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    ESIC Act Rules and Benefit Kya hai? Scheme से कैसे जुड़े व् शिकायत कहां करे?

    ESIC Act Rules and Benefit Kya hai? Scheme से कैसे जुड़े व् शिकायत कैसे करे?

    आप अगर किसी भी Company, प्रतिष्ठान में काम करते हैं तो ESIC  के नाम से जरूर वाकिफ होंगे. जितना ही आप अपने काम को लेकर जागरूक हैं, ठीक उसी तरह आपके लिए ESIC के बारे में जानकारी भी जरुरी है. जब आप काम करते हैं तो आपका नियोक्ता आपके वेतन का कुछ अंश और खुद अपने तरफ से कुछ अंश ESIC में जमा करवाता है. आज इससे मिलने वाले ESIC Act Rules and Benefit Kya hai? Scheme से कैसे जुड़े व् शिकायत कहां करे etc के बारे में जानेंगे.

    ESIC ( कर्मचारी राज्य बीमा योजना) Kya hai?

    ESIC यानि कर्मचारी राज्य बीमा योजना (Employees’ State Insurance Corporation): कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 (ईएसआई अधिनियम) स्वतंत्र भारत में कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा पर संसद में पास पहला प्रमुख कानून था. यह एक ऐसा समय था जब उद्योग अभी भी शुरुआती चरण में था और देश अत्यधिक विकसित या तेजी से विकासशील देशों से आयातित वस्तुओं के वर्गीकरण पर निर्भर था. विनिर्माण प्रक्रियाओं में जनशक्ति की तैनाती कुछ चुने हुए उद्योगों जैसे कि जूट, कपड़ा, रसायन आदि तक सीमित थी. ESIC स्कीम कामगार लोगो के लिए एक आत्म वित्तपोषण सामाजिक सुरक्षा एवं हेल्थ बीमा स्कीम है. जिसके लिए एम्प्लोयी स्टेट इन्शुरन्स कॉर्पोरशन ESI Act रूल्स एंड रेगुलेशन बनाये गए है. ईएसआई अधिनियम 1948 के अनुसार परिभाषित कर्मचारियों को स्वास्थ्य सम्बंधित आम तौर पर बीमारी, मातृत्व, अस्थायी या स्थायी अक्षमता, व्यावसायिक चोट या रोजगार की चोट के कारण मृत्यु, आदि के समय चिकित्सा संबंधी सहायता उपलब्ध करना है.  यह योजना किसी भी कारखानों, सड़क परिवहन, होटलों, रेस्तराओं, सिनेमा, समाचारपत्रों, दुकान,शैक्षणिक/चिकित्सा संस्थानों जैसी अन्य संस्थाओं पर लागू होता है जहां 10 या उससे अधिक व्यक्ति रोजगारत है. तथापि अभी भी कई राज्यों में संस्थापनों में कवरेज की सीमा अभी भी 20 है.


    ESIC योजना की शुरुआत कब और कैसे हुई?

    इस योजना का उद्घाटन तत्कालीन प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कानपुर में 24 फरवरी 1952 (ईएसआईसी दिवस) के दिन ने किया था. इस योजना को दिल्ली में एक साथ शुरू किया गया था और दोनों केंद्रों के लिए प्रारंभिक कवरेज 1,20,000 कर्मचारियों की थी.

    ESIC (कर्मचारी राज्य बीमा योजना) का लाभ कौन उठा सकता है?

    आप जिस संस्था, कंपनी, कारखानों, सड़क परिवहन, होटलों, रेस्तराओं, सिनेमा, समाचारपत्रों, दुकान, शैक्षणिक/चिकित्सा संस्थानों आदि में काम करते हैं, वहीं कर्मचारियों को संख्या 10 या उससे अधिक होनी चाहिए, जबकि कई राज्यों में संस्थापनों में कवरेज की सीमा अभी भी 20 है. भारत सरकार ने एक स्कीम के तहत जिस कर्मचारी की सैलरी 21,000 रुपया मासिक ( जबकि 2017 से पहले 15000 लिमिट थी) तक हैं उनको इस स्कीम में शामिल किया गया है. (Notification Download Here) यह 21,000 की लिमिट सभी Permanent और Contract/Outsouce Workers पर लागु होता है. इस 21,000 की लिमिट मे ओवर टाइम या बोनस अमाउंट को शामिल नहीं किया जाता है. इससे आप तय कर सकते हैं कि आप इस स्कीम के तहत Eligible हैं या नहीं.
     

    ESIC Scheme से कैसे जुड़े?

