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    हरियाणा सरकार ने चौकीदारों का वेतन दोगुना किया मगर वे इससे खुश नहीं, जाने क्यों

    हरियाणा सरकार ने चौकीदारों का वेतन दोगुना किया मगर वे इससे खुश नहीं, जाने क्यों

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में काम करने वाले चौकीदारों के वेतन दोगुना करने की घोषणा कर दी है. उन्होंने महाबीर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय चौकीदार सम्मेलन में बतौर मुख्यअतिथि अपने संबोधन में बताया. उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल से राज्यभर में नियुक्त चौकीदारों को 3500 के स्थान पर 7000 रुपए वेतन मिलेगा. उन्होंने चौकीदारों को मिलने वाले अन्य भत्तों में भी बढ़ौतरी करने की घोषणा की वहीं, सम्मेलन खत्म होने के बाद चौकीदारों ने वेतन बढ़ौतरी पर नाखुशी जाहिर की. उनका कहना था कि वायदे के अनुरूप वेतन में बढ़ौतरी नहीं की.

    मैं भी स्वयं को चौकीदार ही मानता हूं

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि चौकीदार गांव का प्रथम जिम्मेदार नागरिक होता है और प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के नाते मैं भी स्वयं को चौकीदार ही मानता हूं और आपकी ही तरह प्रदेश की भलाई के लिए कार्यरत हूं. इसके साथ ही 2500 रुपये वर्दी भत्ता और अन्य भत्तों के लिए 1 हजार रुपए मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन माह के भीतर प्रत्येक चौकीदार को एक-एक साइकिल भी दी जाएगी. नवोदय टाईम्स के खबर के अनुसार वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अंत्योदय के सिद्धांत के अनुरूप सदैव समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की पहले चिंता की है.


    चौकीदारों ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया, Video देखें






    वह चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर भी खुद को राज्य का चौकीदार समझते हैं और प्रदेश की अढ़ाई करोड़ जनता के हितों की रक्षा कर रहे हैं जो एक मिसाल है. कृषि, विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि लाइन में सबसे अंत में खड़े व्यक्ति का सबसे पहले भला करना ही वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति का बैकलॉग पूरा करने का काम वर्तमान मुख्यमंत्री करेंगे. विधायक डा. कमल गुप्ता, हिसार मंडल आयुक्त राजीव रंजन ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया.

    ऐसे जागरण की खबर की माने हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा के अनुसार पिछले साल मार्च में सरकार ने न्यूनतम वेतन दस हजार रुपये, साइकिल और छतरी की घोषणा की थी. लेकिन आज तक यह लागू नहीं हो पाई है. ऐसे कल सभा के बाद ही चौकीदारों ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. ऐसे भी जान हथेली पर लेकर ड्यूटी करने वाले को न्यूनतम वेतन क्यों न मिले?

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