लॉकडाउन में सैलरी मिलेगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट में 26 मई को क्या कहा

कर्मचारियों को “लॉकडाउन में सैलरी मिलेगी या नहीं“. यह सवाल आपमें से हर किसी के मन में हैं. इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगी है. जिसकी 3सरी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 26 मई को होनी थी. हम आपको थोड़ा देर से जानकारी दे रहे हैं. मगर बिलकुल सही और सटीक जानकारी देने को कोशिश करेंगे. उम्मीद हैं कि ध्यान से अंत तक पढ़ेंगे.

लॉकडाउन में सैलरी मिलेगी या नहीं

केंद्र सरकार ने देश में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए Lockdown का आदेश जारी किया था. जिसके बाद स्कुल, कॉलेज, दूकान, रेस्टोरेंट, सिनेमा, कम्पनी, फैक्ट्री, सरकारी दफ्तर आदि बंद कर दिए गए. जिसके बाद प्रवासी मजदूर परिवहन की सुविधा बंद होने से हजारों को संख्या में गांव के तरफ पैदल ही जाने लगें. जिससे कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता हैं.

जिसके बाद स्थिति से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने 29.03.2020 को एक सर्कुलर जारी किया. जिसके अनुसार “कोई भी नियोक्ता किसी भी कर्मचारी का Lockdown अवधि के दौरान न तो Salary देने में देरी करेगा और न ही कटौती ही करेगा”.

कुछ मालिक/कॉर्पोरेट्स ने केंद्र सरकार के इस आदेश को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि सरकार का यह आदेश मनमाना, तर्कसंगत न होने के साथ ही भेदभाव पैदा करने वाला है और उत्तरदायी बनाने के लिए असंवैधानिक है.

सुप्रीम कोर्ट में 26 मई को क्या कहा (Lockdown me Salary)

इसकी तीसरी सुनवाई 26 मई 2020 को हुई हैं.जिसके बारे में हिंदुस्तान डॉट कॉम ने लिखा हैं कि “केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ के समक्ष दलील दी कि केंद्र ने 17 मई को एक नई अधिसूचना जारी की है, जो 29 मार्च के केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश को रद्द कर देती है”.

इस खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छोटे उद्योग राष्ट्रव्यापी बंद के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और अगर वे कमाई नहीं कर सकते हैं, तो किस माध्यम से कर्मचारियों को पूर्ण वेतन दे सकते हैं. जिसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले पर अपना जवाब दर्ज करने को कहा और इस मामले पर अगले सप्ताह तक सुनवाई टाल दी.

इसको पढ़ने के बाद प्रतीत होता हैं कि लोग कितनी आसानी से कुछ भी लिख देते हैं. अगर आप पुरे प्रकरण को देखेंगे तो कॉर्पोरेट्स ने सुप्रीम कोर्ट में 29 मार्च 2020 के नोटिफिकेशन को रद्द करने के लिए ही अर्जी दी है. अब अगर माननीय कोर्ट के सामने केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल खुद ही स्वीकार कर लिए कि 29 वाला नोटिफिकेशन सरकार ने रद्द कर दिया तो फिर मामला बचा ही कहाँ? फिर तो आगे सरकार के रिप्लाई की जरुरत ही क्या पड़ेगी. आपमें से अगर कोई कानून के जानकार होंगे तो इस बात को बखूबी समझ पायेंगे.

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अब कोर्ट रूम में क्या बातचीत हुई, यह तो उनको पता होगा जो केस सुनवाई के दौरान मौजूद थे. हम तो कोर्ट के आर्डर पर विश्वास करते हैं. आइये हम एक बार नजर डालते हैं कि हर डेट पर क्या-क्या आर्डर हुआ-

लॉकडाउन में सैलरी सुप्रीम कोर्ट आर्डर –

27.04,2020:

सुप्रीम कोर्ट में पहली सुनवाई 27 मार्च 2020 को हुई थी. जिसमें माननीय कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस कर जवाब दाखिल करने को कहा था. उस दिन और क्या-क्या हुआ. इसकी अधिक जानकारी के लिए हमारे पुराने आर्टिकल को पढ़ें – Lockdown में कर्मचारी को सैलरी मिलेगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

15.05.2020:

लॉकडाउन में सैलरी के बारे में सुप्रीम कोर्ट में दूसरी सुनवाई 15 मई 2020 को हुई थी. जिसके बारे में नेशनल मिडिया में कहा गया कि माननीय कोर्ट ने मालिकों को राहत दी हैं. जिसके बारे में छानबीन के बाद जो जानकारी हमने इकट्ठी की. वह इस प्रकार हैं- Supreme Court Order on Salary during Lockdown 15 मई को क्या आया

26.05,2020:

कोर्ट की सवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई. केंद्र का प्रतिनिधित्व श्री के.के. वेणुगोपाल अटॉर्नी जनरल के साथ तुषार मेहता, सॉलिसिटर जनरल, आदि विभिन्न पार्टी अन्य वकील के साथ मौजूद थे. हालांकि, इन मामलों में नोटिस जारी किए गए थे लेकिन भारत सरकार के तरफ से जवाब में कोई भी काउंटर अफिडेफिट जमा नहीं किया गया है. सॉलिसिटर जनरल ने काउंटर हलफनामा दाखिल करने एक सप्ताह का समय देने की प्रार्थना की. जिसको स्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिकाओं पर भारत सरकार का रुख जानने के लिए समय दिया.