    आपका नियोक्ता www.esic.nic.in अपने कारखाने/संस्थान के लिए ESIC से पंजीकरण संख्या आवंटित होने के बाद नियोक्ता पोर्टल में कर्मचारी के नियुक्त होते ही पंजीकृत कर सकता है. अगर कर्मचारी के पास पहले से ही  ESIC का बीमा नंबर हो (अगर पूर्व में भी कहीं काम किया है) तो Employer को पूरा डिटेल लेकर केवल उपडेट करना होता है. नए कर्मचारी के Registration के लिए नाम, पूरा पता के साथ ही परिवार के आश्रित सदस्यों का नाम और डिटेल की जरुरत होती है. जिससे की भविष्य में मुफ्त चिकित्सा सुविधा, हितलाभ आदि पा सकें. इस रजिस्ट्रेशन के बाद कमर्चारी को एक यूनिक बीमा नंबर दिया जायेगा, जो कि कर्मचारी के नौकरी बदलने के बाद भी जीवन भर के लिए मान्य होगा. 

    कंपनी या संस्था को ESIC में रजिस्टर करने से क्या फायदा है?

    सबसे पहले यह बता दें कि अगर कंपनी, कारखाना संस्था इत्यादि कानून और नियम के मुताबिक इस स्कीम के लिए eligible है यह उनके लिए रजिस्ट्रेशन Optional नहीं बल्कि अनिवार्य है. हां, इस स्कीम में रजिस्ट्रेशन करवाने से कंपनी वर्कमेन कंपनसेशन एक्ट एंड मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट की लाईबिलिटी से फ्री हो जाते हैं. इसके साथ ही कमर्चारी गंभीर बीमारी, ड्यूटी के समय दुर्घटना से चोट लगने पर या काम के समय मौत हो जाने पर भी मेडिकल जिम्मेदारियों से आजाद होते है.

    ESIC स्कीम मे कर्मचारी व् कंपनी/संस्था को कितना अंशदान करना होता है?

    • इस स्कीम के तहत कर्मचारी को उसके सैलरी का 1.75% और नियोक्ता को 4.75% हर महीने जमा करवाना होता है. यह मुख्यरूप से नियोक्ता यानि कंपनी/फैक्ट्री या अन्य कोई भी संस्था प्रबंधन की जिम्मेवारी है कि वो समय पर दोनों का अंशदान ESIC ऑफिस में जमा करवाये.
    • नए कार्यान्वयन वाले क्षेत्रों के लिए, योगदान दर कर्मचारियों की मजदूरी का 1% और नियोक्ता द्वारा पहले 24 महीनों के लिए देय 3% (06.10.2016 से) होगा.
    • जिन कर्मचारियों को एक दिन के 137 रूपये मिलते है उनको अंशदान से छूट दिया गया है. उनका अंशदान उनके कंपनी या संस्था आदि को ही जमा करना होता है.


    ESIC Smart Card कब और कहां से बनवाये?

    पंजीकरण के बाद प्रत्येक नामित कर्मचारी (I.P.) को एक अस्थाई पहचान (TIC) पत्र दिया जाता है. जो कि अगले 3 महीने तक वैध होता है. इस दौरान नियोजित द्वारा सही तरीके से प्रमाणित टीआई लेकर कर्मचारी को अपने परिवार के सदस्यों को लेकर निकटतम  शाखा/ कैम्प पर जाना होता है. जहां आईपी (रजिस्टर्ड कर्मचारी) का फोटो और उंगली व आखों के रेटिना का स्कैन किया जाता है. इसके साथ ही उनके डिटेल में उपलब्ध परिवार के आश्रित सदस्यों का भी फोटो और उंगली व आखों के रेटिना का स्कैन किया जाता है. इसके बाद कुछ ही दिनों में आपके दिए पते पर आपके (रजिस्टर्ड कर्मचारी) और आपके परिवार के सदस्यों का फोटो लगा ESIC Smart Card प्राप्त हो जायेगा. इस Smart Card पर आपका नाम और बीमा संख्या लिखा होगा. अगर कभी स्मार्ट कार्ड खो जाये तो सुचना देकर उपरोक्त शाखा से 25/- रुपया देकर डुप्लीकेट कार्ड प्राप्त किया जा सकता है.
      

    ESIC Scheme के अंतर्गत क्या-क्या हितलाभ है? 

