और ओवरटाइम पर नियोजित कोई भी व्यक्ति पारिश्रमिक का हकदार होगा.

    इस तरह के ओवरटाइम घंटे की गणना उसकी सामान्य पारिश्रमिक की दर से दोगुना होता हैं.

    कार्य के घंटे संबंधित शिकायत कहाँ करें? Where to complain about Working Hours?


    दोस्त, इस तरह से आपको कार्य के घंटे ( Working Hours in Office in India) की जानकारी हो गई हैं. अगर इससे सम्बंधित आपका कोई भी शिकायत हो तो अपने एरिया के सम्बंधित लेबर कमिशनर ऑफिस में लिखित शिकायत कर सकते हैं. इसमें कंपनी या मालिक के द्वारा तय कार्य के घंटे (Working Hours in Office in India) भी हो सकता हैं या ओवरटाइम का भुगतान से भी सम्बंधित शिकायत हो सकता हैं. इसके आलावा आपका कोई भी सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं. समय मिलते हैं आपके सवाल का जवाब देने कि कोशिश करेंगे.

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