Contract Worker भी रेगुलर कर्मचारी के समान न्यूनतम वेतन पाने के हकदार

आपका एक सवाल बार-बार आता है कि हम Central Government के फलाना Department में Contract Worker Outsource/Casual/Daily Wagers Workers  के रूप में काम करते हैं. क्या हमें Central Government  के सातवें वेतन का Benefits मिलेगा? सुनकर थोड़ा अटपटा सा लगता है. इसका Main कारण यह है कि एक तरफ तो Central Government के Under काम करने वाले Casual या Contract Worker को ज्यादातर जगहों में Private Worker घोषित कर Central Government द्वारा निर्धारित Minimum Wages भी नहीं दिया जाता है. तो क्या ऐसे Contract Worker भी Regular Worker के समान Minimum Wages पाने के हकदार हैं? इसके बारे में Central Government ने संसद में क्या कहा, इसको जानने के लिए पूरा Post अंत तक पढ़ें.

Contract Worker भी रेगुलर कर्मचारी के समान..

आज से करीब दो दिन पहले एक साथी ने मैसेज कर पूछा कि उनको Self Contract Worker बता रहे हैं. उनको केवल Fixed Salary पर रखा गया है. इसके आलावा न तो PF Account है और न ही ESIC, तो क्या वो Bonus etc के हकदार हैं. इसके उलट दिल्ली में Central Government के Under काम करने वाले ठेका/आउटसोर्स वर्कर को पता ही नहीं की वो Delhi Government के Under आते या Central Government के. इसके बीच उनको निर्धारित Minimum Wages भी नहीं दिया जाता है. अभी दिल्ली सरकार ने चुपके से न्यूनतम वेतन 37 फीसदी घटा दिया है. जिसके बाद हर कोई परेशान है और चुप है. शायद यह वही चुप्पी है जो तूफ़ान के आने से पहले होता है. पता नहीं यह तूफ़ान आने का संकेत है या लोगों का डर.
खैर, अब हम असली Matter पर आते हैं. यह सवाल अटपटा है मगर सोलह आने सच है. अभी Central Government ने राज्य सभा ने एक प्रश्न का जबाब देते हुए क्या कहा? आप खुद ही पढ़ें.
GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF  LABOUR AND EMPLOYMENT
RAJYA SABHA
QUESTION NO  2501
ANSWERED ON  08.08.2018

Minimum wages for regular as well as temporary workers

2501 Dr. Vikas Mahatme
Will the Minister of LABOUR AND EMPLOYMENT be pleased to state :-
(a)whether as per the law, the minimum wages has already been set for the regular as well as temporary workers;
(b)whether the same wage is followed for the Anganwadi workers, health workers, helpers, etc. or other wages are set for them; and
(c)if so, what are the other wages?
ANSWER
MINISTER OF STATE (IC) FOR LABOUR AND EMPLOYMENT
(SHRI SANTOSH KUMAR GANGWAR)
(a): Under the provisions of the Minimum Wages Act, 1948, both Central and State Governments are appropriate Governments to fix, review and revise the minimum wages of the workers employed in the scheduled employment under their respective jurisdictions. Rates fixed in the Central sphere are applicable to establishments under the authority of Central Government, railway administration, mines, oil-fields, major port or any corporation established by a Central Government. Under the Minimum Wages Act, 1948, the minimum wages fixed are equally applicable to regular as well as temporary workers.
(b) & (c): Scheme Workers such as Anganwadi workers, health workers etc. are not included in the schedule of Employments for Central Sphere. Hence the rates of minimum wages are not applicable.

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अब इसका हिंदी मतलब जान लेते हैं. दिनांक 08.08.2018 को  BJP के सांसद श्री विकास महात्मे ने राज्य सभा में सवाल उठाते हुई पूछा-
भारत सरकार 
श्रम और रोजगार मंत्रालय
राज्य सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या  2501
बुधवार, 08 अगस्त, 2018 श्रावण, 1940 (शक)
 

नियमित व् अस्थाई कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी 

क्या श्रम और रोजगार मंत्री यह बताने कि कृपा करेंगे कि-
(क) क्या कानून के अनुसार नियमित और साथ ही अस्थाई श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी पहले से ही निर्धारित कर दी गई है.
(ख)  क्या आंगनवाड़ी कामगारों, स्वास्थ्य कामगारों, सहायकों इत्यादि के लिए समान मजदूरी दी जाती है या उनके लिए अलग मजदूरी निर्धारित की गई है और;
(ग) यदि हां, तो अन्य मजदूरियां क्या है?
उत्तर
श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

