• Breaking News

    WorkerVoice.in- Latest Worker Hindi News, Labour Site, Employee Rights in India

    About Me

    Hello Friends,
    मैं SurjeetShyamal, www.workervoice.in के लिए Blogging कर रहा हूँ. मै न तो कोई लेखक हूँ और न ही पत्रकार, मगर परिस्थिति कुछ ऐसी बनी की साथियों तक अपनी बात पहुँचने के लिए पहले Facebook फिर बाद में Blog Writing शुरू किया. अपने बारे में लिखना सबसे Difficult काम है. ऐसे नहीं की मै बहुत अच्छा और सब कुछ ठीक लिखता हूँ मगर मेरी कोशिश यह रहती है की आप सभी Friends तक सही Information पहुंचे.

    Worker हमारे समाज का वह तबका है जिस पर पूरे Country आर्थिक उन्नति टिकी होती है. वह मानवीय श्रम का सबसे आदर्श उदाहरण है. वह सभी प्रकार के क्रियाकलापों की धुरी है. आज के मशीनी युग में भी उसकी महत्ता कम नहीं हुई है. Worker अपना श्रम बेचता है, बदले में वह Minimum Wages प्राप्त करता है. उसका जीवन-यापन दैनिक मजदूरी के आधार पर होता है.
    .
    आज हर People मजदूर/वर्कर है जो काम के बदले पैसे कमाता है और उनको कभी न कभी किसी न किसी तरह शोषण का शिकार होना ही पड़ता है. ज्यादातर लोग इस शोषण को भी अपनी Duty का Part समझ कर काम करते रहते है. मगर कुछ लोग इसके Against Straggle करते है. मेरी भी कुछ ऐसी ही Story है.

    मेरी कहानी (My Story: Surjeet Shyamal)
    जब IRCTC (Indian Railway Catering & Tourism Corporation Limited) में Contract Workersके लिए 1970 के कानून के अनुसार "Equal Pay for Equal Work (समान काम का सामान वेतन) की Demand की तो "Unsatisfactory Performance” कहकर 17.10.2013 को Job से Terminate किया गया. जबकि मुझे Best Service के लिए CMD, IRCTC ने उसी वर्ष का Best Employee Award प्रदान किया था. इसके बाद हार न मानी और पुरे Country के Contract Workers के लिए " Equal Pay for Equal Work" लागू करवाने के लिए Delhi High Court में PIL (जनहित याचिका संख्या W.P.(C.) 2175/2014) दायर किया.
      
    इसके उपरांत कई तरह की Problems आयी. उस जनहित याचिका (PIL) को वापस लेने क़े लिए जान से मारने की धमकी से लेकर पुरे Family को Government क़े इशारे पर प्रताड़ित किया जाने लगा. मगर सब कुछ सहते हुए भी अपने वसूलों से समझौता नहीं किया. कुछ लोगों का साथ मिला तो कुछ लोगों से सबक भी मिला. खैर इसके बाद भी उसने दुबारा से Workers को संगठित करना शुरू किया और CITU के मदद से IRCTC के उपेक्षित व् हकों से वंचित Workers को उनका हक दिलाने के लिए Straggle की शुरुआत की. धीरे-धीरे वर्करों के अधिकार के साथ ही साथ Labour Laws की Information देना शुरू की. Workers से कनेक्ट होने  के लिए Social Media और यह Blog ही एकमात्र माध्यम था . दिन-रात लगाकर खुद भी Workers हकों की जानकारी ली और साथ ही उसको पल-पल Workers तक पहुंचाने में कोई कसर न छोड़ी. 2017 में PIL का Order आ चूका है. इसका फायदा लगभग देश के 20 लाख + Contract Workers को मिला है.

    My Story: Surjeet Shyamal in short video.



    ठेका वर्कर के लिए जनहित याचिका में मिली जीत, मगर लड़ाई अभी जारी है.

