ग्रेच्युटी का नया नियम (Gratuity Rule Change) क्या हैं, कब और किसको फायदा मिलेगा?

मोदी सरकार के द्वारा जल्द ही ग्रेच्युटी नियम (Gratuity Rule Change in hindi) में बदलाव किया जा सकता हैं. ऐसे विभिन्न मिडिया के द्वारा दावा किया जा रहा हैं कि नए नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी की सीमा 5 साल से घटाकर 1-3 साल के बीच में की जा सकती है. जिससे ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिले. आज हम इसी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं कि आखिर यह बदलाव कब से होगा और क्या इससे सचमुच में कर्मचारियों को फायदा मिलेगा?

Gratuity Rule Change in Hindi | Gratuity Act in Hindi 2020

अभी तक के नियम के अनुसार 5 वर्ष एक ही Employer  के अंडर काम करने वाले कर्मचारी Gratuity के हकदार होते हैं. मगर लाइव मिंट के रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार ग्रेच्युटी के नियम (Gratuity Rule Change) को बदलने पर विचार कर रही हैं. इस रिपोर्ट के अनुसार अगर केंद्र सरकार यदि लेबर संसदीय पैनल की सिफारिश को स्वीकार कर लेती है तो कंपनियों को एक वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद कर्मचारियों को Gratuity का भुगतान करना होगा.

नवभारत टाइम्स ने तो खुलेआम ग्रेच्युटी में बदलाव (Gratuity Rule Change) का कारण जॉब सिक्योरिटी का घटना बताया हैं. इसके साथ ही कोरोना महामारी का भी दोष दिया है. जबकि अगर आप गूगल कर देखेंगे तो सरकार द्वारा यह विचार पिछले कई वर्षों से चल रहा हैं.

अब ऐसे में अभी तक ग्रेच्युटी के नियम (Gratuity Rule) के अनुसार 5 वर्ष की सेवा पूरी होने पर ही कर्मचारी ग्रेच्युटी की मांग कर सकता हैं. मगर मुख्य नियोक्ता द्वारा चालाकी कर 5 साल से पहले ही ठेकदार बदल कर कर्मचारी के ग्रेच्युटी के पैसे हड़प लिया जाता हैं. सरकार का दावा हैं कि इस बदलाव से कर्मचारियों को फायदा होगा.

ग्रेच्युटी का पीएफ जैसे नियम बन सकता हैं | Latest Updates on Gratuity in hindi

अभी मिडिया रिपोर्टों के द्वारा दावा किया जा रहा कि सरकार ग्रेच्युटी को भी पीएफ के जैसे बनाना चाहती हैं. जिस प्रकार कर्मचारी का पीएफ में कंट्रीब्यूशन कटता हैं ठीक वैसे ही ग्रेच्युटी भी कटेगा. जिसके बाद कर्मचारी नौकरी बदलने के समय दूसरे कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर सकेगा. ये देखना दिलचस्प रहेगा कि सरकार ग्रेच्युटी में कितना बदलाव करती है, जिससे कर्मचारियों को फायदा होता हैं.

इसके अलावा ग्रेच्युटी को वैध रूप से सीटीसी यानी कॉस्ट टू कंपनी का हिस्सा बनाना का प्रस्ताव भी रखा गया है. इस प्रस्ताव पर श्रम मंत्रालय ने काम भी शुरू कर दिया है और कहा जा रहा हैं कि इस पर एंप्लॉयर एसोसिएशन के साथ बैठक में इस बात की चर्चा भी हो चुकी है.

Gratuity Act क्या है और इसकी गणना कैसे करते हैं?

कोई भी कर्मचारी जो 10 से अधिक कर्मचारी वाले स्थान पर काम करता है और अगर वह उस निगम या Company में Minimum पांच वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर लेता हैं तो वह कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार होता है. इसके बारे में पूरी जानकारी हमारे पुराने आर्टिकल Gratuity Act क्या है और इसकी गणना कैसे करते हैं? Know Gratuity policy in india in Hindi)पढ़ सकते हैं. जिसमें कंपनी के द्वारा ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं करने पर कैसे और कहाँ शिकायत करेंगे? इसकी पूरी जानकारी दी गई हैं.

Gratuity Calculation कैसे करें?

अब आप जरूर जानना चाहेंगे कि Gratuity Calculation कैसे करते हैं? अभी तक के नियम के अनुसार अंतिम सैलरी (Last Withdrawn Salary) (Basic+DA) के अनुसार 15 दिन का सैलरी को कुल सेवा का साल (5 या उससे अधिक) से गुणा कर निकाल सकते हैं. अब मान लीजिए कि सोहन ने 5 साल एक ही कंपनी में काम किया और आखिरी सैलरी के हिसाब से बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) मिलकर 20 हजार रुपए था.

