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    Minimum Wages से कम सैलरी दे रहा तो कंपनी की शिकायत कैसे करें



    Minimum Wages से कम सैलरी दे रहा तो कंपनी की शिकायत कैसे करें, Labour Department grievance

    हमें जीने के लिए रोटी चाहिए और सभी लोग इसी विश्वास के साथ मेहनत और ईमानदारी से काम करते हैं कि इसके बदले हमें कंपनी या मालिक के तरफ से अच्छी खासी सैलरी मिलेगी. मगर सभी के साथ ऐसा नहीं हो पता. हर कर्मचारी को सरकार के लेबर डिपार्टमेंट द्वारा नोटिफाइड न्यूनतम वेतन से कम सैलरी नहीं दिया जा सकता हैं. आज हम जानेंगे कि यदि हमें Minimum Wages से कम सैलरी दे रहा तो कंपनी की शिकायत कैसे करें.

    आप दस गुना हर्जाने तक की मांग कर सकते?

    अगर आप न्यूनतम वेतन अधिनियम (Minimum Wages Act) के अंतर्गत आते हैं और अगर आपको सम्बंधित सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा तो आप अपने कटौती का दस गुना हर्जाने तक की मांग कर सकते हैं. मगर उससे पहले आपको कुछ जानकारी की आवश्यकता होगा. इसके लिए आप हमारे इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें और हो सकते तो नीचे दिए यूट्यूब का वीडियों भी देखें.

    Minimum Wages किसको मिल सकता?

    अगर आप सरकारी या गैर सरकारी विभाग में काम करते हैं तो वह विभाग सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन से कम नहीं दे सकता, मगर इसके लिए अलग-अलग सरकार ने कुछ अनुसूचित रोजगार (Certain Scheduled Employment) तय कर रखा हैं. अब इसके लिए आपको सबसे पहले यह देखना होगा कि आपका रोजगार (Employment)  किस गवर्नमेंट जैसे स्टेट गवर्नमेंट या सेन्ट्रल गवर्नमेंट के अंतर्गत आता हैं.

    इसके लिए आप सम्बंधित सरकार का नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं. जैसे अगर आप राज्य सरकार के अंडर आते हैं तो राज्य सरकार का न्यूनतम वेतन का नोटिफिकेशन और यदि सेन्ट्रल गवर्नमेंट के किसी विभाग में ठेका आदि पर काम करते तो Central Sphere का नोटिफिकेशन देख सकते हैं. इसके लिए आप हमारे ब्लॉग के सर्कुलर ऑप्शन पर विजिट कर सकते हैं.

    आप इसको हमारे इस उदाहरण से आसानी से समझ सकते हैं. अगर आप किसी भी राज्य के अंदर राज्य सरकार के अधीन विभाग, संस्थान, पीएसयू आदि के अलावा उस राज्य के फैक्ट्री, दूकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम के अंतर्गत  होटल, रेस्टुरेंट, मनोरंजन गृह या किसी भी व्यवसायिक संस्थान में रेगुलर, डेलीवेजर, ठेका, आउटसोर्स के रूप में काम करते हैं तो आप स्टेट गवर्नमेंट के अंडर आयेंगे. इसके लिए आप अपने एरिया के लेबर कमिश्नर ऑफिस से भी संपर्क कर पता कर सकते हैं. ऐसे भी आपको उन्ही के पास कम्प्लेन फाइल करना होता हैं.


    मगर आप उसी राज्य में स्थिति किसी सेंट्रल गवर्नमेंट के विभाग जैसे रेलवे, एयरपोर्ट, पोस्ट ऑफिस, आईआरसीटीसी, क्रिश, मिनिस्ट्री या उसके विभाग, पीएमओ आदि में ठेका या आउटसोर्सिंग पर काम ही क्यों नहीं करते तो आप सेन्ट्रल गवर्नमेंट के अंडर आयेंगे. आपके लिए Central Sphere का चीफ लेबर कमिश्नर के द्वारा न्यूनतम वेतन का नोफिटिकेशन जारी किया जाता हैं. आपको आपके राज्य सरकार के लेबर डिपार्टमेंट द्वारा जारी न्यूनतम वेतन या Central Sphere का चीफ लेबर कमिश्नर सेन्ट्रल द्वारा न्यूनतम वेतन का नोफिटिकेशन दोनों में जो ज्यादा होगा वह मिलेगा.

    Minimum Wages कहाँ शिकायत करें

    अब अगर आपको ऊपर बताये तरीके से पता चल गया कि आप किस सरकार के अंडर आते और आपको न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है तो आप सम्बंधित लेबर कमिश्नर ऑफिस में लिखित शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए आप दो तरीके से शिकायत कर सकते हैं. एक तो अगर आप किसी रजिस्टर्ड यूनियन के सदस्य हैं तो अपने यूनियन  के मार्फ़त कम्प्लेन लगा सकते हैं. अगर नहीं तो आप अकेले भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.