 

(श्री  संतोष कुमार गंगवार)

 (क):  न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के उपबंधों के अंतर्गत, केंद्र और राज्य सरकार दोनों अपने  सम्बंधित क्षेत्राधिकार  के अंतर्गत अनुसूधित नियोजन में नियोजित कामगारों की न्यूनतम मजदूरी को निर्धारित, समीक्षा व संसोधन के लिए समुचित सरकारें हैं. केंद्रीय क्षेत्र में तय दरें केंद्र सरकार, रेलवे प्रशासन, खान, तेल क्षेत्र, मुख्य पतन, अथवा केंद्र सरकार द्वारा स्थापित किसी भी निगम के प्राधिकरण के अंतर्गत प्रतिष्ठानों पर लागु होती है. न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के अंतर्गत, तय की गई न्यूनतम मजदूरी नियमित कामगारों के साथ-साथ अस्थाई कामगारों पर भी लागू होती है. 

 (ख) और (ग): योजना कामगार जैसे आंगनवाड़ी कामगार, स्वास्थ्य कामगार आदि केंद्रीय क्षेत्र हेतु नियोजनों के अनुसूची में शामिल नहीं है. अतः न्यूनतम मजदूरी की दरें लागू नहीं है.
उपरोक्त बातों से एक बात तो स्पष्ट हो गया होगा कि कानून कुछ और है और मिलता कुछ और. मंत्री महोदय ने राज्य सभा में स्पष्ट रूप से कहा है कि “न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के अंतर्गत, तय की गई न्यूनतम मजदूरी नियमित कामगारों के साथ-साथ अस्थाई कामगारों पर भी लागू होती है“. इसका सीधा मतलब है कि अभी केंद्र सरकार के Under स्थाई कर्मचारी का न्यूनतम मजदूरी 18,000 है तो कानून के अनुसार अस्थाई कर्मचारी को भी कम से कम 18,000 मासिक मिलाना चाहिए.
यह हम नहीं बल्कि खुद श्रम मंत्री ने अपने ऊपर के पार्लियामेंट प्रश्न में कहा है. मंत्री महोदय के जबाब से तो सीधा स्पष्ट होता है कि अस्थाई कर्मचारी को भी कम से कम कानून सांतवा वेतन के द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए.आपकी जानकारी के लिए दुबारा से बता दूं कि ठीक यही बात सुरजीत श्यामल बनाम भारत सरकार व् अन्य के ठेका वर्कर के लिए समान काम के समान वेतन के जनहित याचिका के बहस के दौरान माननीय दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कहा था.

Contract Worker भी रेगुलर कर्मचारी के समान न्यूनतम वेतन पाने के हकदार

अब सवाल यह है कि क्या आपको कानून के अनुसार तय मजदूरी मिल रहा है? आप कहेंगे कि नहीं. बिलकुल ही हम आपकी बातों से सहमत हैं. आज रेल के कैटरिंग से लेकर पूछताछ काउंटर पर मात्र 5 हजार मासिक वेतन में पढ़े-लिखे युवाओं से काम लिया जा रहा है. जबकि मंत्री महोदय का कहना कुछ और ही है.

जबकि हकीकत यह है कि खुद केंद्र सरकार के विभाग में बेरोजगारी के नाम पर शोषण का सिलसिला जारी है. रेल विभाग तो एक छोटा सा उदहारण मात्र हैं. इस तरह का शोषण लगभग हर छोटे-बड़े विभाग में हो रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि हमें जानकारी ही नहीं है कि हमें कितना सैलरी मिलना चाहिए.दोस्त, आपको शायद ही किसी न्यूज चैनल ने यह बताया होगा.
हमने आपके सवाल के बाद काफी खोजबीन के बाद इस जबाब को खोज पाएं हैं. आपसे अनुरोध करूंगा कि यह सच्चाई कम-से-कम हर अस्थाई यानी ठेका, केजुएल, डेली वेजर कर्मचारी तक पहुंचना चाहिए. इसके लिए आप इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें. इस संबंध में कोई सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें. धन्यबाद.
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10 thoughts on “Contract Worker भी रेगुलर कर्मचारी के समान न्यूनतम वेतन पाने के हकदार”

