Contract Employees के Salary की जिम्मेदारी किसकी और क्या हैं नियम

अगर आप किसी सरकारी या गैर सरकारी संस्थान/ कंपनी आदि में Contract Employees/ Outsource Employees के रूप में कार्यरत हैं तो 30 दिन काम करने के बाद अगर आपके खाते में सैलरी नहीं आये तो काफी परेशानी होती हैं. होगी भी क्यों न हम नौकरी भी तो अपने परिवार को पालने के लिए ही करते हैं. ऐसे में मेहनत से काम करो और समय पर पगार न मिले तो परेशान होना लाजिम हैं. आज इसी को ध्यान में रखकर और आप सभी साथियों के बहुत सारे कमेंट को ध्यान में रखकर आज हम “Contract Employees के Salary की जिम्मेदारी किसकी और क्या हैं नियम” की जानकारी देने जा रहे हैं.

Contract Employees के Salary की जिम्मेदारी

आज देश का हर कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम से भली-भांति परिचित हो चूका हैं. देश के लेबर कानून (Contract Labour Regulation and Abolition) Act, 1970) के मुताबिक जहाँ Contract Employees नहीं रखें जाने चाहिए वहाँ भी कहीं सरकार के लेबर विभाग के नजर में तो कहीं नजर छुपा कर Contract Employees धरल्ले से रखें जा रहे हैं.
असल में खासकर सरकारी विभागों में Contract Employees रखने का वजह यह हैं कि उनको काम का कर्मचारी कम पैसों में उपलब्ध हो जाये और कोई जिम्मेदारी (Responsibility) नहीं न हो. मगर क्या ऐसा वाकई में हैं?

कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट 1970

आज हम कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट (Contract Labour Regulation and Abolition) Act, 1970) के अनुसार आपको बताने जा रहे हैं कि असल में आपके Salaryकी Responsibility किसकी हैं Contractor/Man Power Agency की या Principle Employer की और क्या हैं इसके नियम?  हम इसको बहुत ही साधारण तरीके से बताने की कोशिश की हैं. ताकि आगे से आपका ठेकदार (Contractor) समय पर सैलरी न दे तो आप इसका प्रयोग करते हुए अपना वेतन पा सकें.

इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट (Contract Labour Regulation and Abolition) Act, 1970) का CHAPTER V में Section 21. मजदूरी के भुगतान की जिम्मेदारी (Responsibility for payment of wages) को देखना होगा. इसमें 4 Sub Section की मद्द्त से आपके Salary की Responsibility किसकी हैं Contractor की या Principle Employer की और क्या हैं इसके नियम?  इसको बताया गया हैं. हम आपको इसको हिंदी में बहुत ही सरल भाषा में बताने की कोशिश करेंगे.

Contract Employees के Salary की जिम्मेदारी किसकी और क्या हैं नियम

THE CONTRACT LABOUR (REGULATION AND ABOLITION) ACT, 1970

CHAPTER V

21. Responsibility for payment of wages.-

(1) A contractor shall be responsible for payment of wages to each worker employed by him as contract labour and such wages shall be paid before the expiry of such period as may be prescribed.

(1) एक ठेकेदार Contract Labour के रूप में उसके द्वारा नियोजित प्रत्येक श्रमिक को मजदूरी के भुगतान के लिए जिम्मेदार होगा और इस तरह की मजदूरी निर्धारित अवधि के समाप्त होने से पहले भुगतान किया जाएगा.

(2) Every principal employer shall nominate a representative duly authorized by him to be present at the time of disbursement of wages by the contractor and it shall be the duty of such representative to certify the amounts paid as wages in such manner as may be prescribed.

(2) प्रत्येक प्रमुख नियोक्ता (Principle Employer) ठेकेदार (Contractor) द्वारा विधिवत मजदूरी वितरण (Wage distribution) के समय उपस्थित होने के लिए उसके द्वारा के अधिकृत प्रतिनिधि (Representative) को नामित करेगा और यह इस तरह के प्रतिनिधि का कर्तव्य होगा कि ठेकदार के द्वारा भुगतान की गई राशियों को Certify करेगा कि वह निर्धारित राशि भुगतान (Pay) किया गया हैं.

