National Floor Wage 2026 की दर तय करेगी केंद्र सरकार, कितना

National Floor Wage 2026 – देश में नए श्रम कानून के तहत केंद्र सरकार न्यूनतम मजदूरी तय करने जा रही है। जिसके तहत पुरे देश में नेशनल न्यूनतम वेतन की दर लागु हो सकेगी। आपमें से हर कर्मचारी इसके बारे में जानना चाहते हैं। आज हम अपने इस पोस्ट में न केवल नेशनल न्यूनतम वेतन दर के बारे में बताएँगे बल्कि यह भी बतायेंगे कि किस राज्य में कितना न्यूनतम वेतन दर है और उनपर क्या प्रभाव पड़ेगा?

National Floor Wage 2026 दर तय केंद्र सरकार

लाइव हिंदुस्तान के रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार नेशनल न्यूनतम वेतन तय करने जा रही है। जिसके लिए रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेशनल न्यूनतम वेतन निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।  श्रम कानून के तहत केंद्र सरकार को अधिकार है कि वो मानक के हिसाब से एक न्यूनतम वेतन तय करे। जिसको हार हाल में राज्य सरकार को उसी रूप में स्वीकारना होगा। केंद्र सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम मजदूरी राज्य सरकारों को अनिवार्य रूप से देने होगा। इस नियम के तहत राज्य सरकार तय न्यूनतम वेतन से अधिक दे सकेंगे जबकि कम नहीं दे सकते हैं।

नेशनल न्यूनतम वेतन न्यूनतम वेतन में वृद्धि

अब इसके बाद आपके मन में जरूर यह सवाल होगा कि नेशनल न्यूनतम वेतन (फ्लोर वेज) लागू होने से कितना न्यूनतम वेतन में वृद्धि होगा। जिसके लिए हमें पहले यह जानना जरुरी है कि अभी वर्तमान में देश के अलग-अलग राज्यों में न्यूनतम वेतन दर कितना है। जिसके लिए आपको बता दें कि हम आपके लिए नीचे कुछ मुख्य राज्यों का न्यूनतम वेतन देर बताने जा रहे हैं. जो कि 2026 में इस प्रकार से है-

राज्य अकुशल कुशल
दिल्ली 710 862
यूपी 526.54 648.77
बिहार 436 551
एमपी 478 582
पंजाब 451.02 515.52
हरियाणा 585.41 711.57
उड़ीसा 462 562
पश्चिम बंगाल 375.38 454.12
उत्तराखंड 502.19 559.26
झारखण्ड 501.92 693.92

 

अगर आप अभी उपरोक्त कुछ राज्यों का न्यूनतम वेतन को देखते हैं। ऐसे में आपको दिल्ली अकुशल का सबसे ज्यादा 710/प्रतिदिन और पच्छिम बंगाल अकुशल का सबसे कम 375.38/प्रतिदिन आज तक के उपडेट के अनुसार है। जिसके बाद अब आप जरूर जानना चाहेंगे कि लेबर कोड के तहत फ्लोर वेज कितना तय होगा। जिसके बाद आपका न्यूनतम वेतन पर क्या फर्क पड़ेगा?

राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट

आपको बता दें कि डॉ. अनूप सतपथी की अध्यक्षता में 17 जनवरी, 2017 को एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। पूर्व में अनूप सेठी कमेटी ने जुलाई 2018 नेशनल फ्लोर वेज 375 रुपया प्रतिदिन (या ₹9,750 प्रति माह) का सिफारिश किया था। जो कि पहले न्यूनतम वेतन 173 रुपया प्रति दिन था।

क्षेत्र I क्षेत्र II क्षेत्र III क्षेत्र IV क्षेत्र V
असम, आंध्र प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश,
बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक, गोवा, मणिपुर,
झारखंड, छत्तीसगढ़, केरल, हरियाणा, मेघालय,
मध्य प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, नगालैंड, सिक्किम,
ओडिशा, और और और मिजोरम
उत्तर प्रदेश, और उत्तराखंड तमिलनाडु पंजाब और
पश्चिम बंगाल त्रिपुरा
342 रुपये प्रति दिन 380 रुपये प्रति दिन 414 रुपये प्रति दिन 447 रुपये प्रति दिन 386 रुपये प्रति दिन
(8,892 रुपये प्रति माह) (9880 रुपये प्रति माह) (10,764 रुपये प्रति माह) (11,622 रुपये प्रति माह) (10, 036 रुपये प्रति माह)

 

जिसके साथ ही समिति ने यह भी सुझाव दिया था कि हर पांच साल में एनएसएसओ-सीईएस आंकड़ों के आधार पर खपत बास्केट की समीक्षा की जाए और हर 6 महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार बुनियादी न्यूनतम मजदूरी को दुरुस्त बनाया जाए, जो जीवन यापन के खर्च में होने वाले बदलावों के अनुरूप हो।

आपका नेशनल फ्लोर वेज कितना?

जिसको कॉरपोरेट के प्रतिनिधियों ने विरोध किया कि यह बहुत ज्यादा है। जिसके बाद मोदी सरकार के द्वारा एक दूसरा अजित मिश्रा कमेटी का गठन किया गया। जिसके द्वारा अभी तक रिपोर्ट सबमिट करने की जानकारी नहीं आई है। ऐसे में अब आप खुद से ही अनुमान लगा सकते हैं कि आपका नेशनल फ्लोर वेज कितना हो सकता है। जो कि अब जल्द ही सरकार के द्वारा तय किया जायेगा। जिसके बाद ही पता चलेगा कि आपके न्यूनतम वेतन में वृद्धि होगी या नहीं।

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2 thoughts on “National Floor Wage 2026 की दर तय करेगी केंद्र सरकार, कितना”

  1. Mein noida mein job karta hu
    Company ne basic da to badha diya lekin mera HRA 1000 kam kar diya hai
    Ab mein kya karu.

    Reply
    • आप अपना पहले का सैलरी स्लिप और अभी का सैलरी स्लिप हमारे ईमेल पर भेजिए, फिर बताते हैं कि क्या करना है.

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