Contract Workers Rights in India ठेका कर्मचारी के 7 अधिकार

Contract Workers Rights in India– अभी पुरे देश के लाखों कर्मचारी ठेके पर काम करते हैंजिनको कानून में बहुत से अधिकार दिए गए हैंजबकि सबसे ज्यादा जानकारी के अभाव में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी का ही शोषण होता है आपके लिए इन्ही बातों को ध्यान में रखकर हम आपके 7 महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आये हैं, जो कि इस प्रकार से है?

Contract Workers Rights in India

ठेका कर्मचारियों (Contract Workers) के अधिकारों का निर्धारण मुख्यतः संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 (CLRA) तथा हाल ही में लागू किए गए नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) के प्रावधानों के तहत किया जाता है, जो उनके कामकाजी शर्तों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। जिसके आधार पर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के 7 मुख्य अधिकार निम्न प्रकार से है-

  1. न्यूनतम मजदूरी का अधिकार (Right to Minimum Wages): न्यूनतम मजदूरी का अधिकार (Right to Minimum Wages): कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को संबंधित केंद्र या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी पाने का वैधानिक अधिकार है। ठेकेदार द्वारा इससे कम वेतन देना अवैध है। अगर ठेकेदार न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं करता तो मुख्य नियोक्ता की जिम्मेदारी होती है कि वो कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को बकाया वेतन का भुगतान डायरेक्टली करे. जिसके बाद उसका कटौती सीधे ठेकेदार के पेमेंट से कर सकता है।
  2. समान कार्य के लिए समान वेतन (Equal Pay for Equal Work): यदि ठेका कर्मचारी वही काम कर रहा है जो एक नियमित कर्मचारी कर रहा है, तो उसे नियमित कर्मचारी के बराबर वेतन और भत्ते पाने का अधिकार है। जिसके लिए कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट में न केवल प्रावधान है बल्कि हाल ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी 2019 में एक ऐतिहासिक फैसला दिया था। जिसके तहत माननीय कोर्ट ने समान काम के समान वेतन नहीं देना शोषणकारी बताया था।
  3. समय पर वेतन और सैलरी स्लिप (Timely Wages & Wage Slip): आपको बता दें कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को ठेकेदार के द्वारा महीना पुरे होने के बाद दूसरा महीने के 7 तारीख तक वेतन का भुगतान करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, कर्मचारियों को वेतन पर्ची (Wage Slip) पाने का अधिकार है। जिसमें उनको कितना सैलरी, मंहगाई भत्ता, अन्य भत्ता के साथ कटौती का जिक्र होता है।
  4. सामाजिक सुरक्षा का अधिकार – EPF और ESIC (Social Security Rights): ठेका श्रमिक कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) के हकदार हैं। जिसके लिए पीएफ एक्ट और ईएसआईसी के नियम और शर्तों को पूरा करना चाहिए। अगर किसी कंपनी में 20 या 20 से अधिक कर्मचारी/कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी कार्यरत हों तो पीएफ और 10 कर्मचारी होने पर ईएसआईसी अनिवार्य है। जिसके बाद नियोक्ता को समय पर इनके योगदान जमा करने होंगे। जिसके साथ ही इनके साथ मिलने वाले अन्य लाभ भी मिलेगें।
  5. काम के घंटे और ओवरटाइम का अधिकार (Working Hours & Overtime): ठेका कर्मचारियों के लिए काम के घंटे आम तौर पर 8 घंटे प्रतिदिन (48 घंटे प्रति सप्ताह) निर्धारित हैं। इससे अधिक काम करने पर उन्हें सामान्य वेतन से दोगुना ओवरटाइम (Double Wages) पाने का अधिकार है। जबकि अभी लेबर कोड लागू होने काम के घंटे में बदलाव हो जायेगा। जिसका असर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी पर भी पड़ेगा।
  6. कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और सुरक्षा सुविधाएँ (Health & Safety Amenities): ठेकेदार या मुख्य नियोक्ता (Principal Employer) को कार्यस्थल पर पीने का साफ पानी, शौचालय, धुलाई की सुविधा, प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) और यदि 100 से अधिक कर्मचारी हैं, तो कैंटीन जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करनी चाहिए।
  7. ग्रेच्युटी और मातृत्व लाभ (Gratuity & Maternity Benefits): नए नियमों के तहत, ठेका कर्मचारी 1 वर्ष की निरंतर सेवा के बाद आनुपातिक ग्रेच्युटी (Pro-rata Gratuity) के पात्र हैं। महिला ठेका कर्मचारियों को मातृत्व लाभ (12 सप्ताह का सवैतनिक अवकाश) पाने का अधिकार है।

Contract Workers Rights in India ठेका कर्मचारी के 7 अधिकार

https://youtu.be/SDh4pIInbg8

महत्वपूर्ण जानकारी: यदि ठेकेदार वेतन या अन्य सुविधाएं देने में विफल रहता है, तो प्रधान नियोक्ता (Principal Employer) ठेका कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं को प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है।

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2 thoughts on “Contract Workers Rights in India ठेका कर्मचारी के 7 अधिकार”

  1. Improve minimum 1day wage and improve whole monthly income duty date and Hours Monday – Saturday 12 hours perday

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