Lockdown PF Contribution घटने से कर्मचारी को फायदा या नुकसान

अगर आप PF Act के दायरे में आते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं. केंद्र सरकार ने आगामी 3 महीने के लिए कर्मचारी के भविष्य-निधि और प्रकीर्ण उपबन्ध, अधिनियम, 1952 के तहत कवर होने वाले प्रतिष्ठानों के सभी वर्गों के लिए PF योगदान (Lockdown PF Contribution) की दर घटा दी है. जिससे आपके टेक होम सैलरी में बढ़ोतरी हो जायेगी. अब इसका लाभ आपमें से किन-किन लोगों को और किस-किस महीने मिलगी. इसकी पूरी जानकारी के लिए पोस्ट को ध्यान से पढ़ें.

Lockdown में PF Contribution घटा

केंद्र सरकार ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन किया हैं. जिसके बाद सभी कंपनी, फैक्ट्री आदि बंद कर दिया गया हैं. जिससे की कंपनियों का काफी नुकसान हुआ हैं. उसी नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार ने कर्मचारी भविष्य-निधि और प्रकीर्ण उपबन्ध, अधिनियम, 1952 (ईपीएफ एंड एमपी एक्‍ट, 1952) के तहत आने वाले प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं और कर्मचारियों को राहत पहुंचाने के लिए समय-समय पर विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है.

केंद्र सरकार द्वारा 13.05.2020 को कर्मचारी भविष्य-निधि और प्रकीर्ण उपबन्ध, अधिनियम, 1952 के तहत कवर होने वाले प्रतिष्ठानों के सभी वर्गों के लिए मई, 2020, जून, 2020 और जुलाई, 2020 के लिए योगदान की वैधानिक दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की गई थी. इसे आत्‍म-निर्भर भारत पैकेज के अंग के रूप में अधिसूचित किया गया है. इस नोटिफिकेशन संख्या एसओ 1513 (ई) दिनांक 18.05.2020 को प्रकाशित किया गया हैं.

सरकारी विभागों को पीएफ कंट्रीब्यूशन में छूट नहीं

PF योगदान की दर में की गई उपरोक्‍त कटौती केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों अथवा केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी भी अन्य प्रतिष्ठान पर लागू नहीं है. ये प्रतिष्ठान मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 12 प्रतिशत का योगदान करना जारी रखेंगे. इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप किसी भी सरकारी विभाग में ठेका आउटसोर्स वर्कर के रूप काम कर रहे हैं तो आपका पूर्व के भांति पीएफ योगदान 12 प्रतिशत ही रहेगा.

सरकार के द्वारा कम की गई दर पीएमजीकेवाई लाभार्थियों के लिए भी लागू नहीं है, क्योंकि पूरा कर्मचारी ईपीएफ योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत) और नियोक्ताओं का ईपीएफ और ईपीएस योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत), मासिक वेतन का कुल 24 प्रतिशत का योगदान का वहन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है.

सरकार के अनुसार ईपीएफ अंशदान की दर, मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 12 प्रतिशत से कम करके 10 प्रतिशत करने का उद्देश्‍य 4.3 करोड़ कर्मचारियों/ 6.5 लाख प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं और सदस्यों दोनों को नकदी के संकट से निपटने के लिए कुछ हद तक तात्कालिक लाभ पहुंचाना है.

PF Contribution घटने से कर्मचारी को फायदा या नुकसान

पीएफ योगदान (PF Contribution) की वैधानिक दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किए जाने के से कर्मचारी और नियोक्ता को 2 प्रतिशत की बचत होगी. अब मान लीजिये कि आपका वेतन (Basic+DA) 10,000 रुपया मासिक हैं. अभी तक आपका पीएफ का कंट्रीब्यूशन 12 प्रतिशत के अनुसार 1200 रुपया कटता था मगर अब अगले तीन महीने के लिए आपका मात्र 1000 रुपया कटेगा. इससे आपके टेक होम सैलरी (inhand Salary) में 200 रुपया मासिक वृद्धि होगी. नियोक्ता को ईपीएफ योगदान के तौर पर 1200/ – रुपये की जगह 1000/ रुपये का भुगतान करना होगा.

अगर आप हमारी राय पूछेंगे तो कर्मचारियों को इससे घाटा हैं. आप पूछियेगा कैसे? इसका जवाब होगा कि PF एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम हैं. जो कि आपके या आपके परिवार के सदस्यों को भविष्य में काम आता है. अब भले ही आपको अभी फिलहाल 2 प्रतिशत टेक होम सैलरी में वृद्धि नजर आयेगी मगर आप अपने PF Account के Statement को देखेंगे तो उसमें आपको 4 प्रतिशत का नुकसान दिखेगा. अगर आपकी सैलरी (Basic+DA) 10,000 हैं तो आपकेा पीएफ खाते में आगामी 3 महीने तक 400 रुपया कम जमा होगा.

इसके आलावा एम्प्लायर जिनके खाते से एम्प्लोयी कंट्रीब्यूशन और एम्प्लायर कंट्रीब्यूशन दोनों ही काटता हैं. उस एम्प्लायर को उपरोक्त केस में गैरकानूनी तरीके से सीधे-सीधे 400 रुपया प्रति कर्मचारी फायदा हो गया. अब आप सोचिए न आपको ऐसे भी 200 रुपया प्रति कर्मचारी फायदा मिलेगा मगर 100 कर्मचारी वाले मालिक को 200*100= 20,000 प्रति महीने का फायदा. अब आप खुद कैलकुलेट कर लें कि असल फायदा किसका हैं?

Lockdown PF Contribution घटने से कर्मचारी को फायदा या नुकसान

PF क्या होता है, और कौन इस स्किम का लाभ उठा सकते?

देश में क़ानूनी प्रावधान के अनुसार 20 या उससे अधिक वर्कर के काम करने वाले कंपनी को इसके तहत EPFO (Employee Provident Fund Organization) में पंजीकरण अनिवार्य है. एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (Employee Provident Fund) जिसे आमतौर पर EPF कहा जाता है. यह एक रिटायरमेंट स्कीम है. जब आप Job ज्वाइन करते है तभी आपकी Company आपसे EFP का फार्म भरवाकर आपका खाता EPF Office में खोलता है. EPF खाते में Employee और Employer दोनों के द्वारा ही योगदान (Contribution) किया जाता है. इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारे पुराने आर्टिकल को पढ़ें- PF क्या होता है? EPF Grievance कब, कहां और कैसे दर्ज करें

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3 thoughts on “Lockdown PF Contribution घटने से कर्मचारी को फायदा या नुकसान”

  1. Namaste Sir.
    Sir.mera naam Sanjay Kumar sir mai surya company me thekedar ke under kaam krta hu mujhe April month ki salary nhi mili surya company uttrakhand me aati or company chal rhi h or mai uttar Pradesh se hu company me call ki to bol rhe h kaam kroge to paise mileage lockdown me koi Paisa nhi mileage

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