Probation Period Salary – नए नियुक्त वाले कर्मचारियों के प्रोबेशन काल वेतन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आये हैं। जिसके तहत मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। जिसके तहत कर्मचारियों को प्रोबेशन काल में वेतन भुगतान को लेकर अहम् आदेश दिया है। आइये पूरा मामले को विस्तार से जानते हैं?
Probation Period Salary कर्मचारियों का आदेश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नए नियुक्ति वाले कर्मचारियों को प्रोबेशन काल के दौरान सैलरी कटौती की व्यवस्था को गैरकानूनी करार दिया है। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति दीपक खोत की खंडपीठ ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी 12 दिसंबर 2019 का उस सर्कुलर को भी रद्द कर दिया। जिसमें प्रशिक्षण/प्रोबेशन अवधि में वेतन कम देने का प्रावधान था।
Probation Period Salary एमपी हाईकोर्ट का आदेश
माननीय कोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि कर्मचारियों को प्रोबेशन पीरियड में पूरा यानी 100 फीसदी वेतन देने का अधिकार है। अदालत ने आदेश दिया कि इस अवधि में वेतन से जो भी राशि काटी गई है, वह संबंधित कर्मचारियों को लौटाई जाए। यह फैसला कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण नजीर माना जा रहा है।
पूरा मामला?
आपको बता दें कि यह याचिका स्वाति जैन, आदित्य मिश्रा समेत अन्य कर्मचारियों की ओर से दाखिल किया गया था। जिसके तहत एक सर्कुलर के तहत प्रोबेशन अवधि में पहले वर्ष में न्यूनतम वेतनमान का 70 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 80 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 90 प्रतिशत वेतन देने का प्रावधान बनाया गया था। जबकि चौथे वर्ष से पुरे वेतन दिए जाने की व्यवस्था बनाई गई थी। जिसके बाद से ही इस आदेश के तहत संबंधित कर्मचारियों के वेतन से निर्धारित कटौती की जाने लगी थी।
विदित हो कि याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान वर्ष 2023 में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कर्मचारियों के वेतन से की जा रही वसूली पर रोक लगा दी थी। माननीय कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि प्रोबेशन प्रीरियड में भी “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत पूरी तरह से लागू होता है। यदि कर्मचारी से नियमित और पूरा काम लिया जा रहा है तो उन्हें न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाना चाहिए।
जिसके बाद न्यायालय ने वेतन से की गई सभी तरह की कटौतियों को गैरकानूनी घोषित करते हुए निर्देश दिया कि प्रोबेशन पीरियड में जिन कर्मचारियों को सैलरी में कटौती की गई है, वह पैसे उन्हें एरियर के रूप में वापस किए जाए। जिससे बताया जा रहा है कि एमपी के सरकारी कर्मचारी को एरियर के रूप में 400 करोड़ रुपए और प्रति कर्मचारी 3.55 लाख रुपये मिलेंगे।
Probation Period Salary कर्मचारियों के पक्ष हाईकोर्ट का आदेश
Probation Period क्या होता है?
किसी कर्मचारी के लिए प्रोबेशन पीरियड नौकरी के शुरूआती चरण होता है। जहां नियोक्ता के द्वारा कर्मचारी के काम, व्यवहार और कंपनी के रूल के अनुसार काम का मूल्यांकन करता है। यही नहीं बल्कि इस दौरन कर्मचारी यह भी परखता है कि क्या यह कंपनी उसके लिए सही है।
यह आमतौर पर कंपनी के द्वारा 3 से 6 महीने का समय होता है। जिसके सफल समापन पर कर्मचारी स्थाई हो जाता है और उनको कंपनी के तरफ से पूर्ण लाभ दिया जाता है। जिसके तहत माननीय हाईकोर्ट के इस फैसले से आने वाले समय में प्रोबेशन पर काम करने वाले कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगा। कर्मचारी संगठनों के द्वारा उक्त फैसले को लागू करने की मांग शुरू हो गई है।
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