आज पटना हाइकोर्ट ने बिहार नियोजित टीचर के मांग “समान काम के लिए समान वेतन” के याचिका का ऐतिहासिक फैसला सुनाया. चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन की खंडपीठ ने नियोजित शिक्षकों द्वारा दायर याचिका समान काम के लिए समान वेतन आदेश पारित करते हुए कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य में एक ही कार्य के लिए अलग-अलग तरह के व्यवस्था नहीं हो सकती है. आगे कोर्ट ने कहा है कि यह फैसला लागू किया जाना चाहिए नहीं तो इसे संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा.
बिहार नियोजित टीचर को मिले समान वेतन
पटना हाईकोर्ट ने बिहार नियोजित टीचर के समान काम के लिए समान वेतन की याचिका को सही ठहराया है. इससे पुरे बिहार के शिक्षकों में ख़ुशी की लहार दौर गई है. शिक्षक एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगा कर एक दूसरे को बधाई देने लगे. जानकारी के अनुसार नियोजित शिक्षक संघ ने राजधानी पटना सहित राज्य भर में विजय जुलूस निकाला.
बिहार के नियोजित शिक्षकों ने समान काम के समान वेतन की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. मालूम हो कि बिहार के नियोजित शिक्षक अपनी इस मांग को लेकर काफी दिनों से आंदोलनरत हैं. जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अपील की तारीख से समान वेतन देने का आदेश दिया है.
इस फैसले के बाद दूसरे राज्यों के कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों में भी आस जगी है. यह वर्करों की बहुत बड़ी जीत है. अब देखना यह है कि जो काम सैलरी होने के बावजूद जो नितीश सरकार पिछले 3 महीने से शिक्षकों को सैलरी नहीं दी. वह समान काम का सामान वेतन को कितना जल्दी लागु कर पातें हैं.
नोट- हाईकोर्ट पटना के आर्डर की कॉपी Court Order पेज पर उपलब्ध हैं या कोर्ट आर्डर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें .
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Surjeet Shyamal एक श्रमिक जागरूकता लेखक हैं, जो Private Employees को PF, वेतन, ग्रेच्युटी और लेबर कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल हिंदी में प्रदान करते हैं। उनका लक्ष्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और सही मार्गदर्शन देना है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य जीवन जी सकें। Read More
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