    जिसके बाद कोर्ट ने ठेकाकर्मियों के मांग को जायज बताया और ड्युप्टी लेबर कमिश्नर सेन्ट्रल को 3 महीने के अंदर आईआरसीसीटी के वर्करों के अप्लीकेशन फाइल करने पर मामले की जांच कर लागू करने का निर्देश जारी किया. माननीय कोर्ट ने इस याचिका में किये गए मांग "पुरे देश के ठेका वर्कर के लिए समान काम का समान वेतन लागु" करने के लिए भारत सरकार को निर्देश नहीं दिया. मगर न्यूनतम वेतन के लिए केंद्र सरकार को फटकार लगाई कि "ठेका वर्कर का न्यूनतम वेतन उस विभाग में कार्यरत रेगुलर वर्कर के न्यूनतम वेतन के आसपास होना चाहिए.  

    मेरे जनहित याचिका का फैसला (दिनांक 11 मई 2017) के ठीक 15 दिनों के बाद (दिनांक 28 मई 2017) ही भारत सरकार ने सेंट्रल गवर्नमेंट के अंतर्गत काम करने वाले पुरे देश के ठेका वर्कर के लिए न्यूनतम वेतन को 9,000/- प्रति माह से बढ़ाकर अकुशल कर्मियों का न्यूनतम वेतन 13,936 /- अर्ध-कुशल कर्मियों के 15,418/- कुशल कर्मचारियों के लिये 16,978/- अत्यधिक कुशल यानि स्नातक 18460 किया गया. उक्त अधिसूचना के आधार पर सभी वर्करों के लिए 20 अप्रैल 2017 से बेनिफिट दिया गया है. 2013 के सरकारी आंकड़े के मुताबिक इसका बेनिफिट लगभग देश के 20 लाख+ ठेका वर्कर को मिला है. जिसके बाद लिए अभी भी लड़ाई जारी है. (अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें).

    मैंने ब्लॉग WorkerVoice.in क्यों बनाया ?

    हमने पाया की इतना बड़ा मुद्दा होने कई बाद भी मिडिया में खबर तो उठाया जा रहा है और अगर कोई पत्रकार भाई हमारे आवाज को उठना चाहता तो उसके पास बड़े अधिकारी का फोन चला जाता और हमारी आवाज दब जाती. ऐसी परिस्थिति में इस ब्लॉग ने हमारे साथियों कई लिए काफी उपयोगी साबित हुई.

    मजदूरों/वर्करों की मदद के लिए एक दूसरे से जुड़ने, एक दूसरे से जानकारी शेयर करने के लिए इंटरनेट एक उपयोगी माध्यम है. मगर बहुत काम जानकारी ही हिंदी में उपलब्ध हो पाती है. इस ब्लॉग का उद्देश्य मजदूरों/वर्करों से जुड़े मुद्दे और समस्या ही नहीं बल्कि आम जिंदगी में आने वाले हर उस मुद्दे और उससे सम्बंधित जानकारी हिंदी में उपलब्ध करना ही नहीं बल्कि उनकी हर संभव सहायता करना है. इसके साथ ही देश के युवाओं के लिए कोढ़ बन चुके ठेका सिस्टम को जड़ से खत्म करने की पुरे देश के ठेका वर्कर को संगठित करना.


    Blogging के जरिये हमारा उद्देश्य और लक्ष्य:


    हम सभी को पता है कि देश के युवाओं के लिए  "ठेका सिस्टम" एक कोढ़ का रूप ले चूका है. अगर समय रहते इसको जड़ से समाप्त नहीं किया गया तो हमारी आने वाली नस्लों को तबाह कर देगी. इस सिस्टम को जड़ से उखाड़ फेंकना केवल एक या सौ लोगों के बस की बात नहीं है. मगर यदि इसी दिशा में निरंतर प्रयास किया जाए तो एक से सौ, सौ से हजार, हजार से लाख बनने में देर नहीं लगता है. हम अपने इस ब्लॉग का उद्देश्य वर्कर/कर्मचारियों व् आमजन से जुड़े हर मुद्दे को सीधा और सरल भाषा में उनतक पहुंचना और इसके साथ ही "ठेका सिस्टम" को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए पुरे देश के ठेका वर्कर जागरूक कर संगठित करने की कोशिश मात्र है.


