EPF Wage Limit increase 30000 – पीएफ खाताधारी कर्मचारियों के लिए एक अहम जानकारी लेकर आये हैं। अभी हाल ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट कर्मचारियों के पीएफ सैलरी लिमिट बढ़ाने का आदेश जारी किया है। जिसके तहत हर कर्मचारियों का सवाल है कि उनका पीएफ सैलरी लिमिट तीस हजार हो जायेगा, उसके बाद उनकी सैलरी पर क्या असर पड़ेगा? आज हम अपने इस पोस्ट के माध्यम से आपको पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।
EPF Wage Limit increase 30000 प्राइवेट कर्मचारियों
प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर लेकर आये हैं। जिसके तहत आने वाले समय में आपके EPF Wage Limit 15000 से बढ़कर 30,000 तक होने की सामने आ रही है। ऐसे में आपके सैलरी में इसका काफी बदलाव देखने को मिलेगा। यही नहीं बल्कि केंद्र सरकार के द्वारा पिछले 11 साल से पीएफ सैलरी लिमिट में बदलाव नहीं किया गया है।
अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को 4 महीने में पीएफ सैलरी लिमिट में बदलाव करने को कहा है। जिसके बाद विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले समय में ईपीएफओ के द्वारा पीएफ सैलरी लिमिट 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार किया जा सकता है। जिसके बाद आपमें से बहुत से कर्मचारी जानना चाहते हैं कि इससे उनके पॉकेट पर क्या असर पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट के क्या आदेश दिया है?
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पीएफ सैलरी लिमिट पर केंद्र सरकार को एक समय सीमा दी है। जिसके तहत माननीय कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कोर्ट के आदेश के कॉपी को केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। जिसके बाद सरकार को निर्णय लेने के लिए चार महीने एक समय दिया है। जो कि एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह मामला सामने आई कि पीएफ की मौजूदा सैलरी लिमिट 15000 अब समय के साथ अप्रासंगिक हो चुकी है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि पिछले 11 वर्षों में कई राज्यों का न्यूनतम वेतन बढ़ने से बहुत से कर्मचारी पीएफ के लाभ पाने से वंचित हो गए है। जिसके बाद माननीय कोर्ट ने मामले का निपटारा करते यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिसके बाद विभिन्न मीडिया के द्वारा EPFO के तरफ से पीएफ सैलरी लिमिट 30,000 तक बढ़ाने की बात सामने आ रही है।
EPF Wage Limit क्या होता है?
ईपीएफ वेज लिमिट कहिए या पीएफ सैलरी लिमिट, आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि आखिर यह क्या है। पीएफ सैलरी लिमिट बढ़ने से हमारी सैलरी बढ़ जाएगी। आपके बता दें कि पीएफ सैलरी लिमिट बढ़ने से आपकी सैलरी नहीं बढ़ेगी। अभी तक के पीएफ के नियम के अनुसार अगर आप किसी ऐसी कंपनी या संस्थान में काम करते हैं जिसमें 20 या 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। जिसके बाद आपकी सैलरी (बेसिक+डीए) 15000 रुपया तक है, तभी आपके कंपनी की दायित्व है कि आपका पीएफ का खाता खुलवाए। यह पीएफ सैलरी लिमिट 15000 रुपया को बढ़ाने की बात हुई है। जिसके तहत अब बताया जा रहा है कि ईपीएफओ 30000 रुपया कर सकता है।
EPF Wage Limit increase 30000 रु प्राइवेट कर्मचारियों पर असर
प्राइवेट कर्मचारियों पर पीएफ सैलरी लिमिट बढ़ने का असर
अब आते हैं कि पीएफ सैलरी लिमिट 15,000 रुपया से बढ़कर 30,000 रुपया हो जाता है, ऐसे में प्राइवेट कर्मचारी पर क्या असर पड़ेगा। अब ऐसे में मान लीजिए कि आपकी सैलरी 30,000 रूपया है। ऐसे में पहले की तुलना में आपका पीएफ का 12 फीसदी पीएफ का कंट्रीब्यूशन के रूप में 30,000 रूपया सैलरी का 12 फीसदी 3600 रुपया कटेगा। जिससे आपके टेक होम सैलरी में कमी देखी जाएगी। जबकि दूसरी तरह आपके एम्प्लायर को भी ठीक उतना ही पैसा आपके पीएफ खाते में जमा होगा। जिससे आप कह सकते हैं कि पीएफ में डबल पैसा जमा हुआ। जिससे लम्बे समय में आपको फायदा देखने को मिलेगा।
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