EPF interest rate 2020 – सरकार फिर से घटा सकती है ब्याज दर

पूरा देश कोरोना महामारी से परेशान है. गरीब मजदूर के आलावा मिडिल वर्ग के ऊपर भी मंहगाई की मार पड़ रही हैं. प्राइवेट से लेकर सरकारी कंपनियों से कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा हैं. अब ऐसे में सरकार नौकरी पेशा लोगों को एक और झटका देने जा रही है. आपको बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2020 के लिए घोषित 8.5% ब्याज दर को कम कर सकता है. इससे पहले 2019-20 के लिए EPF interest rate 2020 पहले से ही घटा दी गई है. जिसे फिर से घटाने की तैयारी चल रही है.

EPF interest rate 2020 कितना होगा ? epf interest rate 2020 in hindi

अभी मार्च 2020 में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2020 के लिए 8.5% ब्याज दर की घोषणा की थी, जिसके बाद बताया जा रहा हैं कि उनको वित् मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली थी. वित् विभाग के मंजूरी के बाद ही श्रम विभाग इसको नोटिफाई कर सकता हैं. मगर Covid-19 के कारण निवेश पर रिटर्न लगातार घट रहा है, जिसके चलते ईपीएफओ द्वारा प्रोविडेंट फंड पर दिए जाने वाले ब्याज को घटाने पर फिर से विचार किया जा रहा है.

सरकार जल्द फैसला ले सकती है

सरकार द्वारा ब्याज दरों पर निर्णय लेने के लिए ईपीएफओ का फाइनेंस डिपार्टमेंट, इन्वेस्टमेंट डिपार्टमेंट और ऑडिट कमेटी जल्द ही एक बैठक करने वाले हैं. जिसके बाद ही इस मीटिंग में तय किया जाएगा कि ईपीएफओ कितना ब्याज दर देने की हालत में है. सरकार के इस फैसले से एक साथ लगभग 6 करोड़ पीएफ खाताधारकों को झटका लग सकता है. जिसकी शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी.

pf ka interest kab milega?

अभी मार्च में ही केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने ईपीएफ पर ब्याज दर 8.65 प्रतिशत को घटा कर 8.5% वार्षिक ब्याज दर (PF interest rate 2020) देने की घोषणा की थी. जिसके बाद बताया गया था कि वित् मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जायेगा. अब जैसे ही नोटिफिकेशन जारी होता वैसे ही आपके अकाउंट में ब्याज क्रेडिट हो जाता. मगर अभी तक वित् मंत्रालय ने मंजूरी ही नहीं दी. अब जानकारी आ रही की इस ब्याज दर को 8% किया जा सकता है.

PF क्या होता है? PF का फुल फॉर्म क्या है (PF Full form in Salary)

अगर आप जानना चाहते हैं कि E PF होता क्या है? PF को EPF भी कहते हैं और इसका फुल फॉर्म Employee Provident Fund होता है. EPF एक तरह का निवेश है. जो किसी सरकारी अथवा गैर सरकारी कंपनी में कार्यरत् कर्मचारी के मासिक निवेश के रूप में जमा किया जाता है. जो कि उस Employee या उसके परिवार के सदस्यों को भविष्य में काम आता है.

कानून के नियमानुसार 20 या उससे अधिक वर्कर के काम करने वाले कंपनी को इसके तहत EPFO (Employee Provident Fund Organization) में पंजीकरण अनिवार्य है. एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (Employee Provident Fund) जिसे आमतौर पर EPF कहा जाता है. यह एक रिटायरमेंट स्कीम है. जब आप Job ज्वाइन करते है तभी आपकी Company आपसे EFP का फार्म भरवाकर आपका खाता EPF Office में खोलता है. EPF खाते में Employee और Employer दोनों के द्वारा ही योगदान (Contribution) किया जाता है.

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2 thoughts on “EPF interest rate 2020 – सरकार फिर से घटा सकती है ब्याज दर”

    • हाँ, जल्द ही इसकी जानकारी पता करके बतायूँगा.

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