    Contract Workers के प्रदर्शन श्रम मंत्रालय, श्रमशक्ति भवन, नई दिल्ली (22.12.2016) को संबोधित किया.



    हमसे कैसे जुड़े?

    अगर आपको हमारे किसी भी पोस्ट से सम्बंधित कुछ भी पूछना हो या अतिरिक्त जानकारी देनी हो तो उसी पोस्ट के अंत में कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं. हम तुरंत ही आपसे संपर्क करेंगे. इसके आलावा आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट विभाग में कार्यरत हो और किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो बेचिक कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं.

    हमें बताने में ख़ुशी हो रही है कि आज आपलोगों के बदौलत हमारे फेसबुक पेज पर सवा लाख से भी जयादा लोग जुड़ चुके हैं. आप भी यहां क्लिक कर जुड़ सकते हैं.

    हमारे संघर्ष के द्वारा अभी तक की उपलब्धि: 

    • आरआरसीटीसी में आउटसोर्स वर्करों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करवाया.
    • आरआरसीटीसी में आउटसोर्स महिलाओं के लिए मेटरनिटी अवकाश लागू करवाया.
    • "समान काम का समान वेतन" के लिए 2013 से शोसल मिडिया में कम्पैनिंग कर पुरे देश के वर्करों तक एक-एक जानकारी पहुंचने का प्रयास.
    • आरआरसीटीसी, नई दिल्ली, कलकत्ता कर्मचारी यूनियन का गठन.
    • आईआरसीटीसी को आरटीआई द्वारा दबाब बनाकर ठेका कानून एक्ट के तहत रजिस्टर्ड करवाया.
    • आरआरसीटीसी में "समान काम का समान" वेतन लागु करवाने का सर्कुलर जारी (सैलरी 25-50 हजार).
    • आईआरसीटीसी में ऑफिस रैंक E1-4 के अधिकारीयों को वायोमैट्रिक्सAttendance अनिवार्य करवाना.
    • आरआरसीटीसी कॉर्पोरेट ऑफिस में महिला वर्करों के लिए विशाखा गाइडलाइन के तहत ICC (आईसीसी) Internal Complaint Committee का गठन.
    • CBSE को RTI द्वारा दबाब बनाकर ठेका कानून के तहत रजिस्टर्ड करवाया.
    • दिल्ली में खुद पहल कर 19+ विभागों के ठेका कर्मचारियोँ को संगठित कर "Joint Action Committee Against Contract System का गठन व Labour Minister Delhi व् CM Office, Delhi पर जोरदार प्रदर्शन किया. जिसके फलस्वरूप केजरीवाल सरकार द्वारा 39% वृद्धि के साथ नया न्यूनतम वेतन का नोटिफिकेशन जारी किया गया. 
    • दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका के द्वारा पुरे देश के सेंट्रल गवर्नमंट के अंतर्गत काम करने वाले 20 लाख+ ठेका वर्करों का वेतन न्यूनतम वेतन को 9,000/- प्रति माह से बढ़ाकर 14,000/- स्नातक पास ठेका वर्कर का 18,460 करवाया.
    • पुरे देश में "समान काम के लिए समान वेतन" लागू करवाने के लिए लड़ाई अभी भी जारी है.

    और आगे भी जारी रहेगा. हम जीतने क़े लिए लड़ रहे हैं और आज कल जीत हमारी ही होगी. आप भी हमें निःसंकोच अपनी समस्या या सुझाव भेज सकते है. यह ब्लॉग गरीब मजदूरों की आवाज उठाने की एक छोटी सी कोशिश मात्र है..आते रहियेगा.