    आप जब भी न्यूनतम वेतन नहीं मिलने की लिखित शिकायत करें तो निम्न बातों का ध्यान रखें-

    अगर आप कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हैं और आप ठेकेदार या सब ठेकेदार के द्वारा भी काम क्यों न करते हों. ऐसे स्थिति में तीनों के खिलाफ शिकायत करें. इसके लिए उनके ऑफिस का पूरा पता लिखें.

    आप अपनी शिकायत में हमेशा पद को पार्टी बनायें, जैसे सीएमडी, डायरेक्टर, जनरल मैनेजर आदि. ऐसा इसलिए की अफसर बदलते रहेंगे मगर पद बना रहेगा.

    अपने न्यूनतम वेतन में गलत कटौती का मासिक विवरण जरूर संलग्न करें. जिसके अंत में टोटल गलत कटौती यानी काम पेमेंट को अंकों और शब्दों में लिखें.

    अपनी सैलरी की गलत कटौती या न्यूनतम वेतन से काम भुगतान का विवरण बनाते समय "सम्बंधित सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन- प्राप्त वेतन = वेतन का काम भुगतान" लिखें. इससे सम्बंधित अधिकारी को समझने और कैलकुलेशन एम् आसानी होगी.

    आप अपने इस एप्लीकेशन एक अंत में अपने सैलरी के कुल कटौती का दस गुना हर्जाना की मांग कर सकते हैं.

    अगर एक से अधिक कर्मचारी का शिकायत हो तो प्रत्येक के कटौती का ब्योरा अलग-अलग लिखकर संलग्न करें.

    आपके शिकायत के सम्बन्ध में आपके पास जो भी जानकारी या डॉक्यूमेंट हो उसका फोटो कॉपी क्रमवार संलनः करना न भूलें.

    इस शिकायत पत्र में आप पाने ऑफिस के एड्रेस के साथ ही अपना पूरा पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी लिखें. जिससे को सम्बंधित अधिकारी को आपको सुनवाई के लिए बुलाने में आसानी हो.

    इसके बाद अंत में अपना पूरा हस्ताक्षर, दिनांक के साथ करें. जिसको सम्बंधित विभाग में खुद जानकर रिसीव करवाएं.

    Minimum Wages से कम सैलरी दे रहा तो कंपनी की शिकायत कैसे करें 


    Minimum Wages कैसे और क्या करवाई होगी?

    आपका शिकायत मिलने के बाद सम्बंधित अधिकारी आपके शिकायत पर करवाई करते हुए आपके कम्पनी को नोटिस करेंगे. जिसमें उनको रिकॉर्ड के साथ एक डेट फिक्स्ड कर आने को कहा जायेगा. उस दिन आपको भी आपके डॉक्यूमेंट के साथ बुलाया जायेगा. फिर उनके सामने प्रोसेडिंग चलेगी और और अगर लेबर कमिश्नर आपकी बात सही पाते हैं तो आपको आपका न्यूनतम वेतन के साथ दस गुना हर्जाना तक मिल सकता हैं. इसके साथ ही न्यूनतम वेतन अधिनियम के हिसाब से सम्बंधित अधिकारी आपके एम्प्लायर पर करवाई भी कर सकता हैं.

    दोस्त, आपको यह जानकारी कैसे लगी, कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बतायें. इसके साथ ही अपने दोस्तों को हमारे इस ब्लॉग के बारे में जानकारी दें ताकि वो भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें.

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    1 comment:

    1. Bandu Meshram Ji30 May 2019 at 23:18

      surjit ji, aapki baat bilkul sahi hai. lekin koi apne hak liye ladhna nahi chahata. jo milta hai usi me samadhan mante hai.commissioner ke paas sikayat karte hai to labour dept. ke log thik se dhyan nahi dete. kuch hi log immandar hote hai. baki sab mil jul ke mamle ko niptate hai.jo scheduled employment ke antargat kamgaar ko minimum wages milna chahiye wo scheduled employment management lagu nahi karta. jan buzkar jo sabse kam wages wala scheduled employment hai wah lagu karte hai. labour commissioner bhi management ke upar karyawahi nahi karte. minimum wages kuch simit samay ke hona chayiye. lekin 20-25 saal ki service hone ke baad bhi minimum wages dena galat hai. iske liye contract labour act bahut pravadhan hai lekin iska amal nahi hota . JULM KARNEWALE SE SAHNE WALA JYADA GUNHEGAAR HOTA HAI. NAMASKAAR and keep it up.

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