इसके साथ माननीय कोर्ट ने यह भी कहा कि “हम यह स्पष्ट करते हैं कि अंतरिम आदेश, जहाँ भी हो दी जाएगी, जारी रहेगी”

हाँ, एक बात और बतानी थी कि इस केस की सुनवाई इस बार न्यायाधीश एसके कौल और न्यायाधीश एमआर शाह के साथ न्यायाधीश अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने की हैं.

लॉकडाउन में सैलरी मिलेगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट में 26 मई को क्या कहा

लॉकडाउन में प्राइवेट कम्पनी सैलरी देगी?

अब हमें अगले सुनवाई का इंतजार रहेगा. हम अगर इस आर्डर को देखें तो हिन्दुस्तान की खबर बिलकुल ही गलत हैं. इस आर्डर में कहीं नहीं लिखा कि केंद्र सरकार ने 29 मार्च 2020 वाला आर्डर रद्द कर दिया. इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारे इस आर्टिकल को पढ़ें-क्या मोदी सरकार ने Lockdown में Salary का आदेश वापस ले लिया.

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14 thoughts on “लॉकडाउन में सैलरी मिलेगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट में 26 मई को क्या कहा”

    • जी नहीं, फिर से कोर्ट ने सरकार को रिप्लाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया हैं

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  1. Sir, Meri private company ne furlough leave laga Diya, iske baare mein aapse Jana chahunga. Khete hai company layoff nahi karegi lekin salary bhi degi.

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  2. Sir meri company ne 20 march tak ki salary de kar baad mai salary nahi di aaj tak Labour court mai complaints karne pe company owner ne mujhe company nahi bulaya aur ab company start hai fir bhi nahi bula rahe mujhe company group se bhi left kar diya aur mere baare mai dusare logo ko mujhe complaints karne pe sazza dene ke liye bol rahe hai lobour Court ne bhi kaha April may ki salary nahi milegi

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  3. Sir me mukhya roop se jila balaghat ki niwasi hu par 2 saal se indore ki ek private BPO company me karyrat hu. Lockdown ke chalte company ne work from home ki hame facilities nahi di.unke dwara hume kaha gaya ki hum apko suchit karenge par na hi work from home ki suvidha di gai or ab company ne may mahine ke ant me hume suchit kiya gaya ki aap logo ki salary nahi milegi jankari janne ke liye humne humare adhikariyo ko contact kiya par unke taraf se hume puri jankari ni mili.. or 1 june ko jo salary milni thi wo bhi ni mili please sir read this and please hum ab kya kre aap bataiye hum 120-130 bache hai jo ki salary ki guhar kar rhe h… hume kya krna hai aap suggestions dijiye.

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  4. Hello mera naam akshay khagole mai indore mp ki ek private company m kaam karta hu lockdown ke karan office band h
    Aur company ne hume phale ye update di ti ki lockdown m office nahi open hoga lakin aapko puri salary di jayengi aur eske badle aapko jo monthly PL milti h vo advance m milengi jisse apko puri salary aayengi lakin 25may ko company ki side se ye kaha gaya ki ab aapki salary nahi aayengi
    1st date ko salary aani hoti h aur company 5din phale bolti h salary nahi aayengi
    Mere sath mere bahut se workers jo jo kaam ke liye dur dur se aaye h indore

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  5. हेलो सर् , प्रणाम ,
    आशा करता हूं आप मेरा सवालों का जबाव जरूर देंगे, दरसअल मेरा एक दोस्त एक निजी 2 व्हीलर शोरूम में as a अकाउंट असिस्टेंट काम रहा है, लॉक डाउन के चलते उसका बॉस उसे forcely sales में जाने के लिए बोल रहा है, मेरे दोस्त ने सेल्स में काम करने से मना कर दिया ,क्योंकि मेरा दोस्त 4-5 सालों से अकॉउंट असिस्टेंट के तौर पर कार्यरत है वह सेल्स में कैसे काम कर सकता है, ओर जब उसने मना कर दी तो जबरन उससे रिजाइन ले रहे है ,आपसे विनती है कृपया इस विषय पे क्या करना चाहिये ,कुछ समझ में नही आ रहा ,कृपया मेरी मद्दत करे। धन्यवाद ।

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  6. Dear Sir, I was work with Deutsche Motoren Private Limited (BMW Dealership) for last 7 years as EDP Incharge. But Suddenly they whatsup relieving letter to me on dated 31st May 2020. When I asked for sending through proper channel. After few days they mailed the same. But they provide the reason for economic slow down due to epidemic. Its not looking any solid reason. I called them and given a proposal for salary cut until economic condition bad. But HR Department not agreed.

    They neither provide any notice period nor ready to provide any compensation. Please suggest what I will do now..

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    • If your are workmen then challenge your illegal termination before labour court though concern labour commissioner, either file a civil suit

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