ESIC Maternity Benefit new amendment in hindi | ESI मातृत्व लाभ में संशोधन

केंद्र सरकार ने ESIC के तरफ से बीमित महिलाओं के लिए ईएसआईसी मातृत्व लाभ में नया संशोधन (ESIC maternity benefit new amendment) किया गया है. जिसके बारे में केंद्रीय श्रम मंत्री की अध्यक्षता में 22.02.2021 को आयोजित अपनी 184वीं बैठक मंजूरी दी गई. ऐसे तो इसमें कई फैसले लिए गए है. जबकि मातृत्‍व हितलाभ प्राप्‍त करने वाली बीमाकृत महिलाओं के लिए कुछ छूट की घोषणा की गई है. जिसकी जानकारी आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है.

ESI मातृत्व लाभ (ESIC maternity benefit in hindi)

अगर आप किसी ऐसे कंपनी/संस्थान में काम करते हैं. जिसमें 10 या 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते है. ऐसे में अगर आपका मासिक वेतन 21 हजार या उससे कम है तो आप इस ESIC Scheme में शामिल होने के हक़दार है. जिसके तहत आपके एम्प्लायर की जिम्मेदारी बनता हैं कि आपको इस स्कीम के तहत इनरोल करवाये. ESIC Benefits का लाभ उठाने के लिए नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को क्रमशः 3.25%, 0.75% का योगदान करना पड़ता है.

जहाँ एम्प्लायर इस स्कीम में रजिस्ट्रेशन करवाने से कंपनी वर्कमेन कंपनसेशन एक्ट एंड मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट की लाईबिलिटी से फ्री हो जाते है. वहीं बीमाकृत कर्मचारी स्वास्थ्य सम्बंधित आम तौर पर बीमारी, मातृत्व, अस्थायी या स्थायी अक्षमता, व्यावसायिक चोट या रोजगार की चोट के कारण मृत्यु, आदि के समय ESIC से Benefits प्राप्त होती है. अभी केंद्र सरकार ने इसी ESIC मातृत्व लाभ में संशोधन किया है.

ESIC maternity benefit new amendment in hindi | ESI मातृत्व लाभ में संशोधन

पहले के नियम के अनुसार ESIC Act के तहत मातृत्व लाभ लेने के लिए वही बीमित महिलाकर्मी eligible  थी. जिन्होंने पूर्व में 78 दिन का अंशदान किया हो. अभी से पूर्व में प्रसव के लिए 12 सप्ताह और गर्भपात में 6 सप्ताह का हितलाभ प्रदान किया जाता था. जिस मातृत्‍व हितलाभ में पूर्व की 12 सप्‍ताह की अवधि को बढ़ाकर 26 सप्‍ताह कर दिया गया. जिसके बाद भी मातृत्व अवकाश बेनिफिट्स (The Maternity Benefits Act) के लिए न्‍यूनतम अंशदान 78 दिनों की अनिवार्यता थी. जिससे मातृत्‍व हितलाभ लेने और छुट्टी के कारण न्‍यूनतम 78 दिनों की अनिवार्य अंशदान शर्तें पूरी नहीं पाती थीं. 

ESI Maternity benefit eligibility 2021

अब ऐसे मामले में ESIC द्वारा निर्णय लिया गया है कि कोई बीमाकृत महिला बीमारी हितलाभ के लिए दावा कर सकती हैं, यदि बीमाकृत महिला द्वारा अल्प अंशदान अवधि में कार्य करने के लिए उपलब्ध दिनों की संख्या आधी तक के लिए अंशदान का भुगतान किया गया हो या देय हो. ESIC विभाग के द्वारा यह नया नियम मातृत्व लाभ (Maternity benefit) के लिए दिनांक 20.01.2017 से प्रभावी होगी.

ESIC Lockdown benefits in hindi

देश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया था. जिसके बाद देश के कारखाने/स्‍थापनाएं बंद कर दिए गए थे. जिसके बाद ESIC Benefits लेने के लिए अंशदान को पूरा नहीं कर पाने से बहुत से बीमाकृत व्‍यक्ति/महिलाएं बीमारी और मातृत्‍व हितलाभ पाने के अपात्र हो गए. जिसके बाद कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम ने व्यक्तिओं के कठिनाई पर विचार कर दिनांक 01.01.2021 से 30.06.2021 तक की हितलाभ अवधि के लिए बीमारी और मातृत्‍व हितलाभ प्राप्‍त करने हेतु अंशदायी शर्तों को शिथिल कर दिया है. जिससे अब बीमित व्यक्तियों को राहत मिलेगा.

अब, बीमाकृत महिला मातृत्‍व हितलाभ (maternity benefit) पाने की हकदार होगी, यदि तुरंत पूर्ववर्ती लगातार दो अंशदान अवधियों में उसके संबंध में देय अंशदान 35 दिनों से कम न हो.

ESIC Maternity Benefit new amendment in hindi | ESI मातृत्व लाभ में संशोधन

ESIC द्वारा अब अप्रैल-सितम्‍बर, 2020 की अंशदान के अवधि से पूर्व नियुक्त किसी बीमाकृत मेंबर्स को बीमारी हितलाभ पाने की पात्रता शर्त का निर्णय पिछली अंशदान अवधि अर्थात् सितम्‍बर, 2019 से मार्च, 2020 में उनके अंशदान के आधार पर किया जाएगा. जबकि अप्रैल-सितम्‍बर, 2020 अंशदान अवधि के दौरान नियुक्‍त मेंबर्स जनवरी-जून 2021 की हितलाभावधि में बीमारी हितलाभ पाने के हकदार होंगे. यदि अप्रैल-सितम्‍बर, 2020 अंशदान अवधि के दौरान उनके संबंध में देय अंशदान उन्‍हें उपलब्‍ध कार्य दिवसों की संख्‍या के आधे से कम नही होने चाहिए.

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