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    Contract Worker का वेज कोड बिल से एक समान सैलरी 18000 हो जायेगा?

    Contract Worker का वेज कोड बिल से एक सामान सैलरी 18000 हो जायेगा?

    पिछले दो वर्ष से Wage Code Bill के बारे में मिडिया में काफी कुछ पढ़ने और सुनने को मिला होगा. इसके बारे में हर दूसरे दिन कर्मचारी पूछते रहते हैं कि यह कब लागू होगा और कब पुरे देश में सरकार के वादे के मुताबिक एक सामान सैलरी हो जायेगी. कल ही एक साथी ने पूछा कि क्या Contract Worker का वेज कोड बिल से एक सामान सैलरी 18000 हो जायेगा?

    इस सन्दर्भ में हमने काफी पहले भी अपने पुराने Post के माध्यम से बताने की कोशिश की थी. मगर हर बार पेड मिडिया नए-एक तरीके से कर्मचारियों को गुमहराह करने की साजिश रचती हैं. जिसके बाद कुछ लोग इस पर वर्कर वॉयस की राय जानने के लिए ईमेल और मैसेज करते हैं. इसके बारे में हमारा कहना है कि अभी तक सरकार के तरह से कोई भी आधिकारिक वयान नहीं आया कि Wage Code Bill के लागू होते ही पुरे देश में एक सामान न्यूनतम वेतन हो जायेगा.

    हां, मगर आज से 2 वर्ष 05-सितम्बर-2017 को पूर्व केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने दिनांक 05-सितम्बर-2017 को प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी दी थी. उस प्रेस रिलीज में वेजेज कोड के बारे में लिखा है. आइये जानते हैं कि उसमे क्या लिखा हैं?

    पत्र सूचना कार्यालय 
    भारत सरकार
    श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 

    वीके/एकेपी/एसकेपी-3657                                                          05-सितम्बर-2017 16:36 IST

    श्रम कानून सुधारों के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. सरकार ने 38 श्रम अधिनियमों को तर्कसंगत बनाने की शुरूआत की है. इसके तहत 4 श्रम संहिताएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें मजदूरी सम्‍बंधी संहिता, औद्योगिक सम्‍बंधों के लिए संहिता, सामाजिक सुरक्षा सम्‍बंधी संहिता तथा पेशागत सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और कामकाजी माहौल सम्‍बंधी संहिता शामिल हैं.

    मजदूरी विधेयक 2017 सम्‍बंधी संहिता 10 अगस्‍त, 2017 को लोकसभा में पेश की गई थी. इसके तहत 4 मौजूदा कानूनों को एक नियम के तहत लाया गया है. इनमें न्‍यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948; मजदूरी भुगतान अधनियम, 1936; बोनस भुगतान अधिनियम, 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 शामिल कर लिए गए हैं. अब इन चारों अधिनियमों को निरस्‍त माना जाएगा.

    न्‍यूनतम मजदूरी अधिनियम और मजदूरी भुगतान अधिनियम के प्रावधानों के दायरे में अधिकांश मजदूर नहीं आते थे. नई मजदूरी संहिता के तहत अब सभी कर्मचारियों के लिए न्‍यूनतम मजदूरी सुनिश्‍चित की जाएगी.

    राष्‍ट्रीय न्‍यूनतम मजदूरी के विचार को प्रोत्‍साहन दिया गया है, जिसके दायरे में विभिन्‍न भौगोलिक क्षेत्र रखे गए हैं. अब कोई भी राज्‍य सरकार राष्‍ट्रीय न्‍यूनतम मजदूरी से कम मजदूरी तय नहीं करेगी.

    चेक या डिजिटल/इलेक्‍ट्रॉनिक तरीके से प्रस्‍तावित मजदूरी भुगतान के जरिए मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी. संहिता के तहत विभिन्‍न प्रकार के उल्‍लंघन होने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

    अभी हाल में ऐसी खबरें आई थी कि केंद्र सरकार ने न्‍यूनतम मजदूरी 18,000 रुपये मासिक तय की हैं. स्‍पष्‍ट किया जाता है कि मजदूरी विधेयक, 2017 सम्‍बंधी संहिता में केंद्र सरकार ने ‘राष्‍ट्रीय न्‍यूनतम मजदूरी’ जैसी कोई रकम न तो तय की है और न उसका उल्‍लेख किया है. इसलिए 18,000 रुपये मासिक न्‍यूनतम मजदूरी रिकवरी गलत और आधारहीन हैं. न्‍यूनतम मजदूरी आवश्‍यक कुशलता, परिश्रम और भौगोलिक स्‍थिति के अनुसार तय की जाएगी.

    मजदूरी विधेयक, 2017 सम्‍बंधी संहिता के उपखंड 9 (3) में स्‍पष्‍ट रूप से कहा गया है कि केंद्र सरकार राष्‍ट्रीय न्‍यूनतम मजदूरी तय करने से पहले केंद्रीय सलाहकार बोर्ड से परामर्श लेगी.

    कुछ ऐसी खबरे भी मीडिया में आई हैं कि न्‍यूनतम मजदूरी की गणना के तरीके को संशोधित किया जाएगा और यूनिट को 3 से बढ़ाकर 6 कर दिया जाएगा. स्‍पष्‍ट किया जाता है कि न्‍यूनतम मजदूरी पर गठित सलाहकार बोर्ड के साथ मजदूर संघों की बैठक में यह मांग उठाई गई थी. बहरहाल, यह भी स्‍पष्‍ट किया जाता है कि इस तरह का कोई भी प्रस्‍ताव मजदूरी विधेयक सम्‍बंधी संहिता का हिस्‍सा नहीं है.
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    Contract Worker का वेज कोड बिल से एक सामान सैलरी 18000 हो जायेगा?



    उम्मीद किया जाता है कि सरकार द्वारा दिए उपरोक्त प्रेस रिलीज से आपके सवालों का जवाब मिल गया होगा. इसके बारे में आपका कोई भी सवाल हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं.

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    4 comments:

    1. सर मैं सुलभ इंटरनेशनल ओर्गनाइजेशन(ngo) दुअरा एक सेंटरल यूनिवर्सिटी में सफ़ाई काम करता हूँ |क्या मुझे कॉंट्रैक्ट वर्कर की तरह अधिकर मील सकता है |

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    2. I am in msrtc mharashtra state asroad transport corporation a conducter reestablishment in 8 may 2017 so please clear in which rule of constitution of India they laps my all service which is from august 2002 to august 2011 dissmissed due to abscentism.(also they proove that I have run my own medical shop in period of my seek leave)DESCRIBE ALL RULES OF INDIA for private practice of government docters.

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    3. Assam universetiy cachar dargakuna sicuretse betan kitana

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