    1. बीमारी हित लाभ - MEDICAL BENIFITS
    2. अपंगता हितलाभ - DISABLEMENT BENEFIT
    3. आश्रितजन हितलाभ - DEPENDANTS' BENEFIT
    4. मातृत्व हितलाभ - MATERNITY BENEFIT
    5. चिकित्सा हितलाभ - SICKNESS BENEFIT
    6. बेरोजगारी हितलाभ - UN-EMPLOYMENT ALLOWANCE

    ESIC के बेनिफिट्स लेने के पात्रता क्या है? Full Details of ESIC Benefits

    बीमारी हित लाभ (MEDICAL BENIFITS)

    मेडिकल बेनिफिट का लाभ लेने के लिए कम से कम 78 दिन का अंशदान जमा होना जरुरी है. इसके साथ मेडिकल बेनिफिट्स के साथ अधिकतम 91-156 दिनों का बेनिफिट मिल सकता है. इसके लिए आपको औसत वेतन के 70-100 प्रतिशत के दर से भुगतान किया जायेगा. इसके लिए एक्ट के अनुसार अलग-अलग बीमारी का वर्णन किया गया है. इसके बारे में बाद में डिटेल में जानकारी देने की कोशिश करेंगे.

    अपंगता हितलाभ (DISABLEMENT BENEFIT)


    ESIC अस्थायी विकलांकता के लिए जब तक ठीक न हो जाये तब तक मासिक भुगतान करती है और स्थायी विकलंकता के लिए जीवन भर तक भुगतान की सुविधा है. इससे सबसे बड़ी खूबी यह है कि रोजगार ज्वाइन करते ही पहले दिन ही अगर कोई चोटिल हो जाए तब भी उसको इसकी सुविधा दी जाती है. इसके तहत विकलांक कर्मचारी को उनके वेतन का 90 फीसदी हितलाभ दिया जाता है. 

    आश्रितजन हितलाभ (DEPENDANTS' BENEFIT)


    ESIC में रजिस्टर्ड कर्मचारी की अगर काम के पहले दिन ही चोट लगें से मृत्यु हो जाए तो उसके विधवा को आजीवन या पुनर्विवाह वेतन का 90 प्रतिशत की राशि मासिक प्रदान किया जाता है. इसके तहत आश्रित बच्चों के लिए 25 वर्ष के उम्र तक तथा आश्रित माता पिता के लिए नियमानुसार हितलाभ प्रदान किया जाता है.

    मातृत्व हितलाभ (MATERNITY BENEFIT)


    मातृत्व लाभ के लिए वही महिलाकर्मी Eligible जिनका दो पूर्ववर्ती अंशदान की अवधि में 70 दिनों का अंशदान जमा किया हो. ऐसे तहत प्रसव के लिए 12 सप्ताह और गर्भपात में 6 सप्ताह का हितलाभ प्रदान किया जाता है. प्रसव या गर्भपात के स्थिति में चिकित्सक के परामर्श पर 1 महीने की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है. इस दौरान हितलाभ 100 फीसदी प्रदान किया जाता है. अभी हाल ही में सरकार ने इसको 26 सप्ताह करने का निर्णय लिया है

    चिकित्सा हितलाभ (SICKNESS BENEFIT)


    चिकित्सा सुविधा बीमित कर्मचारी या उनके परिवार के लिए नौकरी के पहले दिन से ही मिलती है. यह सुविधा रोजगार में बने रहने तक मिलता रहता है. यह चिकित्सा सुविधा मृतक/सेवानृवित/ विमित व्यक्ति के मृत्यु के बाद उनकी विधवा/ स्थाई अपंगता के कारण नौकरी छूट जाने वाले के विवाहिता आश्रितजनों को भी दी जाती है. 

    बेरोजगारी हितलाभ (UN-EMPLOYMENT ALLOWANCE)


    कारखाने के बंद होने, छटनी या चोट की वजह से स्थाई विकलांकता के कारण रोद्गार की हानि होने पर राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना के अंतर्गत जीवन काल में अधिकतम 12 महीने तक वेतन का 50 फीसदी बरोजगारी भत्ता के रूप में दिया जाता है. इसके लिए कम से कम 3 वर्ष का अंशदान जमा किया होना चाहिए.
     

    ESIC Act के बारे में बारे में जानने योग्य मुख्य बातें -

    • भारत सरकार ने 1 जनवरी 2017 से सभी कामगार या कर्मचारी जिनकी सैलरी 21000 तक है उनको इस एक्ट मे शामिल किया है.
    • किसी बीमायुक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में खर्च के रूप में 10,000 रुपया दिया जाता है. 
    • बीमाकृत व्यक्ति के पत्नी को यदि प्रसव हेतु कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है तो दो प्रसव तक 5,000 रुपया  (प्रति) दिया जाता है. 
    • एक आंकड़े के अनुसार लगभग 2 करोड़ 9 लाख (1 जनवरी 2015) रेजिस्टर्ड बीमित हैं.
    • ESIC Scheme के तहत सरकार ने टोल फ्री नंबर 1800-11-2526  तथा मेडिकल सहायता के लिए 1800-11-3839 जारी किया है. जिससे की बीमित व्यक्ति डायरेक्ट डॉक्टर से सहायता ले सके.

