मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की, जबकि

देश भर में कार्यरत तक़रीबन 1.1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में 3 फीसदी का वृद्धि किया है. इससे केंद्र सरकार के अंडर कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा. इसको 1 जनवरी 2019 से लागू माना जाएगा.

 

मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की

हिंदुस्तान के खबर के अनुसार मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कई प्रस्ताव पर मुहर लगी. श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षयता में हुई बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता वृद्धि का फैसला लिया गया. जिसके बाद अब उनका महंगाई भत्ता 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत हो जायेगा. जिसको 1 जनवरी 2019 से लागू माना जायेगा. इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने भारतीय चिकित्सा परिषद (Indian Medical Council)) (संशोधन दूसरा अध्यादेश-2019) के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. 

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केंद्रीय कर्मचारियों को लुभाने की कोशिश की गई

इस बढ़ोतरी के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों व् पेंशनधारकों के लिए मंहगाई भत्ता बढ़कर उनके बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हो गया है. इससे स्पष्ट है कि यह बढ़ोतरी चुनावी बढ़ोतरी हैं. जिससे केंद्रीय कर्मचारियों को लुभाने की कोशिश की गई हैं.

मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की, जबकि

 

ज्यादातर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेन्ट्रल गवर्नमेंट के अंडर काम करने वाले ठेका वर्कर को इसका फायदा नहीं मिलेगा. इसलिए किसी को कंफ्यूज होने की जरुरत नहीं हैं. एक तरह से देखें तो सेंट्रल गवर्नमेंट के डिपार्टमेंट्स में 2013 के आंकड़े के अनुसार लगभग 18.44 लाख ठेका वर्कर रजिस्टर्ड ठेकेदार के मार्फ़त काम करते हैं. जिनको केवल चीफ लेबर कमिश्नर सेन्ट्रल द्वारा जारी न्यूनतम वेतन देने का प्रावधान हैं. इसके बारे में यह कहें तो गलत नहीं होगा कि ज्यादातर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा हैं. 

ऐसे तो सभी रेगुलर वर्कर के बराबर काम करते हैं. जिसके अनुसार उनको माननीय सुप्रीम कोर्ट के 26 अक्टूबर 2016 के आदेश के अनुसार समान काम का समान वेतन मिलना चाहिए. मगर इस फैसले के आये हुए लगभग ढाई साल बिताने के बाद भी मोदी सरकार के द्वारा न लागु किया गया और न कोई इस दिशा में ठोस कदम ही उठाया गया.
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