ग्रेच्युटी फार्मूला – (Basic Salary + DA) x 15 दिन x 10 साल /26 (यहाँ पर 1 महीने में 26 दिन माने गए हैं)

इस तरह से सोहन के Gratuity की राशि (20,000)*15*5/26 =57692.30 होगी. आप भी इस फार्मूला का इस्तेमाल कर ग्रेच्युटी कैलकुलेट कर सकते हैं. आप नौकरी छोड़ते समय ग्रेच्युटी क्लेम कर सकते हैं. इसकी जानकारी के लिए हमारे इस पोस्ट को पढ़ें –How to Claim for Gratuity, ग्रेच्युटी क्लेम कैसे करें?

ग्रेच्युटी का नया नियम (Gratuity Rule Change) क्या हैं, कब और किसको फायदा मिलेगा?

Gratuity Rule Change किसको फायदा मिलेगा?

ऐसे यह बात बिलकुल सही है कि देश में Contract Worker की संख्या दिन-प्रति दिन बढ़ती जा रही हैं. आज अपनी जिम्मेदारी (Responsibility) से बचने और कम पैसे में युवाओं का शोषण करने के लिए प्राइवेट के साथ ही साथ सरकारी विभाग/मंत्रालय भी नियम की अनदेखी कर Regular Post पर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर की भर्ती धरल्ले से कर रहे हैं.

ग्रेच्युटी का नया नियम (Gratuity Rule Change) पर हमारा तो मानना हैं कि अभी फिलहाल 5 वर्ष की सेवा पूरी करने पर Gratuity देने का प्रावधान हैं. अब कर्मचारियों को Gratuity नहीं देना पड़े, इसके लिए वो (मुख्य नियोक्ता) 2-3 साल के बाद या तो ठेकेदार बदल देते या फिर कर्मचारी को Artificial Break दिखाकर Gratuity से ही वंचित कर देते हैं.

यही नहीं बल्कि खुद मोदी सरकार ने ही Fixed Term Contract को क़ानूनी बनाया हैं. जिसके बाद सरकारी विभागों में धरल्ले से रेगुलर पोस्ट पर 1 साल की अवधि के लिए Fixed Term Employee नियुक्त किये जा रहे हैं. उनको PF, ESI, Bonus, ग्रेचुइटी आदि कोई सुविधा नहीं दी जाती बल्कि एक Fixed Amount Monthly सैलरी पर काम करवाया जाता हैं. उनको समय (Term) पूरा होते ही या तो नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता या फिर से नए कर्मचारी के रूप में फिर से बहाल कर लिया जाता.

अब अगर ऐसे में 1 साल के लिए ग्रेच्युटी का नियम बनता हैं तो मुझे नहीं लगता कि कोई Employer किसी भी कर्मचारी को 11 महीना से ज्यादा नौकरी पर टिकने देगा. इससे कर्मचारियों को हर 11 महीने पर Job जाने का भय बना रहेगा. इसके आलावा अगर ग्रेच्युटी का पीएफ की तरह कंट्रीब्यूशन का नियम बनता हैं तो कहीं एम्प्लायर पीएफ की तरह दोनों Contribution का हिस्सा कर्मचारी के ही सैलरी से ही न काट ले. अगर ऐसे होता है तो कर्मचारी को हानि छोड़कर लाभ नहीं दिख रहा.

अगर सरकार सच में कर्मचारियों के ग्रेच्युटी के लिए फिक्रमन्द होती तो अभी कम से कम सरकारी विभाग में ठेका/आउटसोर्स कर्मचारियों को ग्रेच्युटी मिल रहा होता.  जबकि सरकारी विभागों में ही ठेका कर्मचारियों का सबसे ज्यादा शोषण होता हैं. आप रेल में कैटरिंग स्टाफ को ही पूछ कर देख लीजिये. अब उनको न्यूनतम वेतन की जगह 5% कमीशन पर काम करवाया जाता हैं.

अभी मोदी सरकार ही सरकारी विभागों को निजीकरण करने जा रही हैं. ऐसे में सरकार द्वारा ग्रेच्युटी नियम में बदलाव कर प्राइवेट ऑपरेटर के ऊपर वित्तीय बोझ कम करने को कोशिश तो नहीं हैं?

यह भी पढ़ें-

Share this

यदि आपके पास वर्कर से सम्बंधित हिंदी में कोई जानकारी, लेख या प्रेरणादायक संघर्ष की कहानी है जो आप हम सभी के साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे तुरंत ही email करें – [email protected]

WorkerVoice.in को सुचारु रूप से चलाने के लिए नीचे Pay बटन पर क्लिक कर आर्थिक मदद करें .

2 thoughts on “ग्रेच्युटी का नया नियम (Gratuity Rule Change) क्या हैं, कब और किसको फायदा मिलेगा?”

Leave a Comment