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    प्राईवेट कर्मचारियों की सैलरी 24 हजार महीना से कम नहीं : मोदी सरकार

    प्राईवेट कर्मचारियों की सैलरी 24 हजार महीना से कम नहीं दे सकते : मोदी सरकार ?

    कल एक न्यूज पढ़ने में आया. उसके बाद देखते-देखते वायरल हो गया. इसके बाद जिस भी वेव पोर्टल पर देखिए वही खबर और वह खबर यह है कि "मोदी सरकार के नये आदेशों के बाद अब प्राईवेट कंपनियों में काम करने वाले किसी भी कर्मचारी की सैलरी 24 हजार रुपये महीने से कम नहीं होगी"  कल ही कई साथी ने न्यूज का लिंक शेयर किया और इसकी सत्यता बताने को कहा. उसके बाद से ही खोजबीन में लगा हूँ. हमारे पास तो जानकारी हाथ लगी, वह इस पोस्ट के "प्राईवेट कर्मचारियों की सैलरी 24 हजार महीना से कम नहीं : मोदी सरकार | सच में" माध्यम से शेयर करने जा रहा हूँ.
     

    प्राईवेट कर्मचारियों की सैलरी 24 हजार महीना से कम नहीं

    यह न्यूज सबसे पहले मनी भाष्कर पर आया. आप खुद भी गूगल में सर्च करेंगे तो यह दिख जायेगा. मनी भाष्कर ने लिखा है कि  "केंद्र सरकार के कार्मिक एवं लोक शिकायत मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बुधवार को एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि मोदी सरकार ने 2017 में न्यूनतम वेतन में संशोधन कर इसे 40 प्रतिशत बढ़ाया है. इसके लिए कानून बनाया गया है और जो भी लोग इस कानून का अनुपालन नहीं कर रहे हैं उनकी शिकायत आने पर मामले की जांच करायी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

    खबर के अनुसार उन्होंने यह कहा कि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के हितों के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है. इसी प्रतिबद्धता का पालन करते हुए पिछले वर्ष सरकार ने पीएफ में सरकार की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत कर दी है. इसी तरह से प्रसवकाल के लिए अवकाश की अवधि 24 माह की गई है. न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए से बढ़ाकर 24 हजार रुपए किया गया है. श्रमिकों की सुविधा के लिए एक पोर्टल भी है जिसमें शिकायतें दर्ज की जा सकती है. अनुबंध आधारित नियुक्तियों में आरक्षण देने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में 45 दिन से ज्यादा समय के लिए नियुक्ति की जाती है वहां इस तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं लेकिन जहां ठेकेदार नियुक्तियां दे रहे हैं वहां आरक्षण लागू करना संभव नहीं है. ठेकेदार अपने हिसाब से लोगों को नियुक्त करते हैं.

    इसके बाद न्यूज 24 ने भी इसी समाचार को न केवल कॉपी पेस्ट किया बल्कि हमारे पिछले साल के इसी से सम्बंधित वीडियो का फोटो भी अपने पोस्ट पर लगा लिया. इसको देखते ही कुछ खटका. 

    इसके बाद माजरा कुछ-कुछ समझ में आ गया, मगर न्यूज में चूँकि लोकसभा प्रश्न का हवाला दिया गया था. इसलिए एक बाद खोजबीन में जुट गया. काफी खोजबीन करने के बाद लोकसभा में पूछे गए उक्त प्रश्न नहीं मिल पाया. अगर आप चाहे तो ऊपर के न्यूज के अनुसार बुधवार 24 जुलाई 2019 को लोकसभा में पूछे सभी सवालों का लिस्ट यहां क्लीक कर देख सकते है.

    हाँ, माननीय मंत्री महोदय श्री जितेंद्र सिंह जी ने आउटसोर्स से सम्बंधित एक सवाल का जवाब दिया हैं. हाँ, माननीय मंत्री महोदय श्री जितेंद्र सिंह जी ने बुधवार को आउटसोर्स से सम्बंधित एक सवाल का जवाब दिया हैं. जिसका उपरोक्त न्यूज से कोई भी वास्ता नहीं हैं. अगर आप चाहे तो यहां क्लिक कर खुद ही पढ़ सकते हैं.

    अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह 24000 मासिक सैलरी की बात कहां से आई. इसके लिए जब हमारी नजर न्यूज 24 के इस फोटो पर पड़ी तो माजरा समझ में आ गया. असल में यह फोटो उन्होंने हमारे ब्लॉग या यूट्यूब चैनल से उठाया हैं. जो कि पिछले साल का हैं.


    इसमें दिखाए गजट नोटिफिकेशन से दो साल पहले भी काफी लोग धोखा खा गए थे. जब यह मुझे किसी मित्र ने भेजा तो छानबीन कर इसको ब्लॉग पर पब्लिश किया था.