    Contact Me:
    City: New Delhi - 91
    Email: editor.workervoice@gmail.com

    Disclaimer: वर्कर वॉयस ब्लॉग के कंटेंट्स व् फोटो विभिन्न स्थानों के साथियों के द्वारा भेजे गए जानकारी, इस परिवेश के अनुभव, प्रिंट मीडया, इंटरनेट पर उपलब्ध लेखा या खबर की सहायता से ली जाती है. अगर कहीं त्रुटि रह गया हो, कुछ आपत्तिजनक लगे, कॉपीराइट का उललंघन हो तो कृपया हमने हमारे ईमेल पर लिखित में तुरंत सूचित करें, ताकि उस तथ्यों के संशोधन हेतु पुनर्विचार किया जा सके. वर्कर वॉयस के प्रत्येक लेख आपके नीचे 'कमेंट बॉक्स' में आपके द्वारा दी गयी 'प्रतिक्रिया' लेखों की क्वालिटी और बेहतर बनायेगी, ऐसा हमारा मानना है. उम्मीद है हर लेख पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे.

    79 comments:

    1. आपके कार्य बहुत हो सराहनीय हैं।
      आप अपने स्तर से ठेका प्रथा को खत्म करने हेतु जो कार्य कर रहे हैं वह आने वाले समय के लिए एक नज़ीर पेश करेगा।
      धन्यवाद

      ReplyDelete
      Replies
      1. जी धन्यबाद संजीव भाई. यह ठेका प्रथा एक तरह की गुलामी है. जिसके खिलाफ लड़ना और मिटाना किसी एक के बस में नहीं. हां, मगर अब लोगों को तय करना है कि वो क्या चाहते है कि कल लोग उनको लड़ने वालों में याद करें या तमाशा देखने वालों में.

        Delete
    2. सचमुच सर, आपके इस काम की जितनी भी तारीफ की जाए काम है. मैं पोस्ट ऑफिस डिपार्टमेंट में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करती हूँ. अपने दोस्तों को आपके संघर्ष और ब्लॉग के बारे में बताउंगी.

      ReplyDelete
      Replies
      1. जी धन्यबाद, यह तो आपका बड़प्पन है. जी जरूर बताएं.

        Delete
    3. सुरजीत जी आपका संघर्ष सरहनीय है। 2013 से आप ठेका वर्कर्स के लिए संघर्षरत है ओर इस ब्लॉग के द्वारा भी वर्कर्स कम्युनिटी को उनके हको के बारे में जागरूक कर रहे है, जिसके लिए आपका धन्यवाद देता हूं और कहना चाहता हु आपके संघर्ष (हमारे) में कही न कही भागीदार रहा हु ओर इस भागीदारी के कारण ही वर्किंग क्लास के हितों के बारे में जान पाया हूं और उनके हितों का सम्मान करता हु। आगे भी आप कुछ न कुछ हमसे शेयर करते रहिएगया ताकि हम और जान और समझ पाए।

      ReplyDelete
      Replies
      1. 1200 % राइट हरीश भाई, सचमुच आपलोग नहीं होते तो शायद इतना कुछ कर पाना आसान ही नहीं था. ऊपर ही मैंने (हमारे संघर्ष के द्वारा अभी तक की उपलब्धि) इसलिए तो लिखा है. इसमें केवल मैं या हरीश ही नहीं बल्कि और भी बहुत से लोग है. असली लड़ाई तो अब शुरू हुई है. जब लोगों की उम्मीद हमसे पहले से अधिक बढ़ गई है. इस लड़ाई को मुकाम तक ले जाना है.

        Delete
    4. मैं विक्की कुमार बोकारो स्टील सिटी का निवासी हु बिकारो जनरैल अस्पताल में कार्यरत हु झारखण्ड में अभी 281 रुपया न्यूनतम मजदूरी है अकुशल कामगार का आज के तारिक में 2018 में 18 अप्रैल को दैनिक जागरण में एक न्यूज़ आया था कि 1 अप्रैल से 524 रुपया न्यूनतम मज़दूरी हो गई है लेकिन यहाँ पे उस न्यूज़ को गलत बताया जा रहा है ये लड़ाई मैं भी लड़ना चाहता हु मुझे आपसे जुड़ने के लिए क्या करना हॉग

