Gratuity Calculation -देश में चार नए श्रम संहिताएँ लागू हो चुकी हैं, जो अब तक चले आ रहे 29 पुराने श्रम कानूनों का स्थान लेंगी। भले ही इन लेबर कोड्स को वर्षों पहले तैयार कर लिया गया था, लेकिन अब इन्हें ज़मीन पर लागू किया जा रहा है। सरकार के अनुसार इनका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों को मज़बूत करना और उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा देना है।
Gratuity Calculation अब 4 साल नौकरी करने
नए नियमों के तहत अब हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही न्यूनतम वेतन को लेकर स्किल्ड और अनस्किल्ड कामगारों के बीच किया जाने वाला भेद भी समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों से जुड़े कई अहम सुधार और सुविधाएँ भी घोषित की गई हैं, जिनका सीधा लाभ करोड़ों कामगारों को मिलने वाला है।
इन्हीं व्यापक सुधारों के बीच ग्रेच्युटी से संबंधित नियमों को भी खास महत्व दिया गया है। नए श्रम कानूनों के अंतर्गत ग्रेच्युटी व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट व कर्मचारियों के हित में बनाया गया है, जिससे सेवानिवृत्ति या नौकरी छोड़ने के समय कर्मचारियों को उनका वैधानिक लाभ आसानी से मिल सके।
ग्रेच्युटी क्या है?
ग्रेच्युटी वह रकम है को कर्मचारी को कंपनी के द्वारा उसकी मेहनत और सेवा के बदले में दी जाती है। अगर आप किसी ऐसी कंपनी संस्थान में काम करते हैं, जिसमें 10 या 10 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अब लेबर कोड लागू होने के बाद 1 साल की सेवा पूरी होने के बाद नौकरी छोड़ते समय आप ग्रेच्युटी के हकदार हो जायेंगे। जबकि पहले के कानून के अनुसार ग्रेच्युटी पहले 5 साल की सेवा पूरी होने पर दी जाती थी।
ग्रेच्युटी कैसे कैलकुलेट करते हैं?
ग्रेच्युटी पाने के लिए एक तय फार्मूला है। जो कि इस प्रकार से है-
(आखिरी महीने की सैलरी) x (15/26) x (सर्विस के साल) = ग्रेच्युटी
यहां आखिरी महीने की सैलरी का मतलब है आपके सैलरी एक बेसिक+डीए (मंहगाई भत्ता) होता है। यहाँ 15/26 एक महीने में 26 वर्किंग दिन को की कैलकुलेट किया जाता है। जिसको हम अलग-अलग उदाहरण के माध्यम से समझने की कोशिश करेंगे।
अब मान लीजिए कि आपने किसी कंपनी में 5 साल तक काम किया है। अब आप नौकरी छोड़ने जा रहे हैं। आपका नौकरी छोड़ते समय लास्ट पे (Basic Pay+DA) 40000 रुपये है। ऐसे में आपका ग्रेच्युटी = (40000) x (15/26) x (5) के = 1,15,384 रुपये होगा।
अब नए लेबर कोड के अनुसार आपने किसी कंपनी में एक साल तक काम किया है। अब लेबर कोड के अनुसार बेसिक सैलरी कुल वेतन का 50 फीसदी होनी चाहिए। अगर आपका वेतन 40,000 है। जिसमें मान लीजिए कि आपका बेसिक+डीए 20000 होना चाहिए। जो कि अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग हो सकता है।
| 1 साल की नौकरी पर ग्रेच्युटी | (20000×15×1)/26 | 11,538 रुपये |
|---|---|---|
| 2 साल की नौकरी पर ग्रेच्युटी | (20,000 × 15 × 2)/26 | 23,076 रुपये |
| 3 साल की नौकरी पर ग्रेच्युटी | (20,000 × 15 × 3)/26 | 34,615 रुपये |
| 4 साल की नौकरी पर ग्रेच्युटी | (20,000 × 15 × 4)/26 | 46,153 रुपये |
Gratuity Calculation – अब 4 साल नौकरी करने पर कितनी मिलेगी
हमने आपको ग्रेच्युटी कैलकुलेशन के लिए उदाहरण के रूप में बताया है। जिसके आधार पर आप खुद से अपना ग्रेच्युटी कैलकुलेट कर सकते हैं। अगर आपको अपना ग्रेच्युटी कैलकुलेट करने में असुविधा हो तो आप कमेंट में लिखकर हमसे पूछ सकते हैं।
यह भी पढ़ें-
- EPF rules change June 2021 यह काम कर लें, नहीं तो पीएफ खाता बंद समझिए?
- Central Government hike variable DA, इसका लाभ किन कर्मचारियों को मिलेगा?
- पीएफ क्या है? जरुरत पड़ने पर कब, कहां और कैसे शिकायत करें, पूरी डिटेल जानकारी
- PF Balance kaise check karen, जाने 7 तरीका | How to check PF Balance
Surjeet Shyamal एक श्रमिक जागरूकता लेखक हैं, जो Private Employees को PF, वेतन, ग्रेच्युटी और लेबर कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल हिंदी में प्रदान करते हैं। उनका लक्ष्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और सही मार्गदर्शन देना है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य जीवन जी सकें। Read More