    जबकि इस गजट के द्वारा केंद्र सरकार ने 2017 में Wage Limit में बढ़ोतरी की थी. जिसके अनुसार  मजदूरी सीमा 18000/- रूपये प्रति माह को बढाकर 24000/- प्रति माह किया गया है. मतलब "अब 24000 मासिक मजदूरी वाले वर्कर की मजदूरी वर्तमान सिक्का या मुद्रा नोटों में या चेक या कर्मचारी के बैंक खाते में मजदूरी जमा द्वारा भुगतान किया जाएगा" इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए पढ़िए -भारत सरकार द्वारा जारी 24 हजार न्यूनतम वेतन की हकीकत जाने, शेयर करें | Worker News

    जैसे की ऊपर न्यूज में बताया गया हैं कि "मोदी सरकार ने 2017 में न्यूनतम वेतन में संशोधन कर इसे 40 प्रतिशत बढ़ाया है. जिसके बाद अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारियों को 24 हजार रुपये महीने से कम देती है तो शिकायत मिलने पर सरकार उस कंपनी के खिलाफ सीधी कार्रवाई कर सकती है". जबकि खुद राज्य सभा में सरकार ने UnStarred Question No. 2509 dated 08.08.2018 के तहत पुरे देश के हर राज्य का न्यूनतम वेतन 01.07.2018 से पहले का डाटा पेश किया हैं. इसको देखने के लिए हमारे इस पोस्ट को पढ़िए - Minimum Wage By State in India 2018 | आपको कम से कम कितना वेतन मिलना चाहिए

    अब आते हैं इस बात पर क्या वर्तमान परिस्तिथि में प्राइवेट कर्मचारी का 24000 महीना वेतन हो सकता हैं. इसके लिए आपको बता दें कि हर राज्य का न्यूनतम वेतन तय करने का अधिकार राज्य सरकार के लेबर विभाग को हैं. अभी मोदी सरकार के द्वारा वेजेज कोड के जरिये एक नेशनल न्यूनतम वेतन करने की बात चल रही हैं. इसके लिए फरवरी 2019 में एक्सपर्ट कमिटी ने एक रिपोर्ट सौपा हैं. जिसके अनुसार मजदूरों के लिए 9750 रुपया मासिक नेशनल न्यूनतम वेतन का सुझाव दिया हैं. इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारे इस पोस्ट को पढ़िए - National Minimum Wages एक्सपर्ट कमेटी के अनुसार किस राज्य का कितना होगा.

    अभी हाल ही में लाइव मिंट के खबर के अनुसार मोदी सरकार ने नेशनल न्यूनतम वेतन में 2 रुपये की बढ़ोतरी कर 178 रुपया तय की हैं, जबकि एक्सपर्ट कमेटी ने 375 रूपये की सिफारिश की थी.

    प्राईवेट कर्मचारियों की सैलरी 24 हजार महीना से कम नहीं : मोदी सरकार




    कुछ समाचार पत्रों ने पहले भी कुछ इसी तरह से केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन 18000 मासिक करने की खबर छापी थी. तब खुद भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने दिनांक 05-सितम्बर-2017 को प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि "अभी हाल में ऐसी खबरें आई थी कि केंद्र सरकार ने न्‍यूनतम मजदूरी 18,000 रुपये मासिक तय की हैं. स्‍पष्‍ट किया जाता है कि मजदूरी विधेयक, 2017 सम्‍बंधी संहिता में केंद्र सरकार ने ‘राष्‍ट्रीय न्‍यूनतम मजदूरी’ जैसी कोई रकम न तो तय की है और न उसका उल्‍लेख किया है. इसलिए 18,000 रुपये मासिक न्‍यूनतम मजदूरी रिकवरी गलत और आधारहीन हैं. न्‍यूनतम मजदूरी आवश्‍यक कुशलता, परिश्रम और भौगोलिक स्‍थिति के अनुसार तय की जाएगी." न्यूनतम मानदेय 24000 की खबर वायरल, जानिए मोदी सरकार ने क्या कहा

    इसके आलावा आपको बता दूँ कि केंद्रीय कर्मचारी सांतवा वेतन के तहत 26 हजार न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं, जबकि बिज़नेस टुडे के अनुसार सरकार ने 18000 मासिक तय किया हैं. अब आप ही सोचिये जब उन सरकारी कर्मचारी को मिला ही नहीं तो प्राइवेट कर्मचारी को कहां से मिल जायेगा. इसलिए यह न्यूज फेक ही नहीं बल्कि आपको गुमराह करने वाला हैं.

    आगे से जब भी इस तरह का कोई न्यूज आपके सामने आये तो सोच समझ कर शेयर करें. इससे हमारे कर्मचारी साथी ही गुमराह होते हैं. अब ऐसे में उम्मीद करूँगा कि ऊपर बताये गए तथ्यों से सच्चाई जान गए होंगे. इसको देश के हर कर्मचारी तक पहुंचाने में मदद करें.

    यह भी पढ़ें-

    4 comments:

    1. Updated soon on this page - https://www.workervoice.in/p/circulars.html

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    2. Hi sir,

      Thanks for update correct news, i will appreciate your work..

      Regarding the minimum wages act i have some questions, pl help me in it.

      1) Which pvt ltd companies will comes under minimum wages act.

      2)Below the minimum wages if company will provide the salary than where do we have on govt portal.

      3)Many of the companies playing with the employee by doing employment tatic like they are hiring the employee by paying much less than minimum wages in the form of employment like 1) professional role 2)wages role , how do we complaint of these companies.

      Regards,
      Rahul wahurwagh
      9225234920

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    3. नमस्ते सर, Mene apka blog pada aur videos bhi dekhi Jo ki samaj ke hit aur adhikaro ke bare me he jisne mujhe bahut prabahvit kiya kyoki aap bahut acha kam kar rahe he. Merko apse itni jankari chahiye ki me IT company (Pvt.LTD he)(Jaha software banaye jate he) me kam karta hu aur mene yaha September 2018 se September 2019 tak kam kar raha hu, kya mujhe is bar Bonus milna chahiye Diwali ka. Kyoki yaha PF bhi nahi dete (Kya PF employees ko milna anivarya hota he ya Apni marji se company de ya na de esa hota he?) he aur lagta nahi yaha bonus bhi dete honge.Meri net sellery 16 hajar he. Apka bahut bahut dhanyavad.

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