• Breaking News

    दिल्ली में न्यूनतम वेतन नहीं दिया तो 50 हजार का जुर्माना व् तीन साल की जेल, मंजूरी मिली

    दिल्ली में न्यूनतम वेतन नहीं दिया तो 50 हजार का जुर्माना व् तीन साल की जेल, मंजूरी मिली

    काफी लम्बे इंतजार के बाद दिल्ली विधानसभा से पारित न्यूनतम वेतन (दिल्ली) संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है. जिसके बाद अब दिल्ली में तय न्यूनतम मजदूरी नहीं देने वालों पर कानून का शिकंजा कसेगा. इस नए नियम के कारण नियोक्ता के लिए 50 हजार रुपये जुर्माने के साथ तीन साल तक की सजा का भी प्रावधान है. अभी फिलहाल अप्रैल 2018 के नोटिफिकेशन के अनुसार राजधानी दिल्ली का न्यूनतम वेतन 13,896 रुपये है. जो कि वाकई तारीफ के काबिल है.
     

    दिल्ली में न्यूनतम वेतन नहीं दिया तो 50 हजार का जुर्माना व् तीन साल की जेल

    अमर उजाला ने न्यूनतम वेतन नहीं दिया तो तीन साल कैद, 20 हजार जुर्माना बताया है. जबकि इसके बारे में दिल्ली के श्रममंत्री श्री गोपाल राय ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि "मजदूरों के हक में एक और बड़ी जीत, आखिर ढाई साल के संघर्ष के बाद न्यूनतम वेतन न देने वालो के खिलाफ बना कड़ा कानून बना. दिल्ली में न्यूनतम वेतन न देने पर 50 हज़ार का जुर्माना और 3 साल की जेल होगी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कई महीने बाद विधेयक को मंजूरी मिली है. इससे ऐसे नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई संभव होगी, जो न्यूनतम वेतन नहीं देते हैं. दिल्ली सरकार ऐसे लोगों पर कानूनन सख्त कार्रवाई करेगी.
     


    इससे पहले बीते साल अगस्त महीने में दिल्ली विधानसभा ने विधेयक पास किया था. उस वक्त सरकार का कहना था कि अभी दिल्ली में न्यूनतम वेतन न देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान नहीं थे. कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विधेयक लाना पड़ा.

    अभी से पहले केवल 500 रुपये जुर्माने और छह महीने तक की सजा का ही प्रावधान था. अभी फिलहाल दिल्ली में अकुशल मजदूरों के लिए 13,896, अर्ध कुशल के लिए 15,296, कुशल के लिए 16,858 रुपये मासिक वेतन निर्धारित है.

    इसके अलावा दसवीं फेल के लिए 15,296, दसवीं पास के लिए 16,858 और ग्रेजुएट एवं ज्यादा शिक्षित के लिए 18,332 रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन है. दिल्ली कैबिनेट ने 25 फरवरी 2017 को यह दरें लागू की थीं. यहां क्लिक कर उपडेट न्यूनतम वेतन का नोटिफिकेशश्न डाउनलोड कर सकते हैं.

    मगर जानकारी के लिए यह भी बता दें कि दिल्ली सरकार के नया न्यूनतम वेतन के बढ़ोतरी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में केस पेंडिंग हैं. जिसकी आड़ लेकर ज्यादातर कंपनी वर्करों को गुमराह ही नहीं कर रहे बल्कि बढ़ा हुआ न्यूनतम वेतन भुगतान भी नहीं कर रही. इसमें खुद डीटीसी का क्लस्टर बस भी शामिल है. जिसके ठेका वर्करों ने हाल ही में हड़ताल भी किया था. इसपर भी दिल्ली सरकार को फैसला लेकर कड़ा कदम उठाना चाहिए.

    यह भी पढ़ें-

    No comments:

    Post a Comment

    अपना कमेंट लिखें

    Most Popular Posts

    loading...