(3) It shall be the duty of the contractor to ensure the disbursement of wages in the presence of the authorized representative of the principal employer.

(3) ठेकेदार (Contractor) का कर्तव्य होगा कि वह  मुख्य नियोक्ता (Principle Employer) के अधिकृत प्रतिनिधि (Representative) की उपस्थिति में मजदूरी (Wage)का वितरण सुनिश्चित करें.

(4) In case the contractor fails to make payment of wages within the prescribed period or makes short payment, then the principal employer shall be liable to make payment of wages in full or the unpaid balance due, as the case may be, to the contract labour employed by the contractor and recover the amount so paid from the contractor either by deduction from any amount payable to the contractor under any contract or as a debt payable by the contractor.

(4) यदि ठेकेदार (Contractor)  निर्धारित अवधि के भीतर मजदूरी (Salary) का भुगतान करने में विफल रहता है या कम भुगतान करता है, तो प्रमुख नियोक्ता (Principle Employer) मजदूरी का भुगतान पूर्ण (Full) या अवैतनिक शेष राशि के भुगतान (Payment) करने के लिए उत्तरदायी होगा.

(4) यदि ठेकेदार (Contractor)  निर्धारित अवधि के भीतर मजदूरी का भुगतान (Payment) करने में विफल रहता है या कम भुगतान करता है, तो प्रमुख नियोक्ता मजदूरी का भुगतान पूर्ण या अवैतनिक शेष राशि के भुगतान के लिए उत्तरदायी होगा (मतलब Principle Employer Contract Employee को directly Payment करेगा) और उतना ही पैसा ठेकेदार के किसी भी राशि से कटौती करेगा या  करके या ठेकेदार द्वारा देय ऋण के रूप में या तो ठेकेदार द्वारा भुगतान की गई राशि की वसूली कर लेगा.

जब भी आपको ठेकेदार 7-10 तारीख तक भुगतान न करे तो आप अपने मुख्य नियोक्ता को एक पत्र खुद या अपने यूनियन के माध्यम से जरूर रिसीव करायें. जिसके 15 दिन के अंदर अगर आपका मुख्य नियोक्ता भुगतान नहीं करवाए या जवाब नहीं दे तो अपने सम्बंधित लेबर कमिशर ऑफिस में लिखित शिकायत लगायें.

दोस्त, हमने ऊपर एक्ट में जो प्रावधान हैं उसको हिंदी और बोलचाल की भाषा बताने की कोशिश की हैं. मगर फिर भी कोई असुविधा हैं तो आप नीचे कमेंट में लिखकर जरूर बतायेंगे. इसके साथ ही कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट का पीडीएफ कॉपी नीचे लिंक को क्लिक कर डाउनलोड कर सकते हैं.

(Contract Labour Regulation and Abolition) Act, 1970)

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22 thoughts on “Contract Employees के Salary की जिम्मेदारी किसकी और क्या हैं नियम”

  1. agar companey ctc offer lettar me jo amount diya hai 2 years ke bad decrease kar sakti hai offer lettar me koi bond nahi in situation me kya karna chahiye comapaney 2 option deti hai 1 accept karo 2 i card rakho exit karo

    Reply
  2. To
    Surjeet Shyamal
    WorkerVoice.in

    Sir,
    Mai aapse nivedan karta hu ki aap mera maargdarshan kare sir mai Maharashtra state government ke under ek private company me contractor ki taraf se kam karta hu sir do mahine ka over time ka payment baki tha aur mangne pr 12/05/2020 ko mujhe mere company ke M. D. Dvara mujhe aur mere sathi ko bhi phone pr maukhik rup se kahkar company se nikaal diya gya aur unhone kaha tha ki tum dono ka hisab karakar ke ek ghante me payment bhejta hu tum log apana bag pack karke jaldi nikalo vaha se aur unke dvara termination letter bhi nhi diya gya. Sir ab tak payment nhi aaya. mai jab bhi unko call karta hu to mujhe unke dvara daraya ja raha hai ki tum logon ke upar enquiry bithaya jayega . Sir ham log es lockdown me kya kare kuch samjh me nhi aa raha hai sir bahut abhilasha ke sath aapko message likh raha hu ki aap mera maargdarshan karenge.
    Sir, aapko bahut bahut badhaai aur sath hi hirdya se aapko dhanyavad karta hu ham jaise logon ki pareshaaniyon ko door karne ke liye.