      ReplyDelete
      Replies
      1. विक्की जी, बिल्कुल सही न्यूज है. जिसका जिक्र पहले भी अपने ब्लॉग में कर चुका हूं. मेरे जनहित याचिका के फैसले के मात्र 14 दिन बाद ही सेंटल गवर्मेंट के पूरे देश के सभी विभागों के लिए मई 2017 से ही न्यूनतम वेतन लगभग 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है. जिसके बाद अभी अप्रैल 2018 में मंहगाई भत्ता में वृद्धि कर हरेक कर्मचारियों को कम से कम 534 रुपया प्रतिदिन के दर से मिलना चाहिए. इस ब्लॉग के नीचे सब्सक्रिप्शन बॉक्स में अपना ईमेल आईडी submit करें और जुड़े रहे. हमारे सभी पोस्ट को पढ़े और अपने साथियों को भी बताएं.

        Delete
    5. Shyamal jee, Aapke blog ke every post ko padhta hun. esse kafi prerna milti hai. Aise hi new information share kiya karen. Thank You

      ReplyDelete
      Replies
      1. रोहित जी, आपके फीडबैक के लिए बहुत-बहुत धन्यबाद. आपलोगों के कमेंट से हमें ऊर्जा मिलती है. उम्मीद करूंगा कि अपने साथियों को भी हमारे ब्लॉग के बारे में बतायेंगे.

        Delete
    6. Very Helpful..... I was not able to understand what to do about my sudden termination.....but because of you sir I knw what to do now. Also u helped me on messenger and also on instant call. You guide me very well. Its awsm. Thank you so much sir.

      ReplyDelete
      Replies
      1. स्वागतम गौरी जी, हमारे इस ब्लॉग बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य वर्कर्स को उनके अधिकार और हक की जानकारी देना और सहायता करना है.अगर हमारी जानकारी आपके काम आई तो हमारे लिए खुशी की बात है. उम्मीद करूंगा कि इस ब्लॉग के बारे में अपने सगे-सम्बन्धियों को जानकारी देंगे. आते रहियेगा.

        Delete
    7. आपका क्षमिकों को जागरुक करने का रासता बहुत ही साहारणिय हैं।

      ReplyDelete
      Replies
      1. अरुण भाई, आपका बहुत- बहुत धन्यवाद.आप भी इस मुहिम का हिस्सा बनें. अपने साथ जुड़े मजदूर भाइयों को इस ब्लॉग की जानकारी दें.

        Delete
    8. Aaj hi main HR se milke aai...wo bol rahe the ke apko kuch bhi nahi mil sakta letter vaigere..aap kya karoge letter leke...to maine bol diya kuch na kuch to karlungi....to unhone directly owner se bat karvai ....owner bole hain ke aap abhi medical leave pe raho...jab fit honge to resume kar lo
      Aapko koi jarurat nahi hain job chodne ki....aap resume karlo jab chahe aur agar apko nahi rehna hain humare sath to notice period serve karke jao...apko pura paisa milega apka...
      Thank you sir
      Apka guidence bahot imp tha

      ReplyDelete
      Replies
      1. ये हुई न बात. डर के आगे जीत है. कम्पनी या प्रबंधक तभी तक हम पर जुर्म करते जब तक हम अपने हक और अधिकार से अंजान हैं. जैसे ही हम जागरूक हुए कि समझिये वो नौ-दो-ग्यारह. खैर सुनकर अच्छा लगा कि हमारे सुझाव और आपके हिम्मत के कारण आपकी जॉब वापस मिल गए. Congratulations. आते रहियेगा.

