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    Basic Salary, Gross Salary, Net Salary क्या है और वेतन की गणना कैसे करें?

    Basic Salary, Gross Salary, Net Salary, How To Calculate Salary

    सभी अपने पढाई पूरी करने के बाद नौकरी के तलाश में लग जाते हैं. किसी को जल्दी तो किसी को देर सवेर नौकरी मिल ही जाती है. नौकरी जॉइन करने के एक महीना पूरा होने के बाद हमारे अकाउंट में सैलरी आ जाती है. इसके साथ ही सैलरी स्लिप भी हाथ में होता है. कई जगह जहां ओउटसोर्सिंग या ठेका पर काम करवाया जाता वहां तो शायद ही किसी को अकाउंट में सैलरी दी जाती हो. मगर कानून के अनुसार अकाउंट नहीं तो चेक से सैलरी भुगतान का नियम ही नहीं बल्कि आप उसके साथ सैलरी स्लिप की भी मांग कर सकते हैं. आज इस लेख की माध्यम से हम उसी सैलरी के स्ट्रक्टर की बात करने जा रहें हैं. उम्मीद करूंगा कि इसको पूरा पढ़ेंगे और इसका लाभ उठायेंगे.


    सभी नौकरी पेशा लोगों ने Salary Slip देखा ही होगा. ऊपर दिए गए सैलरी के नमूना से सैलरी Structure को समझने में आसानी होगी. इस सैलरी स्लिप से बहुत से हेड नहीं है. आजकल ठेका या आउटसोर्स वर्कर को इसी तरह का सैलरी स्लिप देने का चलन है. हम सैलरी के मुख्य सभी Components के बारे में चर्चा करेंगे, तो आइये एक-एक कर जानते हैं. 

    'वेतन' का मतलब क्या है? (What does ‘Salary’ Mean?)

    Salary (वेतन) उस राशि को कहते है जो किसी भी कंपनी द्वारा उसके कर्मचारी को काम के बदले दिया जाता है. इस वेतन की राशि में सैलरी के सारे Components मौजूए होते हैं. कम्पनी अपने इंटरव्यू और टेस्ट के माध्यम से अलग-अलग पद के लिए योग्यता के अनुसार कर्मचारियों की नियुक्ति करता है. इसके साथ ही उनको उनके काम और योग्यता के आधार पर तय राशि सैलरी के रूप में देता है.
     

    Salary शब्द लैटिन शब्द 'Salarium' से उत्पन्न हुआ है. पहले रोमन सैनिक को उनके काम के बदले नमक दिया जाता था. मगर जब अधिकारियों को नमक के परिवहन और संरक्षित करने में दिक्कत आने लगी तो वो वस्तु के बदले पैसे की पेशकश करने लगे. काम के बदले प्राप्त धन को 'Salarium' या नमक-धन के रूप में संदर्भित किया गया. जिसे आधुनिक अंग्रेजी में 'वेतन' के रूप में जाना जाने लगा. 

    बेसिक सैलरी यानी मूल वेतन क्या है? (What is Basic Salary)

    मूल वेतन एक व्यक्ति की Base आय है. यह वह वेतन है जो किसी भी कर्मचारी को उसके योग्यता और काम के आधार पर कम्पनी द्वारा दिया जाता है. दूसरे शब्दों में बेसिक वेतन एक नियत राशि है जो किसी भी कम्पनी द्वारा कर्मचारियों द्वारा किये गए कार्य के लिए भुगतान किया जाता है. Basic Salary कम्पनी द्वारा दिए गए बोनस, लाभ या किसी भी अन्य मुआवजे में शामिल नहीं है. Basic Salary  कम्पनी द्वारा दिए गए बोनस, लाभ या किसी भी अन्य मुआवजे में शामिल नहीं होता है. बेसिक वेतन सालाना इंक्रीमेंट देकर कई कंपनियों द्वारा बढ़ाया भी जाता है मगर ऐसा जरुरी नहीं है. कोई भी कम्पनी अपने एम्प्लाइज को पद के अनुरूप ही वेतन या बेसिक वेतन तय करती है. जैसा कि नाम से पता चलता है, Basic Salary (बेसिक वेतन) एक कर्मचारी का मूल वेतन ही है. विशेषज्ञों के अनुसार, मूल वेतन उद्योग के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होता है. ऊपर के सैलरी स्लिप में एम्प्लोयी का बेसिक सैलरी यानी मूल वेतन 18,000 मासिक दिखाया गया है.

