आँगनवाड़ी महिलाओं ने घंटों रिंग रोड़ जाम किया, केजरीवाल का घेराव करेंगी

नई दिल्ली: 30 जून 2017 को हज़ारों की संख्या में दिल्ली के अलग-अलग आँगनवाड़ी केंद्रों की महिलाओं की हड़ताल ने ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है. जिसका दिल्ली के प्रदर्शनों के इतिहास में कोई सानी नहीं है. हज़ारों आँगनवाड़ी महिलाओं ने अपनी माँगें मनवाने और केजरीवाल सरकार के अड़ियल आँगनवाड़ी-महिला विरोधी रवैये के ख़िलाफ़ घण्टों तक राजघाट के नज़दीक पूरी रिंग रोड़ का चक्का जाम किया. उन्होंने एक तरह से पूरे शहर को ठप्प कर दिया. इसका श्रेय उनलोगों ने अपनी यूनियन की एकजुटता की जीत बताया है.

आँगनवाड़ी महिलाओं ने घंटों रिंग रोड़ जाम किया

सरकारी तंत्र के द्वारा धमकियों और मेमो देने के बावजूद जिस बहादुराना तरीके से 30 जून को सभी ने हज़ारों की संख्या में बारिश होने के बावजूद भी दिल्ली सचिवालय और रिंग रोड का चक्का जाम किया है वो काबिल-ए-तारीफ है. इनकी मुख्य माँग है कि केजरीवाल सरकार 2015 में हमसे किये सभी वादों को पूरा करे, उनका मानदेय कम से कम न्यूनतम वेतन जितना किया जाए और उन्हें ‘कर्मचारी’ की श्रेणी में लाया जाए ताकि उनको भी श्रम क़ानूनों के तहत आने वाले सब अधिकार हासिल हों.

इनका अगला अगला कदम है 1 जुलाई 2017 को अपने-अपने इलाके के विधायक का घेराव और फिर 3 जुलाई से सिविल लाइन्स स्थित अरविन्द केजरीवाल के आवास के बाहर धरना है . उनका कहना है कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक अरविन्द केजरीवाल उनसे खुद मिलने नहीं आते और उनकी माँगों को पूरा नहीं करते.

यूनियन के आह्वान है कि तब तक दिल्ली की सभी अँगनवाड़ियाँ बंद रहेंगी, न तो किसी आँगनवाड़ी पर खाना उतारा जाएगा, न ही बाँटा जाएगा, न ही हम एम.पी.आर. भर के जमा करेंगी, न पोलियों या टीकाकरण, न आधार, न जनगणना, न बी.एल.ओ. का काम करेंगी. वे सभी सभी दिल्ली की आँगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर 2 जुलाई से शुरू पल्स पोलियो अभियान का भी बहिष्कार करेंगी.

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