        Delete
    9. सर मैने आपके आर्टिकल को पढ़आ और मुझे बहुत ख़ुशी हुयी मैं goventment ploytechnic आदमपुर तरबगंज गोण्डा उत्तर प्रदेश में कंप्यूटर ऑपरेटर आउटसोर्सिंग शमविद कर्मी के पद पर हु 2016 से 2018 तक कार्यरत हु लेकिन मेरी सैलरी 9381 रुपया पर मन्थ है आप ने बताया कि कुशल की सैलेरी 16000 के करीब है पर हम लोगो को कम सैलरी मिलती है आप ही बताओ हम लोग क्या करे की सैलेरी बढ़ जायें

      ReplyDelete
      Replies
      1. भाईजी, आपसे मिलकर काफी ख़ुशी हुई. ऊपर जो मैंने बताया है वह सेंट्रल गोवेर्मेंट के अंतर्गत काम करने वाले ठेका वर्कर के बारे में हैं. आपलोग भी इसके आधार पर उत्तरप्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर सकते हैं. जुड़े रहिये आगे सब मिलकर कुछ प्लान करते हैं.

        Delete
    10. Sir ap Kolkata aiye,sir hamlokka upar julum chalraha hai,thikadar lok 1to salary kam de raha hai ,upar se salary har mahina nehi de raha hai.

      ReplyDelete
      Replies
      1. Pintu jee, kis company me hain aaplog? Eske liye aap log written me Labour Commissioner ko complaint karen. Agar ho sake to kisi trade union ka member ban jaayen aur unity ke sath laden. jit milegi..mujhse jo bhi help hoga karunga..

        Delete
    11. Bahot badiya sir AP jese or ho to sbko sport mile or sahi suggestions.. well-done sir g..thank u so much..

      ReplyDelete
      Replies
      1. धन्यवाद जी, मैंने खुद 2013 में गैरकानूनी तरीक़े से टर्मिनेट किया गया था. उसके बाद से हमारा यह हमेशा से प्रयास रहा है कि जो मैंने झेला, वह कोई और न झेले. उस हर वर्कर की मदद कर सकूं, जिनको मदद की जरूरत हो. मैंने यह ब्लॉग इसी को ध्यान में रखकर बनाया है. मैं इसपर वही सूचना लिखता हूं, जो आपको चाहिए होता है. इसके नीचे अपना ईमेल आईडी सबमिट कर subsribe कीजिये ताकि आपको ईमेल पर हर पोस्ट की जानकारी मिल सके. इसके साथ ही अपने सभी friends को हमारे ब्लॉग के बारे में बताये.

        Delete
    12. DTC ak taraf apne employee ko 481 or Civil defense marshal ko 688 pay de rhai hai ye kesi na insafi hai please reply and kuch Karo please help

      ReplyDelete
      Replies
      1. Yah to bilkul hi galat hai. Aap Govt ne kis policy ke aadhar par Marshal ko rakha hai wah dekhna hoga. Aap logo ka Minimum Wages kam kar diya yah to bahut galat hai. Because kuch department me to equal pay dene ki baat bhi suni hai. Ab yah khan tak sahi hai yah to aaplogo ko jyada pta hoga...aap sabhi log milkar aandolan ke maadhyam se es baat ko govt ke paas rakhiye..hum aapke sath hain.

        Delete
    13. GOVT. IS REGARDING KOI KAAM AB NI KR RI H, SIRF POLITICS HO RI H

      ReplyDelete
      Replies
      1. Sahi kaha aapne..Galti hamari bhi hai..Hum kabhi BJP to Kabhi Congress ko to kabhi AAP etc ko Support karne me busy rahte hain. Govt aati jati rahti hai aur haum wahi ke wahi rah jate hain.

        Delete
    14. Sir, I am working as a Tourist Guide in Indian Institute Of Advanced Study Shimla on contract basis from 2010 onward (Direct Contract with the Institute) which is a Central Govt. organisation. My contract was renewed early year with on day break. after April 2017 I was not give any contract and the Institute has taken my services till now. But In November 2017 they had shifted my services to any outsourcing agency from September 2017 onward without giving me any notice. Sir what should I do now? They are giving me 15000 fixed per month and 7 days casual leave. No earned leave. Can you help me? Can you tell me how many leaves can be given to a contractual employee in a year and what is the the minimum wage of a Tourist Guide according to central govt. Notification. I have done Masters in Tourism. I have already filed my case in Tribunal court Chandigarh regarding regularization. in Oct. 2017.