    Basic Salary (मूल वेतन) की गणना कैसे करें?

    अगर आप अपने सैलरी स्लिप (वेतन पर्ची) में देखेंगे तो आपको दो कॉलम मिलेंगे. एक Payment तो दूसरा Deduction. इसमें Payment का मतलब कम्पनी से जो राशि आपके लिए तय की गई है और Deduction का मतलब, आपके पेमेंट से की गई कटौती जैसे पीएफ, ईएसआई, टैक्स इत्यादि है.

    आपके वेतन के Payment ऑप्शन में मुख्य रूप से तीन मद होते हैं-

    1. मूल वेतन (Basic Pay)
    2. ग्रेड वेतन (Grade Pay)
    3. महंगाई भत्ता (D.A.)

    मगर इसके आलावा वेतन में कुछ अतिरिक्त मद भी शामिल हो सकते हैं -

    4. गृह भाड़ा भत्ता (House Rent Allowance)
    5. अंतरिम राहत (Interim Releaf )
    6. विकलांग भत्ता ( Handicapped Allowance) ( निशक्त कर्मचारियों के लिए )
    7. Etc.

    Basic Salary आपके Monthly CTC के लगभग 30-40% हो सकता है. जैसे -

    Basic = CTC (Monthly) * 30-50 / 100 = . 

    ऊपर जो उदहारण के लिए जो सैलरी स्लिप दिया है. उसमें Basic में ही DA (महंगाई भत्ता) जोड़ा हुआ है.

    आपके वेतन से DA और HRA का फार्मूला -

    DA महंगाई भत्ता =( मूल वेतन+ग्रेड वेतन)x DA%
    HRA किराया भत्ता =मूल वेतन+ग्रेड वेतन)x HRA%

    Basic Salary और Gross Salary में क्या अंतर है?

    Basic Salary किसी कम्पनी या नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को दिया गया वह वेतन दर है जिसमे ओवरटाइम या किसी भी अन्य प्रकार का अतिरिक्त क्षतिपूर्ति राशि शामिल नहीं है. जबकि Gross Salary (सकल वेतन) कर्मचारी के हरेक तरह के कर या अन्य कटौती से पहले की राशि है और इसमें ओवरटाइम वेतन और बोनस शामिल है. उदाहरण के लिए अगर किसी कर्मचारी का के पास रुपये का  Gross Salary (सकल वेतन) 40,000 है. जिसमे उसका Basic Pay (बुनियादी वेतन) 18,000 रुपये है. इसमें उसको अन्य भत्तों जैसे हाउस किराया भत्ता, वाहन,के अतिरिक्त 18,000 रुपये का वेतन मिलेगा.
     

    Net Salary/ In hand Salary क्या है?

    कर्मचारी के Gross Salary (सकल वेतन) से पीएफ, ईएसआई, टेक्स व् अन्य वैधानिक कटौती के बाद जो शुद्ध वेतन शेष बचता है उनको ही Net Salary/ In hand Salary  कहते हैं. Net Salary ही कर्मचारी का Take Home Salary है. जो कि कम्पनी द्वारा हर महीने कर्मचारी के अकाउंट में क्रेडिट किया जाता है.

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    2 comments:

    1. Who is worker and who is employee?what salary to be paid to employeed inMNC company?

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      Replies
      1. Aapka Query humne note kar liya hai. jald hi espar puri jankari sahit post update kiya jayega. ussse pahale anurodh karunga ki aapn niche email id submit kar blog ko subscribe kar len. Taki har post aapke email par send ho jaaye.

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