E-Petition for Delhi Minimum Wages – दिल्ली सरकार के द्वारा मजदूरों का मंहगाई भत्ता अप्रैल 2026 आज दो महीना बीतने के बाद भी जारी नहीं किया गया है। जिसके लिए हमने पहले सरकार को मांग भेजा और उसके बाद लेबर कमिश्नर द्वारा आश्वाशन दिया गया था कि हर हाल में आपका न्यूनतम वेतन 25 अप्रैल 2026 से पहले पहले जारी कर दिया जायेगा। जबकि आज तक जारी नहीं किया गया है। दिल्ली सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए हमने ऑनलाइन पेटिशन शुरू किया है। जो कि इस प्रकार से है-
E-Petition for Delhi Minimum Wages
E-Petition for Delhi Minimum Wages पोस्ट के अंत में आपको ऑनलाइन साइन करने का लिंक मिलेगा। जिसको अधिक से अधिक लोगों से साइन करवायें, तब जाकर दिल्ली सरकार पर असर पड़ेगा।
सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार,
दिल्ली सचिवालय, नई दिल्ली।
विषय: दिल्ली के लाखों निजी क्षेत्र के कर्मचारियों एवं श्रमिकों के लिए अप्रैल 2026 से देय परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) एवं संशोधित न्यूनतम मजदूरी अधिसूचना तत्काल जारी करने तथा अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि दिल्ली में कार्यरत लाखों निजी क्षेत्र के कर्मचारी, आउटसोर्सिंग कर्मचारी, संविदा कर्मी, सुरक्षा गार्ड, हाउसकीपिंग कर्मचारी, निर्माण श्रमिक, औद्योगिक श्रमिक, दुकान एवं प्रतिष्ठान कर्मी तथा अन्य श्रमिक वर्ग अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (Variable Dearness Allowance – VDA) एवं संशोधित न्यूनतम मजदूरी अधिसूचना की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दुर्भाग्यवश आज तक उक्त अधिसूचना जारी नहीं की गई है, जिससे दिल्ली के श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
विदित हो कि न्यूनतम मजदूरी केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि श्रमिकों का वैधानिक एवं सामाजिक अधिकार है। न्यूनतम मजदूरी का उद्देश्य श्रमिकों एवं उनके परिवार को सम्मानजनक जीवन, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक जीवनोपयोगी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से महंगाई की दर में वृद्धि के अनुसार VDA निर्धारित किया जाता है ताकि श्रमिकों की वास्तविक आय और क्रय शक्ति बनी रहे।
वर्तमान समय में खाद्य पदार्थों, रसोई गैस, बिजली, परिवहन, मकान किराया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं के मूल्य लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में VDA अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी का सीधा दुष्प्रभाव श्रमिकों पर पड़ रहा है। लाखों श्रमिक अपनी मेहनत के उचित प्रतिफल से वंचित हो रहे हैं जबकि जीवन यापन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
इस संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत दिल्ली श्रम विभाग से जानकारी प्राप्त की गई। श्रम विभाग द्वारा दिए गए उत्तर में केवल यह कहा गया कि अक्टूबर 2025 में औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में वृद्धि न होने के कारण महंगाई भत्ता घोषित नहीं किया गया था तथा अप्रैल 2026 का महंगाई भत्ता “Under Submission” अर्थात विचाराधीन है। किंतु यह नहीं बताया गया कि फाइल किस स्तर पर लंबित है, अधिसूचना कब तक जारी होगी, देरी का वास्तविक कारण क्या है तथा इसके लिए कौन अधिकारी उत्तरदायी है।
माननीय महोदय, यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है कि अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाली अधिसूचना जून 2026 के अंत तक भी जारी नहीं हुई है। इससे श्रमिकों में असंतोष एवं अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यदि किसी प्रशासनिक कारण से अधिसूचना लंबित है तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि श्रमिकों को वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
भारत का संविधान एक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को स्वीकार करता है। संविधान के अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार प्रदान करता है। अनुच्छेद 38 राज्य को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करने का निर्देश देता है। अनुच्छेद 39 श्रमिकों के आर्थिक हितों की रक्षा की बात करता है तथा अनुच्छेद 43 राज्य को श्रमिकों के लिए जीवनयापन योग्य मजदूरी सुनिश्चित करने का निर्देश देता है। ऐसे में VDA अधिसूचना में अनावश्यक विलंब संविधान की मूल भावना तथा श्रमिक कल्याण के सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार देश के अन्य राज्यों की तुलना में श्रमिक हितैषी नीतियों के लिए जानी जाती रही है। इसलिए दिल्ली के श्रमिकों को यह अपेक्षा है कि उनकी वैधानिक मजदूरी एवं महंगाई भत्ते के मामले में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा तथा उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं रखा जाएगा।
अतः आपसे विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित मांगें की जाती हैं—
- अप्रैल 2026 से प्रभावी परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) एवं संशोधित न्यूनतम मजदूरी की अधिसूचना तत्काल जारी करने का निर्देश प्रदान किया जाए।
- अधिसूचना जारी करने में हुई देरी के कारणों की उच्चस्तरीय समीक्षा कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
अधिसूचना में हुई देरी के लिए उत्तरदायी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही निर्धारित कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। - अधिसूचना जारी होने के उपरांत सभी श्रमिकों को अप्रैल 2026 से देय बढ़ी हुई मजदूरी एवं VDA का भुगतान एरियर सहित सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
- दिल्ली सरकार के श्रम विभाग को निर्देशित किया जाए कि भविष्य में VDA एवं न्यूनतम मजदूरी संबंधी अधिसूचनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर जारी की जाएं।
- श्रमिकों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा विशेष हस्तक्षेप कर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
इस आवेदन पर की गई कार्रवाई एवं निर्णय की सूचना लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
महोदय, दिल्ली की अर्थव्यवस्था को गति देने में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों एवं श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये श्रमिक दिन-रात मेहनत करके उद्योगों, प्रतिष्ठानों, संस्थानों एवं सेवा क्षेत्रों को संचालित रखते हैं। इसलिए यह न्यायोचित एवं आवश्यक है कि उन्हें समय पर उनकी वैधानिक मजदूरी एवं महंगाई भत्ते का लाभ प्राप्त हो।
आपसे अपेक्षा है कि श्रमिक हित, सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई करेंगे तथा दिल्ली के लाखों श्रमिक परिवारों को राहत प्रदान करेंगे।
भवदीय,
सुरजीत श्यामल
राष्ट्रीय अध्यक्ष, वर्कर वौइस्
एवं दिल्ली के समस्त मजदुर/प्राइवेट कर्मचारी परिवार
प्रतिलिपि सूचनाार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु:
माननीय श्रम मंत्री, दिल्ली सरकार।
मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार।
श्रम आयुक्त, श्रम विभाग, दिल्ली सरकार।
संबंधित अभिलेख हेतु।
E-Petition for Delhi Minimum Wages मंहगाई भत्ता अप्रैल 2026
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Surjeet Shyamal एक श्रमिक जागरूकता लेखक हैं, जो Private Employees को PF, वेतन, ग्रेच्युटी और लेबर कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल हिंदी में प्रदान करते हैं। उनका लक्ष्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और सही मार्गदर्शन देना है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य जीवन जी सकें। Read More