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    • आपको अपने एरिया के लेबर कमिश्नर ऑफिस के माध्यम से लेबर कोर्ट जाना चाहिए। इसकी पूरी जानकारी हमारे इस पोस्ट में दी गई हैं- Click Here

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  3. Overtime or job complain of Non workman की क्या procedure hai?

    यहा पर आपने sirf workman की baat kahi hai to please non-workman के लिए भी थोड़ी जानकारी साझा किजिए

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  4. Sir me ek company me thakadari ki tarf se supervisor tha. Maine company ko 12 din ka resignation letter Diya aur unhone accept bhi karliya tha. Unhone bola ki aaapka hisab tab hoga jab aapke resignation letter ki ek month ho jayega… Aab company mere 18 din ke rupiye nhi de rahi bol rahi hai .. ek month ka resignation letter nhi Diya … Matlab mahine me jitne din Kam ka resignation letter nhi Diya utane din ki salary jayenge. Kya thakadari Mee bhi 1 month ka resignation letter Dena padta hai …. Agar nhi toh Mee kaha complaint karu aur 2 sal se Mera ek rupiye ka company ne increment bhi nhi kiya

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    • बिलकुल, आप अगर ठेके पर काम करते हैं तो कम से कम 30 दिन का नोटिस का प्रावधान हैं. आप चाहे नौकरी छोड़ रहे हों या आपको कंपनी नौकरी से निकाल रही हो. अगर आपका बकाया सैलरी नहीं दी गई है तो आप प्रिंसिपल एम्प्लायर को शिकायत करें और १५ दिन में कोई करवाई न हो तो सम्बंधित लेबर कमिश्नर ऑफिस में शिकायत करें

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  5. * Principal employer hired us through contractor last 5 years & some amount didn’t pay by employer from last 4 yrs. He has not given amount & not bonus not gratuity amount & transferred in under other contractor, what should We do?

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    • आपको लेबर कमिश्नर ऑफिस में शिकायत करें

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  6. Sir mera name Lalit kumar hai me Sarkari Sansthan me contract me kaam karta ho sir mera sawal ye hai ki sir ham contract me kaam karte hai to ham lebour cort me sikayat kar sakte hai

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    • बिलकुल कर सकते हैं और आप आजाद देश के नागरिक है. मगर किस बात की शिकायत करना हैं

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  7. Respected sir
    Pls mujhe bataye ki contractor agar kam rate me contract le aur apne nuksan ki bharpaai ke liye worker ko month me 26 ki jagah 20 duty ya kam duty de to kya kare. Kya koi law hai kya ki maximum off kitna ho sakta hai?

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    • उसका कैसे नुक्सान? हमारे इस पोस्ट में आपको पूरी जानकारी दी गई हैं. आप एक बारे फिर से ध्यान से पढ़ें.

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  8. यहां तो 4 महीने से सैलरी तो दूर उसका नाम भी नहीं सुना ह

    बताईए क्या करे ऑफिसर से सैलरी के लिए पूछते है तो बोलते हैं हमे नहीं पता ठेकेदार बोलता है डॉक्यूमेंट पास नहीं हुए 13200 रू सैलरी मिलती हैं डॉक्यूमेंट के हिसाब से लेकिन अकाउंट में सिर्फ 8078 रू आते हैं

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    • आप मौखिक पूछेंगे तो वो ऐसे ही टालेंगे। हमारे इस पोस्ट को पढ़कर लिखित में मांग कीजिये.

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  9. Contractor डिफॉल्टर होने पर प्रिन्सिपल एम्प्लॉयर किस प्रकार मिनिमम wages, PF एंड ESI का भुगतान करेगा। प्लीज डिटेल्स में बताए।

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    • आपको डायरेक्ट Payment करेगा और ठेकेदार के पेमेंट से काट लेगा.

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