Agar Company Gratuity Na De– कंपनी छोड़ने के बाद कई बार कर्मचारियों को ग्रेच्युटी देने से मना कर दिया जाता है। जिसके बाद वो जानना चाहते हैं कि ऐसे में हम क्या करें। ऐसे में अगर आपको ग्रेच्युटी एक्ट के बारे में जानकारी हो तो आप अपने हक़ का ग्रेच्युटी का पैसा पास सकते हैं। हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको साधारण भाषा में जानकारी देने जा रहे हैं।
Agar Company Gratuity Na De तो क्या करें?
अगर आप किसी ऐसी कंपनी या संस्थान में कार्यरत हैं। जिसमें 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में कर्मचारी को कंपनी छोड़ने या नौकरी से निकालने के द्वारा (कुछ कंडीशन को छोड़कर) ग्रेच्युटी का भुगतान करना है। अगर आपको कंपनी ग्रेच्युटी नहीं दे तो क्या करना है। इसके पहले आपको जानना होगा कि कौन कौन से कर्मचारी ग्रेच्युटी पाने के हक़दार हैं।
Gratuity Kab milti hai?
अगर कर्मचारी ने 5 वर्ष काम किया हो। यही नहीं बल्कि कर्मचारी ने 4 साल 240 दिन भी काम कर लिया है ऐसे में भी कंपनी ग्रेच्युटी देने से मना नहीं कर सकती है। अब लेबर कोड लागू होने के बाद ग्रेच्युटी का नियम बदल गया है, जिसके तहत अब 1 साल की सेवा पूरी होने पर भी ग्रेच्युटी देना होगा।
कंपनी के पास ग्रेच्युटी क्लेम
अब अगर आप ऊपर बताये गए नियमों के तहत ग्रेच्युटी पाने के हक़दार हैं. ऐसे में आपको नौकरी छोड़ते समय अपनी कंपनी के पास ग्रेच्युटी क्लेम करना होगा। जिसके तहत आपको FORM ‘I’ भरकर अपनी कंपनी के पास जमा करना होता है। जिसके बारे में हमने अपने पहले के पोस्ट में जानकारी दी है। जिसके 30 दिनों के अंदर कर्मचारी को कंपनी के द्वारा ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान करना होता है।
ग्रेच्युटी न मिलने पर शिकायत कहां करें
अगर अब इसके बाद 30 दिनों के अंदर कंपनी के द्वारा कर्मचारी के बैंक खाते में ग्रेचुटी का भुगतान नहीं होता है तो आप सीधे लिखित शिकायत कंट्रोलिंग अथॉरिटी के पास कर सकते है। आपके जिले के लेबर कमिश्नर ऑफिस में एक असिस्टेंट लेबर कमिश्नर कंट्रोलिंग अथॉरिटी होता है जो ऐसे केस को देखता है। उनके पास शिकायत लगाने के बाद वह आपके कंपनी को नोटिस कर बुलाता है। जिसके बाद सुनवाई कर उस कंपनी को कर्मचारी को ग्रेच्युटी भुगतान का आदेश जारी करता है।
Agar Company Gratuity Na De तो क्या करें, शिकायत का तरीका
आपको बताते हुए काफी ख़ुशी हो रही है की 17 फरवरी 2023 को हमारे एक पाठक ने वर्कर वौइस् की सहायता से ग्रेचुटी का केस जीता है। जिसने राजन को 6 साल के ग्रेच्युटी कुल 99121/ रूपये 10 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान का आदेश जारी किया। जो कि देश के सभी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के लिए नजीर बन गया।
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