PF Rules Change 2026 – देश में नया लेबर कोड लागु होने जा रहा है। जिसमें हर कर्मचारी का सबसे बड़ा सवाल यह है कि इससे एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) के नियम बदल जायेंगे। जिसके बाद इस मुद्दे पर सरकार ने अपना जवाब दिया है। जिसके तहत श्रम और रोजगार मंत्रालय के तरफ से राज्य सभा में सवाल का जवाब दिया गया है। आज हम अपने इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे कि सरकार ने इस पर क्या कहा?
PF Rules Change 2026 – नए लेबर कोड से PF
श्री संदोष कुमार पी, सांसद, राज्यसभा ने केंद्र सरकार ने EPFO स्कीम के तहत निम्न सवाल पूछा-
श्रम एवं रोजगार मंत्री महोदय, क्या वे यह बताने की कृपा करेंगे कि-
(क) क्या कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर रहा है?(ख) यदि हां, तो उसका विवरण दीजिए।
(ग) क्या सरकार नए श्रम संहिता के अंतर्गत ईपीएफओ योजना में कोई अन्य परिवर्तन करने की योजना बना रही है?
और
(घ) यदि हां, तो उसका विवरण दीजिए।
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने दिया जवाब
जिसका जवाब देते हुए श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (सुश्री शोभा करंदलाजे) ने कहा कि-
(क) से (घ): कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 के अनुच्छेद 60(1) के अनुसार, ईपीएफओ को प्रत्येक सदस्य के खाते में केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि के केंद्रीय न्यासी बोर्ड के परामर्श से निर्धारित दर पर ब्याज जमा करना अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त, योजना के अनुच्छेद 60(4) के अनुसार, “ब्याज दर निर्धारित करते समय, केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि सदस्यों के खातों में जमा किए गए ब्याज की कटौती के परिणामस्वरूप ब्याज खाते में कोई अतिरेक न हो।”
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 164(2)(ख) के अनुसार,
मौजूदा ईपीएफओ योजनाएं, जहां तक वे संहिता के प्रावधानों के साथ असंगत नहीं हैं, संहिता के प्रारंभ होने की तिथि से एक वर्ष की अवधि तक लागू रहेंगी।
पीएफ खाते में क्या असर पड़ेगा
आपको सरकार का जवाब समझ में आया, आप कहेंगे कि शायद नहीं। हम भी कहेगें कि सरकार के तरफ से जो जवाब दिया गया, उसमें सही और स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बताया गया। जबकि आपको अभी भी जानना चाहते है कि लेबर कोड के लागू होने से आपके पीएफ खाते में क्या असर पड़ेगा। जिसमें आपको हम स्पष्ट तौर से बताना चाहेंगे कि लेबर कोड लागु होने से आपका सैलरी स्ट्रक्टर ही बदल जायेगा।
आपको बता दें कि अगर आप किसी ऐसी कंपनी या संस्थान में काम करते हैं। जहां 20 या 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में आपकी कंपनी पहले खुद PF Act के तहत EPFO के पास रजिस्टर्ड होती है। जिसके बाद आपका पीएफ का खाता खोलती है। जिसमें आपकी सैलरी (Basic+Da) का 12 फीसदी काटकर आपके पीएफ खाते में जमा करवाती है। यही नहीं बल्कि आपको कंपनी को भी ठीक उतना ही यानी 12 फीसदी पीएफ कंट्रीब्यूशन अपनी तरफ से आपको पीएफ खाते में जमा करना होता है।
आपके inhand salary में फर्क
अब लेबर कोड लागु होने के बाद आपके सैलरी स्ट्रक्टर में सैलरी और भत्ता बराबर यानी 50 फीसदी होना चाहिए। अब ऐसे में जब आपके सैलरी एक स्ट्रक्टर बदलेगा तो पीएफ कटौती पर बड़ा फर्क पड़ेगा। जबकि सरकार ने इसके बारे में कोई जवाब नहीं दिया है, जबकि हमारा मानिए तो आपके inhand salary में फर्क दिखेगा। जो कि आने वाले समय में आपको भी दिखेगा। जबकि आपको याद रखना यह भी है कि अभी पीएफ का सैलरी लिमिट 15000 ही है। जिसको भी बढ़ाने के लिए बात चल रही है।
PF Rules Change 2026 – नए लेबर कोड से PF में क्या होगा बदलाव
Q&A – PF Rules Change 2026
अभी पीएफ लिमिट 15000 है या 21000?
अभी यानी 13 मार्च 2026 जवाब लिखे जाने तक पीएफ की सैलरी लिमिट की सीमा 15,000 रुपये प्रति है। जिसके बारे में आने वाले समय में बढ़ोतरी की जा सकती है। हालांकि पिछले 11 साल से इसमें कोई संसोधन नहीं किया गया है।
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Surjeet Shyamal एक श्रमिक जागरूकता लेखक हैं, जो Private Employees को PF, वेतन, ग्रेच्युटी और लेबर कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल हिंदी में प्रदान करते हैं। उनका लक्ष्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और सही मार्गदर्शन देना है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य जीवन जी सकें। Read More