• Breaking News

    Central Government के Causal Labour को मिलेगा परमानेंट वर्कर के समान सैलरी

    Central Government के Causal Labour को मिलेगा परमानेंट वर्कर के समान सैलरी

    केंद्र सरकार (Central Government) के अंतर्गत आने वाले 10 लाख अनियमित (Casual) कर्मचारियों के लिए नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन का आदेश जारी किया गया हैं. जिसके बारे में पहले तो सरकार द्वारा जारी सर्कुलर वायरल होता हैं उसके बाद मिडिया द्वारा खबर वायरल हो जाता हैं. फिर आप में से कई साथियों के मैसेज आने शुरू होते हैं कि क्या सच में Central Government के Causal Labour को मिलेगा परमानेंट वर्कर के समान सैलरी? आज इस पोस्ट में इसी से सम्बंधित जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं. उम्मीद हैं कि उपयोगी साबित होगा.

    Central Government के Causal Labour?

    केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा जारी सर्कुलर की जाँच किया तो सही पाया गया. इस सर्कुलर को दिनांक 4 सितम्बर 2019 को श्री सूर्य नारायण झा,  Under Secretary to the Government of India ने जारी किया हैं. यह सर्कुलर आकस्मिक (Casual) श्रमिकों के लिए 'समान कार्य के लिए समान वेतन': अनुपालन, पहले के निर्देश और माननीय न्यायालय के निर्णय के लिए हैं.

    यह सर्कुलर वायरल होते ही विभिन्न मिडिया ने बढ़ाचढ़ा कर पेश करना शुरू किया. जिसके बाद वह भी वायरल हो गया. इसके बारे में न्यूज़ 18 ने लिखा कि "केंद्र सरकार (Central Government) ने 10 लाख अनियमित (Casual) कर्मचारियों दीवाली मनाने का प्रबंध कर दिया है. इन सभी को अब नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलेगा क्योंकि सरकार ने माना है कि दोनों ही बराबर काम (Equal Pay for Equal Work) करते हैं. इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अधीन कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के बुधवार को इस संदर्भ में आदेश दिया है",

    इसके बाद डेली हंट ने कहा कि केंद्र सरकार के इस आदेश के अनुसार कि सभी अनियमित कर्मचारियों को 8 घंटे काम करने पर उसी पद पर काम करने वाले नियमित कर्मचारियों के वेतनमान के न्यूनतम मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर ही भुगतान होगा".

    इसके अलावा भी बहुत से वेवसाइट होंगे जिसपर आपने इस तरह की खबर पढ़ी होगी. आप आप जरूर जानना चाहते होंगे कि इस सर्कुलर के बारे में वर्कर वॉयस की क्या राय हैं. हम अपनी राय बताने से पहले आपको एक बारे सर्कुलर का कंटेंट पर ध्यान दिलाना चाहेंगे. सारा राज इसी में छुपा हैं. 

    No.49014/1/2017-Estt.(C)Pf. 
    Government of India
     Ministry of Personnel, PG & Pensions
     Department of Personnel & Training
     North Block, New Delhi
     Dated: 4th September, 2019

    OFFICE MEMORANDUM 

    Subject : 'Equal pay for Equal Work' for Casual workers : Compliance with
    earlier instructions and Hon'ble Court's Judgements thereon.

    The undersigned is directed to refer to this Department's O.M.No.49014/2/86-Estt.(C) dated 07.06.1988 wherein it was, inter alia, stated that: 

    Where the nature of work entrusted to the casual workers and regular employees is the same, the casual workers may be paid at the rate of 1/30th of the pay at the minimum of the relevant pay scale plus dearness allowance for work of 8 hours a day. 

    In cases where the work done by a casual worker is different from the work done by a regular employee, the casual worker may be paid only the minimum wages notified by the Ministry of Labour & Employment or the State Government/Union Territory Administration, whichever is higher, as per the Minimum Wages Act, 1948. 

    Persons on daily wages (casual workers) should not be recruited for work of regular nature. 

    2. The above instructions have been issued keeping in view the judgements of the Hon'ble Supreme Court. It is reiterated that it is the responsibility of all Ministries/Departments to follow the above instructions in letter and spirit. 

                                                                                                                                     (Surya Narayan Jha)
                                                                                                Under Secretary to the Government of India
                                                                                                                                        Telefax: 23094248 

    To
    All Ministries/Departments of Government of India.
    (As per standard List) 

    आइये अब हम इस सर्कुलर को हिंदी में समझने की कोशिश करते हैं.

