UPNL संविदाकर्मियों के नियमितीकरण व समान काम समान वेतन की मांग उठाई

उत्तराखंड UPNL संविदा कर्मचारी संघ के कर्मचारी नेतागण 12 Oct 2020 को सुरेन्द्र सिंह जीना, माननीय विधायक,सल्ट से मुलाकात की. संघ के प्रतिनिधियों ने विधायक से 16 वर्षों से राजकीय विभागों में संविदा पर कार्यरत 18071 उपनल संविदा कर्मियों के नियमितीकरण व समान काम समान वेतन लागु करवाने की मांग की. उनलोगों ने माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल की खंडपीठ द्वारा कुंदन सिंह केस के फैसले को यथावत लागू करने की गुहार लगाई.

उपनल संविदाकर्मियों के नियमितीकरण व समान वेतन मांग की

माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल की खंडपीठ द्वारा उपनल संविदा कर्मियों के नियमितीकरण व समान काम समान वेतन देने का ऐतिहासिक फैसला दिया था. जिसके बाद सरकार बदल जाने के बाद लोग उम्मीद कर रहे थे कि इस फैसले को लागू किया जायेगा. मगर इसके विपरीत उत्तराखडं सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. जिसके बाद से लगातार कर्मचारीगण नियमितीकरण व् समान वेतन देने की सरकार से गुहार लगा रहे हैं.

उपनल से संविदा में कार्यरत 7 कर्मचारियों को नियमित किया

माननीय विधायक जीना जी द्वारा उन्हें विश्वास दिलाया कि वह इस संबंध में वे माननीय मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव उत्तराखंड को अवगत करायेंगे. उन्होंने ने यह भी कहा कि वो उपनल संविदा कर्मियों को उचित हक दिलाने का पूर्ण प्रयास करेंगे. संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन भट्ट द्वारा विधायक महोदय को अवगत कराया कि पूर्व में उपनल से संविदा में कार्यरत 7 कर्मचारियों को सगंध पौधा केन्द्र (कैप) सैलाकुई में नियमित किया जा चुका है. इसके साथ ही वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज में 84 आउटसोर्स कर्मियों को डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट पर लाकर अभी नियमितीकरण नियमावली बनाने कार्य चल रहा है.

इसके साथ ही यूटीयू में उपनल से संविदा में कार्यरत कर्मचारियों को पूर्व में नियमित किया जा चुका है.

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यही नहीं बल्कि उत्तराखंड विधानसभा में 156 कर्मचारियों को उपनल से निकाल कर तदर्थ नियुक्ति में रख कर पूरा वेतन दिया जा रहा है. उपनल संविदा कर्मचारी संघ प्रदेश मंत्री राकेश पाण्डेय जी द्वारा विधायक महोदय को अवगत कराया कि उपनल से संविदा में विद्युत विभाग में कार्यरत 5 कर्मचारियों को समान काम समान वेतन दिया जा रहा है. इसके उलट बाकी कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है. जो कि समानता के अधिकार का उल्लघंन है.

इस सभी बातों को सुनने के बाद विधायक महोदय द्वारा गंभीरता से लिया गया और एक पत्र माननीय मुख्यमंत्री को तत्काल प्रेषित करने को कहा है . संघ के तरफ से ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन भट्ट ,मंत्री राकेश पाण्डेय, तेजा सिंह बिष्ट, विनोद बिष्ट आदि शामिल थे.

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