Online petition to prime minister of india – दिहाड़ी मजदूरों की जान बचाने के लिए

अभी देश में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 21 दिन का लॉकडाउन की घोषणा की गई हैं. जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित रोज कमाने और रोज खाने वाले दिहाड़ी मजदूर हुए हैं.  हम देश के प्रधानमंत्री जी को  E-Petition to PM – दिहाड़ी मजदूरों की जान बचाने के लिए भेज रहे हैं. जिसमें आपके सपोर्ट की आवश्यकता हैं.

Petition to PM of india

अचानक से काम बंद होने के कारण दिहाड़ी मजदूरों को भूखे मरने की नौबत आई गई हैं. जिससे बचाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों व शहरों से पैदल अपने गांव की तरफ निकल चुके हैं.

जिसके बाद उनकी सहायता करना जरुरी हैं, नही तो शायद ही भूखे पेट उनमें से कोई भी गांव पहुंच पाये. अगर इस दौरान कोई भी किसी कोरोना पीड़ित व्यक्ति के सम्पर्क में आ गए तो अनजाने में बहुत से इसकी चपेट में आ जायेंगे.

E-Petition to PM – How to sign.

उनकी स्थिति को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री जो को हम लोग एक इ-पेटिशन (E-Petition to PM) भेज रहे हैं. जिसको पढ़ने के बाद आपलोग नीचे दिए गए ऑप्शन में अपना ईमेल आईडी के जरिए हस्ताक्षर दे कर सपोर्ट करें ताकि माननीय प्रदान मंत्री जो उनको सहायता करें. इ-पेटिशन (E-Petition to PM) इस प्रकार से हैं-

E-Petition to PM – दिहाड़ी मजदूरों की जान बचाने के लिए

सेवा में,
श्री नरेंद्र मोदी
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार

विषय : कोरोना वायरस से विस्थापित देश के 30 करोड़ दिहाड़ी मजदूरों की जान बचाने हेतु

हम सभी को ज्ञात हैं कि हमारा देश कोरोना वायरस के कारण बेहद संकट के दौर से गुजर रहा हैं. शायद इसकी कल्पना हममे से किसी ने सपनें में भी नही की थी.

इस गंभीर समस्या से पुरे देश को बचने कि जिम्मेवारी केंद्र और राज्य सरकार के कन्धों पर हैं. इसके लिए सभी लोग भरपूर प्रयास कर रहे हैं. जिसके बाद दिनांक 21.03.2020 को माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर पुरे देश ने एक होकर सेल्फ कर्फ्यू को भरपूर सहयोग देकर सफल बनाया.

पुनः केंद्र सरकार के आदेशानुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए  दिनांक 22.03.2020 को कुछ जिलों में लॉक डाउन किया गया. जिससे पुरे देश में अफरातफरी मच गई. देश के अलग-अलग राज्यों में रह रहे प्रवासी मजदूर इस बंदी से रोजी छीन जाने के कारण वापस गांव लौटने लगे. जिससे देश में कोरोना वायरस को फैलने से बचने के लिए सरकार ने जो कदम उठाया, वह छिन्न होता नजर आया.

तत्पश्चात, केंद्र सरकार ने दिनांक 23.02.2020 को पुनः पुरे देश को 21 दिन के लिए लॉक -डाउन का आदेश जारी किया. जिसमें स्पष्ट किया गया था कि आवश्यक सुविधाएँ जैसे राशन, सब्जी, दूध, दवाई, बैंक आदि की सेवायें सेवा उपलब्ध रहेगी.

मगर, इसमें कहीं भी दिहाड़ी मजदूरों के रोटी की व्यवस्था का जिक्र नहीं था. उनके रोजी छीन जाने से खाने के लाले पड़ गए. घर से रोटी की तलाश में निकलने पर पुलिस ने भी मारपीट की, जो कि शोशल मिडिया में उपलब्ध हैं. ऐसे में जब उनसे भूखे पेट नहीं रहा गया तो पैदल ही जान बचाने के लिए बिना सोचे समझें गांव की ओर निकल पड़ें.