    इस सर्कुलर के पारा- 1 में Casual Worker के न्युक्ति से सम्बंधित एक सर्कुलर का जिक्र हैं. इसको हमने काफी मेहनत करके ढूंढा हैं. 

    पारा- 2, "जहां आकस्मिक कर्मचारियों और नियमित कर्मचारियों को सौंपे गए कार्य की प्रकृति समान है, आकस्मिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान के 1/30 वें वेतन की दर से प्रतिदिन का भुगतान किया जा सकता है और 8 घंटे के काम के लिए संबंधित वेतनमान और महंगाई भत्ते का न्यूनतम भुगतान किया जाएगा".

    इसका सीधा मतलब हैं कि जहां Casual Worker और परमानेंट वर्कर के काम की प्रकृति समान होगी वहां Casual Worker को समान वेतन नहीं बल्कि ग्रेड पेय (मंहगाई भत्ते के साथ) न्यूनतम वेतन दिया जायेगा. इससे स्पष्ट हो जाता हैं कि यह समान काम का न्यूनतम वेतन हैं, हाँ मगर न्यूनतम वेतन परमानेंट वर्कर का दिया जायेगा.

    अब पारा-3 को पढ़ेंगे तो, "ऐसे मामलों में जहां एक आकस्मिक कर्मचारी द्वारा किया गया कार्य नियमित कर्मचारी द्वारा किए गए कार्य से भिन्न होता है, आकस्मिक श्रमिक को केवल श्रम और रोजगार मंत्रालय या राज्य सरकार / केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के अनुसार जो भी हो उच्चतर हो उसका भुगतान किया जा सकता है."

    जो कि पहले से दिया जाता हैं. अभी Central Government के Causal Labour को Center Sphare का न्यूनतम वेतन मिलता हैं. अगर आप पुरे देश एक सेंट्रल गवर्नमेंट के अंतर्गत ठेका/आउटसोर्स/Casual /डेली वेजर वर्कर के रूप में काम करते हैं तो आपको इस दर से मिलता हैं - Central Government Minimum Wages 01 April 2019 से कितना वृद्धि किया

    चौथे-4 में लिखा है कि "दैनिक वेतन (आकस्मिक श्रमिकों) पर व्यक्तियों को नियमित प्रकृति के काम के लिए भर्ती नहीं किया जाना चाहिए."

    अब आप ही सोचिए एक तरह ऊपर पारा 2 में कहते हैं कि Casual Workers और परमानेंट वर्कर के काम की प्रकृति समान होगी तभी परमानेंट वर्कर का न्यूनतम वेतन मिलेगा और दूसरी तरह पारा- 4 में कहते हैं कि दोनों के काम का प्रकृति समान नहीं होना चाहिए.


    इससे आप समझा चुकें होंगे कि एक ही सर्कुलर में एक पारा दूसरे पारा का विरोध कर रहा हैं और यह समान काम का (पेय ग्रेड का) न्यूनतम वेतन से सम्बंधित हैं, जो कि पूर्व से नियम हैं. ऐसे इन्होने इसको इस सर्कुलर में भी स्वीकारा हैं.

    Central Government के Causal Labour को मिलेगा परमानेंट वर्कर के समान सैलरी



    आप यह भूल रहे हैं कि अभी कई राज्यों में विधान सभा चुनाव होना हैं. ऐसे में अगर सरकार लागू कर देती तो हमें भी खुश होती. मगर आज से दो दिन पहले ही एक जानकारी शेयर की थी कि "मोदी सरकार ने 375 रुपया की सिफारिश ठुकराई, अब कितना होगा न्यूनतम वेतन". आखिर इतना जल्दी हम कैसे गुमराह हो जाते हैं. खैर हमने जाने-अनजाने में मुफ्त में सरकार का चुनाव प्रचार कर दिया हैं.

    खैर, अभी भी वक्त हैं. अगर हमारा पोस्ट समझ में आ गया हो तो अपने सभी साथियों को शेयर करें. धन्यबाद.

    यह भी पढ़ें-

    3 comments:

    1. Attractive section of content. I just stumbled upon your site and in accession capital to assert that
      I acquire in fact enjoyed account your blog posts. Any way I will be subscribing to your feeds and even I achievement you access consistently quickly.

      ReplyDelete
    2. Great information. Lucky me I ran across your blog by accident (stumbleupon).

      I've saved it for later!

      ReplyDelete
    3. Excellent post. I was checking constantly this blog
      and I am impressed! Extremely useful info particularly the last part :)
      I care for such information much. I was seeking this certain info for a long time.

      Thank you and best of luck.

      ReplyDelete

    अपना कमेंट लिखें

    loading...