New Salary Rules 2026- लेबर कोड के तहत लागू हुए 4 नए नियम

New Salary Rules 2026 – केंद्र सरकार के द्वारा 8 और 9 मई, 2026 30 से ज्यादा गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसके जरिए लेबर कोड को लागू कर दिया गया है। जिसके तहत दिसम्बर 2025 में इसके लिए ड्राफ्ट राय के लिए जारी किया गया था। जिसमें काफी कम बदलाव किये गए हैं। आइये विस्तार से जानते हैं कि लेबर कोड से आपके काम और सैलरी में क्या आएंगे बदलाव?

New Salary Rules 2026 – लेबर कोड के तहत लागू

सरकार के द्वारा चार लेबर कोड को लागू करने के लिए 21 नवंबर, 2025 की तारीख तय की थी। लेबर कोड लागू होने के बाद आपके काम और सैलरी के नियम में काफी बदलाव हो गया है। लेबर कोड के तहत कई अहम प्रावधान शामिल होंगे। जिसमें केंद्र, राज्यों और एक सलाहकार बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी तय की जाएगी। जिसमें एक दिन में 8 घंटे काम का घंटे के साथ हप्ते में ज्यादा से ज्यादा 48 घंटे तक सीमित रहेगा। जिसके साथ ही मालिकों के द्वारा सैलरी स्लिप देने अनिवार्य होगा। इसके आलावा गिग और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक समाजिक सुरक्षा फंड भी बनाया जायेगा और उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार भी इसी तरह का नियम अपनाएगी।

न्यूनतम मजदूरी तय करने का तरीका हटाया

‘मजदूरी संहिता (केंद्रीय) नियम 2025’ के आखिरी कोड से एक बेहद महत्वपूर्ण प्रावधान हटा दिया गया है, जो ड्राफ्ट नियमों में शामिल था — न्यूनतम मजदूरी तय करने का स्पष्ट तरीका। जागरण के रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने कहा है कि ये मानक बाद में अलग-अलग आदेशों के जरिए जारी किए जाएंगे। इस फैसले ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है कि इससे मजदूरी निर्धारण की पारदर्शिता कमजोर हो सकती है, मजदूरी के मानक घट सकते हैं और एक ही प्रकार के मजदूरों के लिए अलग-अलग राज्यों में वेतन असमानता और ज्यादा बढ़ सकती है।

पहले ड्राफ्ट में न्यूनतम वेतन तय करने का एक फार्मूला शामिल था। जो कि कुछ पैमानों पर आधारित था, जैसे हर व्यक्ति के लिए रोजाना 2700 कैलोरी का पोषण, मजदूर परिवार के लिए साल भर में 66 मीटर कपड़ों की जरूरत और खाने पीने की लागत का 10 फीसदी किराए पर खर्च कैलकुलेट किया जाता था। जिसमें ईंधन, बिजली और दूसरे खर्चों के लिए न्यूनतम मजदूरी का 20% हिस्सा तय किया गया था। जिसके आलावा शिक्षा, इलाज, मनोरंजन और अचानक आने वाले खर्चों के लिए 25% अतिरिक्त हिस्सा भी शामिल था। यह फॉर्मूला माननीय सुप्रीम कोर्ट के 1991 के ऐतिहासिक ‘रेप्टाकोस ब्रेट’ फैसले और 1957 में हुई 15वीं भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों पर आधारित था।

बदलाव से मजदूरों के वेतन पर प्रभाव

अब सरकार के इस फैसले से न्यूनतम वेतन तय करने का फार्मूला को बाहर रखने से हो सकता है कि मजदूरों को उनकी उम्मीद से कम वेतन मिले, क्योंकि सामूहिक सौदेबाजी की प्रक्रियाओं में वेतन एक अहम पहलू बना रहता है।

केंद्र सरकार तय करेगी न्यूनतम आधार वेतन

संसोधित वेतन ढांचे में यह कहा गया है कि केंद्र सरकार मजदूरों के जीवन स्तर, आवास, कपड़े और किसी भी अन्य जरूरी मानदंड पर विचार करने के बाद एक फ्लोर वेज तय करेगी। ‘कोड ऑन वेजेस, 2019’ की धारा 9 के अनुसार, केंद्र सरकार अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग फ्लोर वेज तय करेगी। जिसके बाद राज्य सरकार को केंद्र सरकार द्वारा तय फ्लोर वेज से कम न्यूनतम वेतन नहीं रखना होगा।

नए प्रावधानों के अनुसार, दैनिक वेतन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए सामान्य कार्य अवधि आठ घंटे निर्धारित की गई है। वहीं, वैकल्पिक भुगतान प्रणाली में काम करने वाले कर्मचारियों का कार्य समय इस प्रकार तय किया जाएगा कि सप्ताह में कुल 48 घंटे की सीमा पार न हो। विश्राम और ब्रेक से संबंधित नियमों को ‘ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, 2020’ के दायरे में लागू किया जाएगा।

New Salary Rules 2026- लेबर कोड के तहत लागू हुए 4 नए नियम

रोजाना वेतन पाने वालों के लिए काम के घंटे

दैनिक वेतन व्यवस्था से बाहर के कर्मचारियों के लिए 48 घंटे की साप्ताहिक सीमा तय होने से कार्यस्थलों पर अधिक लचीली कार्य प्रणाली को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में इसका प्रभाव ज्यादा दिख सकता है, जहां हाइब्रिड वर्क और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाएं तेजी से सामान्य होती जा रही हैं।

यह भी पढ़ें-

Share this

2 thoughts on “New Salary Rules 2026- लेबर कोड के तहत लागू हुए 4 नए नियम”

  1. Our employees are working in Air Force Canteen (csd canteen) .
    policies of canteen are governed by center.But all employees get min wage of the state of punjab.My question is are we authorised to get min wage of the center as I said policies and guidelines are governed by center.Can you provide me any written notifications, or reply to any RTI which is in our support.Please reply to our comment.

    Reply

Leave a Comment