उनके साथ महिला, बुजुर्ग और दुधमुँहें बच्चे भी हैं, जिनके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं हैं. ऐसे में वो भूख से अपनी जान बचाने के लिए अपनों के पास जाने के लिए निकले हैं. उनकी इस मज़बूरी पर सहायता करने के वजाय कुछ पुलिस वालों ने उनके साथ मार पिटाई की तो कुछ ने उनको खाना भी खिलाया.

हमें पता हैं कि वो चाहकर भी भूखे पेट, सरकार की बिना सहायता के अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकते. यही नहीं बल्कि, उनके जैसे लाखों गरीब मजदूर भी अलग-अलग शहरों में भूखे प्यासे कमरे में बंद हैं.

उनके पास न तो पैसा हैं और नहीं ही खाने की व्यवस्था. कई जगह राज्य सरकरों ने खाने की व्यवस्था भी की हैं मगर उनके घर से निकलने पर पुलिस की लाठी से रूबरू होना पड़ता हैं. इसलिए वो डर से कमरों में दुबके हैं.

अभी देश के सभी सरकारी स्कुल बंद हैं. इसलिए उनके आने-जाने के रास्ते में स्कूलों में रहने और खाने की व्यवस्था की जाए. जिस प्रकार से अन्य देशों में फँसे देशवासियों को देश में लाया गया ठीक उसी प्रकार से उनलोगों में कोरोना वायरस की जाँच कर बंद पड़े ट्रेन और अन्य सेवाओं के जरिए सुरक्षित उनको घर अपनों के बीच पहुंचाने की कृपा की जाए.

अतः, श्रीमान से नम्र निवेदन हैं कि देश के 30 करोड़ से भी ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों के हित में अलग-अलग राह में फंसे मजदूरों को अविलम्ब सहायता प्रदान की जाए.

हम हैं,
न्यूनतम वेतन पर जीने वाले
देश के 50 करोड़ मजदूर

Congratulations friends our above e-petition achieved the target. 

बधाई हो,  हमारे इस E-Petition  के मांग के बाद केंद्र सरकार ने 29 अप्रैल 2020 को नोटिफिकेशन जारी किया हैं. आप सभी लोगों का बहुत-बहुत धन्यबाद.  Click on below link.

मजदूरों को Lock Down का पूरी Salary के साथ ये सुविधा मिलेगी

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10 thoughts on “Online petition to prime minister of india – दिहाड़ी मजदूरों की जान बचाने के लिए”

  1. Sir her sal new tendor aata hai jiske Karan purane karamchari Nikal diye Jate hai or new ko rakha jata kya aisa koi rule hai jise inhe na nikala ja sake or agar Nikal diye Jaye to kya koi aisa labor law hai jise ye iske khilaf lad sake

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    • Bilkul hai..Ek contract labour ko dusre contract labour se replace nhi kar sakte…apne area ke labour commissioner office me complaint karen

      Reply
  2. सर क्या मुझे चिफ लेबर कमिश्नर का कॉन्टैक्ट नम्बर या इमैल आई डी मिल सक्ता है अगर तो दिजीये और पी एम का इमैल है तो वो भी दे दिजीये हमारे एरिया के आर एल सी का सिकायत करना है
    प्लिस

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  3. Sir chief labour commissioner central telephone code number kya hai usme coll nahi lag raha hai

    Reply
  4. Dear sir,

    I Purushottam Thawait working in steag Energy services India Pvt Ltd my job working period completed in Telengana mancherial district. I have to join my new job in Chhattisgarh kharsiya but due to COVID-19 effect I am lockdown in Telengana mancherial district.

    Please help me sir my 2 month baby basis needs not available properly it’s health up & down frequently.

    Please do needful arrange to transfer in Chhattisgarh as soon as possible.

    Purushottam Thawait
    Mob no.7008541697
    8763018360

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