Rashtriya Berojgar Divas- यूपी: मोदीजी के जन्मदिन के अवसर पर युवा मंच ने “रोजगार बने मौलिक अधिकार” नारे पर आयोजित राष्ट्रीय बेरोजगारी दिवस व जुमला दिवस (17 Sep) पूरे प्रदेश में आयोजित किया. जिसके तहत इलाहाबाद के बालसन चौराहे पर हजारों की संख्या में युवा मंच के बैनर तले भर्ती में संविदा प्रथा खत्म करने, खाली पदों को भरने, रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने, निजीकरण पर रोक लगाने के लिए एकत्रित हुए. जिसके बाद पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज कर ग्यारह युवाओं की गिरफ्तार कर लिया गया.
Rashtriya Berojgar Divas पर प्रदर्शन
राजेश सचान युवा मंच के सदस्य ने बताया कि हमलोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन के द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना चाहते थे मगर बिना किसी कारण लाठीचार्ज कर युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह, अमरेन्द्र सिंह सहित ग्यारह युवाओं की गिरफ्तार कर लिया गया. इस गिरफ्तारी की युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने तीखी भर्त्सना की है.
सरकारी नौकरी में संविदा
अपनी गिरफ्तारी के पूर्व प्रदर्शन के दौरान युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह व अमरेंद्र सिंह ने कहा कि योगी सरकार के सरकारी नौकरी में संविदा के प्रस्ताव ने युवाओं के जले पर नमक छिड़कने जैसा है. उन्होंने आगे कहा कि पहले ही प्रदेश में भर्तियां ठप जैसी ही हैं, बेरोजगारी चरम पर है. किसी भी कीमत पर सरकारी नौकरी में संविदा के प्रस्ताव को लागू नहीं होने दिया जायेगा. गिरफ्तार युवा मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि दमन की कार्यवाही योगी सरकार के लिए मंहगी साबित होगी.
यूपी सरकार द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी की चौतरफा निंदा हो रही है. आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी, युवा हल्ला बोल के गोविन्द मिश्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह, वर्कर्स फ्रंट के अध्यक्ष दिनकर कपूर इलाहाबाद में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज व गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मोदी-योगी सरकार को युवाओं पर दमन ढहाने की जगह रोजगार के सवाल को हल करना चाहिए.
इन नेताओं ने सरकार से बिना शर्त अविलंब युवाओं की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि दमन से युवा आंदोलन रूकने वाला नहीं है. यदि सरकार ने रोजगार के सवाल को हल नहीं किया तो यह उसके लिए घातक साबित होगा. गिरफ्तार छात्रों में युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह, अमरेंद्र सिंह बाहुबली, सतेंद्र सिंह, अनंत प्रताप सिंह, अंकित पटेल, शिवम तिवारी, प्रभाकर गुप्ता, कृष्ण कुमार दिवाकर, राकेश कुमार, अंकित अकेला, सुनील वर्मा शामिल हैं.
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Surjeet Shyamal एक श्रमिक जागरूकता लेखक हैं, जो Private Employees को PF, वेतन, ग्रेच्युटी और लेबर कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल हिंदी में प्रदान करते हैं। उनका लक्ष्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और सही मार्गदर्शन देना है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य जीवन जी सकें। Read More