  1. Sir aap batate bahut acha hai lakin milta uska thik ulta jab minimum wages delhi ka cancal kar diya high court or aap jo case kiya tha agar usme high court faisla diya tha ki minimum wages us organisation ki minimum salary honi chiya to kiya ye lagu hua aap ko bata du nahi lagu hua to ye high court ki abmanana hua na sir to aap kiyo nahi court gya phir pkease coment kigiyaga

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  2. सीतेश जी, मेरे जनहित के आर्डर के मात्र १४ दिन बाद ही सेन्ट्रल गवर्नमंट ने पुरे देश के अपने अंडर ठेका वर्कर का न्यूनतम वेतन ४० फीसदी बढ़ा दिया था. जिसका लाभ पुरे देश के लगभग २०+ लाख वर्कर को मिला. यह बात और है की इसका खबर किसी अखबार या मिडिया में नहीं आया. जिसके कारण लोगो का पता नहीं चल पाया. ऐसे भी ठेका वर्कर का कोई भी न्यूज मिडिया इस लिए नहीं दिखाता क्योंकि सबसे ज्यादा ठेका वर्कर उनके यहां ही काम करते हैं. अपने हर आर्टिकल के माध्यम से मजदूरों वर्ग को उनकी अधिकार की जानकारी देने की कोशिश करता हूँ. मेरे मानना है कि लोगो को जब उनका अधिकार पता चलेगा तो खुद ही सरकार से छीन लेंगे. workervoice.in/2017/08/public-interest-iitigation.html

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  3. सेंट्रल गवर्नमेंट का न्यूनतम वेतन 2017 में ही 40% वृद्धि की गई है. आप हमारे Circular के ऑप्शन में चेक कीजिए.

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  4. सेंट्रल गवर्नमेंट का न्यूनतम वेतन 2017 में ही 40% वृद्धि की गई है. आप हमारे Circular के ऑप्शन में चेक कीजिए.

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  5. सर मैंने आप से पूछा था कि ठेका कर्मचारी का टयुटी का समय स्थाई कर्मचारी के समान होता है कि नहीं।
    सर कृपया मुझे बताएं

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  6. ICICI Bank me contract base par hu. Office boy ki job h. State Haryana. Minimum wage Kitna milna Chahiye.

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  7. बिलकुल होता है दोस्त. आपका इसके साथ एक चीफ लेबर कमिश्नर का सर्कुलर भी दे रहा हूँ. आप खुद ही पढ़िए – workervoice.in/2018/03/equal-pay-for-equal-work-kya-hai.html

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  8. आपको हरियाणा सरकार द्वारा जारी न्यूनतम वेतन से कम नहीं दिया जा सकता है. आप ऑफिस बॉय हैं तो आपको unskilled 8541.64 Monthly
    का वेतन मिलना चाहिए. ऐसे यह दिसंबर तक का है. अभी २०१९ के सैलरी में बढ़ोतरी की जानकारी दी जायेगा. इसका सर्कुलर आपको हमारे इस पेज पर मिलेगा – workervoice.in/2018/09/Minimum-Wages-in-Haryana-Notification-July-2018.html

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  9. Dear Sir Mai last 11 saal se 1 hi company Mai kaam kr RHA tha pr jab Maine resign kr dia toh naa graduty milegi aisa bol rhe hai Maine jab kaam start kia tha Mai fresher tha 16-04-2008 se cash pay milta that October 2012 oske baad company ka emc contract igi airport terminal 3 Delhi Mai tha tbi wahan k rule k hisab se hr be of deduction ka bola company kisi hr k payroll or himko daal dia.jo ki 2017 Tak rhi oske baad woh chili gyi ab nyi company Adecco India Pvt LTD ko layi hai .par Maine is month ko apna notice period complete kr dia hai or company graduty k lie mna kr rhi hai aur 2008 se 2012 ka mere record nhi hai yeh bol kr mna kr rhi hai jab ho ist hr star jobs k naam we this osne mujko salary slip Mai 16-04-2008 ki joining dikha rhi hai.sir pls help and suggest me Mera fault yeh hai ki Mai sabse old worker hun baaki nhi

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