दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के CGIT Online सुनवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए

अभी देश में लॉकडाउन के बाद से सभी कोर्ट के साथ केंद्र सरकार की औधौगिक प्राधिकरण (CGIT)/लेबर कोर्ट भी बंद है। ऐसे तो सभी कोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई का आदेश जारी हो चूका है मगर यह केवल अर्जेंट मैटर में ही शुरू किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के CGIT Online सुनवाई के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। आइये जानते हैं कि इसके बाद जिस कर्मचारियों का केस CGIT/लेबर कोर्ट में पेंडिंग है उस पर क्या फर्क पड़ेगा?

केंद्र सरकार के CGIT Online सुनवाई के लिए निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार के CGIT में ऑनलाइन सुनवाई के लिए बुनियादी ढांचे में कमी के कारण कामगारों के दावों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इसके साथ ही माननीय कोर्ट ने सेंट्रल गोवेनमेंट इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल (CGIT) में ऑनलाइन सुनवाई को अधिक कुशल बनाने के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए हैं।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल न्यायाधीश पीठ ने ईएसआई अस्पताल के 33 मेंटनेंस स्टाफ याचिकाकर्ता के मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सीजीआइटी एक महत्पूर्ण न्यायाधिकरण है, जो कि कामगारों से सम्बंधित दावों से निपटता है। अभी यह न्यायाधिकरण COVID​​​​-19 महामारी से प्रभावित हुआ है। हाईकोर्ट की राय में कामगारों के दावों को जल्दी और समय पर सीजीआईटी के बुनियादी ढांचों की कमी के कारण प्रभाव नहीं डाला जाना चहिए, जैसा कि स्थिति रिपोर्ट के अवलोकन से देखा जाता है।

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कोर्ट ने आगे कहा कि उपस्थित हुए कई अन्य वकील जो कि नियमित रूप से सीजीआईटी के समक्ष नियमित अभ्यास करते हैं, यह प्रस्तुत करते हैं कि सीजीआईटी में उचित इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है। सीजीआईटी के कर्मचारी को ऑनलाइन सुनवाई करने के लिए अपने स्वयं का मोबाइल से हॉटस्पॉट सुविधा का उपयोग करते हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जारी निर्देश-

  • सीजीआईटी पुरे दिन के दैनिक आधार पर सुनवाई के लिए सिस्को वीबेक्स लाइसेंस की आवश्यकता अनुसार खरीद करेगा।
  • सीजीआइटी में तुरंत ही हाई स्पीड इंटरनेट स्थापित किया जायेगा ताकि ऑनलाइन प्लेटफार्म पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिना रूकावट सुनवाई हो सके।
  • सीजीआईटी के पीठासीन अधिकारी को आशुलिपिक सहित मैनपावर के संदर्भ में किसी भी आवश्यक सहायता के लिए स्थापित प्रक्रिया के अनुसार कदम उठाने की अनुमति है। इसके लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा।
  • श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा सीजीआईटी ऑनलाइन सुनवाई के लिए बुनियादी ढाँचे सिस्को वेबएक्स लाइसेंस, ब्रॉडबैंड हाईस्पीड इंटरनेट आदि के लिए तत्काल धन उपलब्ध कराया जाए।

अंत में कोर्ट ने श्रम और रोजगार मंत्रालय या संबंधित नियुक्ति प्राधिकारी को सीजीआईटी की दूसरी पीठ के लिए पीठासीन अधिकारी के पद को भरने के लिए तेजी से कदम उठाने का भी निर्देश दिया है।

ईएसआई अस्पताल के 33 मेन्टेन्स स्टाफ को नए ठेका दिए जाने के कारण 16 फरवरी, 2021 को सभी को नौकरी से निकाल दिया गया था। जिसके बाद उनके द्वारा टर्मिनेशन को चुनौती देने से मामले को निर्णय के लिए सीजीआइटी भेजा गया था। जहां उनका केस अभी लंबित है। कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा एक स्थिति रिपोर्ट दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि सीजीआइटी के पास ऑनलाइन सुनवाई के लिए पर्याप्त बुनियादी ढाँचा नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के CGIT Online सुनवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए

यह देखते हुए कि याचिकर्ताओं के पास नौकरी नहीं है। इसलिए उनके मैटर को तेजी से सुनवाई के योग्य मानते हुए प्रतिवादियों को 10अगस्त 2021 या उससे पूर्व सीजीआइटी के समक्ष अपना लिखित ब्यान दर्ज करने का अंतिम अवसर दिया है। इसके आलावा कोर्ट ने CGIT को त्वरित आधार पर तय करते हुए अंतिम निर्णय 30 सितंबर, 2021 को या उससे पहले पारित किया जाए।

Delhi High Court Judgment 

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