दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने कोर्ट आर्डर के विरुद्ध टिकट वेंडिंग मशीन लगाकर रोजगार छिना

Guest Blog: आज से करीब 2 साल पहले केंद्रीय संविदा श्रम सलाहकार बोर्ड ने दिल्ली मेट्रो को ठेके पर टिकट वितरक न रखने का फैसला सुनाया था. इसके साथ ही यह फैसला भी दिया था कि ठेके पर लगे कर्मचारियों को दिल्ली मेट्रो परमानेंट करे. मगर दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने कोर्ट आर्डर के विरुद्ध टिकट वेंडिंग मशीन लगाकर कर्मचारियों का रोजगार ही छीन लिया.

दिल्ली मेट्रो ने कोर्ट आर्डर के विरुद्ध रोजगार छिना

कोर्ट के उक्त आदेश का फायदा दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro Rail Corporation Ltd.) में ठेके पर काम करने वाले हजारों वर्करों को होना चाहिए था. इससे उस पद पर वर्षों से काम कर रहे ठेकाकर्मी कई लोगो की सेवा पक्की होती. इतना ही नहीं बल्कि भविष्य में भी बेरोजगार युवाओं के लिए परमानेंट रोजगार की संभावना मेट्रो में बढ़ती. जिससे देश में तरक्की और खुशहाली ही आती.

मगर कोर्ट आर्डर के विरुद्ध लोगों के आंखों के तारा “मोदी सरकार” ने इस पर पानी फेर दिया. उन्होंने एक नया निर्णय ले कर, हर जगह से टिकट काउंटर ही खत्म कर दिया. इस टिकट काउंटर के बदले टिकट वेंडिंग मशीन लगा दी. जिससे वर्षो से संघर्षरत उन ठेका कर्मियों का पक्का होने का सपना भी टूट गया. इसके साथ ही सभी को धीरे-धीरे नौकरी से निकाल बाहर किया. हजारों युवाओं के लिए नया जॉब का अवसर आने से पहले ही खत्म हो गए.
इसके साथ ही विभिन्न माध्यमों से सरकार द्वारा हर रोज हमारे रोजगार पर डाका डाला जा रहा है और हम गोदी मिडिया की प्रायोजित खबर में  इंग्लैंड में भाड़े पर लाये लोगों के नारों “मोदी मोदी” सुन कर खुश हो रहे है. हम अपना गाल बजा रहे हैं कि देखो, “हमारा देश क्या तरक्की कर रहा है”. इसके बाद अब तो कहना बनता है, अबकी बार हमारे पैसों (नोटबन्दी से) और रोजगार पर डाका डालने वाली सरकार.
 
(यह लेख पूर्णतः लेखक के निजी विचार हैं)

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5 thoughts on “दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने कोर्ट आर्डर के विरुद्ध टिकट वेंडिंग मशीन लगाकर रोजगार छिना”

  1. Workervoice में जगह देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

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  2. Hindu Muslim , Gau raksha etc se age kuch sochti nai h ye sarkar.. kynki yuva isi me ulajh jata h asani se… jbtk yuva ye janega ki uski jrurt ki chezen jaise Siksha , Rozgar , Swasthya sab swaha ho chuka hai… ye godi sarkar fir agla chunav jeet chuki hogi…. aap jaise yuva agar samaj ko ese hi jgae rkhenge to jrur badlav ayega…Jai Hind

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  3. धन्यबाद तो आपका हरीश भाई, जो अपना कीमती समय में से कुछ समय निकाल कर मेट्रो के ठेका वर्कर के दर्द को जाहिर किया. वर्कर वॉयस तो मजदूरों का ब्लॉग है. हर गरीब मजदुर अपनी बात लोगों तक पंहुचा सकता है.

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  4. बिलकुल सही बात है दोस्त, हर किसी को भूख लगती है. उसके लिए रोजगार की जरुरत पहले होती है. मगर इसको लोग समझ नहीं पाते. खैर, हम अपने ब्लॉग के माध्यम से लोगों को कुछ भी सीखा पाएं तो हमारी बहुत बड़ी उपलब्धि होगी.

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