    ESIC Act Rules and Benefit Kya hai? Scheme से कैसे जुड़े व् शिकायत कहां करे?


    ESIC सुविधा नहीं मिलने का शिकायत कहां और कैसे करें?

    साथी लोग ESIC के बारे में इतना कुछ जानकारी पा लेने के बाद यह तो पता चल ही गया होगा कि आप इस स्कीम के लिए Eligible हैं या नहीं? अगर Eligible हैं और सुविधा नहीं मिल रही तो आपके मन में यह सवाल जरूर उठता होगा कि अब क्या करें. किसके पास शिकायत करें?

    इसके लिए अगर आप किसी रेजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन के सदस्य हों तो कोशिश करें कि अपने यूनियन के द्वारा शिकायत लगवायें. अगर नहीं हो तो कोई बात नहीं एक सादा कागज पर अपने एम्प्लायर का पूरा नाम और पूरा पता का उल्लेख करते हुए ESIC को  शिकायत पत्र लिखें. उसमे यह जरूर लिखे कि आप उस कम्पनी के कब से काम कर रहें हैं और आपकी सैलरी कितनी है और आपके कंपनी में कर्मचारियों को लगभग समझया कितनी है.

    ESIC के किसी भी राज्य या हेडक्वार्टर का पता जानने के लिए यहां क्लीक करें. इसके आलावा अगर आप यहां क्लीक कर कुछ डिटेल्स के साथ ऑनलाइन कम्प्लेन भी कर सकते हैं.  किसी भी गलत भुगतान, झूठी बयान या झूठे प्रस्तुति के कारण किसी भी अवधि के लिए कारावास के साथ दंडित किया जा सकता है.

    एक तरह से देखे तो किसी भी गरीब मजदुर के लिए ESIC  Card बहुत ही उपयोगी है. अगर आपने इस पोस्ट को पढ़ा है तो आपसे गुजारिश करूंगा कि आप कोशिश करें कि आपके आसपास के सभी मजदूरों को उनके एम्प्लॉयर की मददत से इस योजना से जुड़ने को प्रेरित करें ताकि बुरे वक्त में उनको मदद मिल सके.


    उम्मीद है कि आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी. अगर इस संबंध में कोई भी सवाल या सहायता हो तो बेहिचक नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें. हमें आपकी सहायता करने में ख़ुशी होगी. अगर आप आगे से इस तरह की जानकारी पाना चाहते हैं तो नीचे सब्सक्रिप्शन बॉक्स में अपना ईमेल आईडी सबमिट करें, ताकि हरेक पोस्ट आपको आपके ईमेल द्वारा मुफ्त प्राप्त हो सके. धन्यबाद.

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    14 comments:

    1. Replies
      1. aapke email par ek link gya hoga subscription ka. usko confirm kar den. eske baad aage se har post aapke email par free jayega.

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    2. If any employee died from the one day what kind of benefit get his family from ESIC department .

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      1. ESIC में रजिस्टर्ड कर्मचारी की अगर काम के पहले दिन ही चोट लगें से मृत्यु हो जाए तो उसके विधवा को आजीवन या पुनर्विवाह वेतन का 90 प्रतिशत की राशि मासिक प्रदान किया जाता है. इसके तहत आश्रित बच्चों के लिए 25 वर्ष के उम्र तक तथा आश्रित माता पिता के लिए नियमानुसार हितलाभ प्रदान किया जाता है. Please again read full article and share with all needy people. thank you for visit on our blog.

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    3. Kya ham apne fatherin low ka naam dhi dipandnd main likha sakte hain kuyon ki vo bhi mujheper hi depand hain

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      1. meri jankari se nhi dost..haan aapko wife agar job karti hai to wah aapne father mother ka name likh sakti hai..

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    4. Sir, can i have Full PPT on ESIC in Gujarati language

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    5. Musha company mi chaat lagi hi 5 month se na company reaps di rahi hi na esi se koi subda mail rahi hi mai kay karu

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    6. बतौर ईइसआई सदस्य 21000 से अधिक वेतन होने पर ई एस आई की सुविधा कैसे बरकरार रखी जा सकती है? कृपया बताएं।

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      1. एक्ट एक अनुसार इसके बाद यह सुविधा नहीं मिल सकती हैं. अगर इस तरह की कोई जानकारी आएगी तो अपने ब्लॉग के पोस्ट के माध्यम से जरूर सूचित करूँगा.

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    7. Sir meri left hand ki beech ki ungli factory me kaam krte vakt aadhi Kat gayi thi us pr mera cash chl rha h
      Sir kya aap bta skte h ki kitni pantion dega ESIC
      Please reply sir

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