      ReplyDelete
      Replies
      1. Sure. you can check Labour Help option for your query like minimum wage under Central Govt. and labour rights, contract labour Act and sevral articles in hindi- https://www.workervoice.in/p/labour-help.html you can also visit our Youtube Channel .. WorkerVoice.in ....

        Delete
    15. Hello sir i am gokul pundalik ganesh at post borsar tehsil and district burhanpur m.p. education diploma in electrical engg.govt.poly.sanawad dist khargon mp.my mobile no is 7049715174 and 7974686892 this is great job.i like your job. I also contract electrical supervisor but i am not working because less salary and suddenly terminate my job without reason in mumbai speed frost services pune company bluestar dealar.this co.contract taking of mtnl,bsnl,barc and others i left mumbai in 2014 15 august.i change every 11months after company.my life is destroy in contract basis.i stay my home village.i am not working.i first passing diploma electrical in mp sanawad i offered nhdc contract taking mahati electrics pune company offered me trainy eng.in omkareshwar hydro electrical project omkareshwar mp.i join in april 2006 to aug 2007 i complete 8 units busduct work and transformer work but project finish work finish this time salary 4500 rs. Mahati electrics terminat me 2007. Manisha engineers p.ltd.pune in 2012 to 2013 terminate me infra project navi mumbai project finish work finish .power one ups p.ltd banglore 2007 to 2008 i took training in banglore 8 months ups and stabilizer servicing. Than my transfer in mumbai gujrats manager come to ghatkopar office he said you go to udisa after room taking 15000rs deposite i given room hounar in kalyan but he said you go to udisa .and managers said you taking new room for your stay so i taking room on rent in kalyan. Than he said you go to udisa my deposite 15000 rs gone i am not going to udisa he said you terminate the job. I staying in kalyan and i search new job 2008 i taking a job in speed frost services pune and branch mumbai sandhurst road mumbai i worked this companey 2008to2012. Salary 5000rs only.than i join for good salary in manisha engineers p.ltd. pune branch vashi.2012 to 2013.salary 8000rs.this project finish terminate me than i again join speed frost services in 2013 salary 8000 rs i worked bsnl ulhas nagar but after 6 months later manager choubey ji terminate me without reason so i am not working in company after 2013.i taking more trouble out side very less sallary and very high room rent. i am not staying in mumbai with family.

      ReplyDelete
      Replies
      1. Oh very sad story. you can challenge your illegal termination before Labour Commissioner Office. Firstly read "terminaiton rules" - https://www.workervoice.in/2018/09/termination-rules-Employee-Severance-Pay.html

        Delete
    16. Great work sir. Aapne sirf apna na sochkar sabka Socha. But sir kahi na kahi problem ye hai ki hum khud bi is dar se ki agar kuch bola to job chali jayegi koi action nahi lete. I know job ka risk bahut badi baat hai hum middle class logo ke liye kyuki humare liye har mahine aane wali income ki Kya vlaue hoti hai hum jante hai isi dar se ek employee kuch mahi karta. Maine kitno se baat ki wo kehte hai "are Yar Jo job hai proyesp karenge to wo bi jayefi" bas yehi dar govt ko apni manmarji Karne deta hai. But I read your story. You are such a true inspiration for everyone.

      ReplyDelete
      Replies
      1. इसमें ग्रेट कुछ नहीं है दोस्त, इस सिस्टम के खिलाफ किसी न किसी को आगे आना ही पड़ेगा. अगर आप आज नहीं आयेंगे तो कल आपके बाद आपके बच्चे भी पिसेंगे. इस तरह यह शोषण पीढ़ी दर पीढ़ी चलेगा.

        Delete
    17. Nice work Sir. I really appreciate your work.

      ReplyDelete
    18. surjit ji,
      mai prashant khare udaipur city me ac coach attendant hu. pure desh me ac coach attendanton ka utpeeran ho raha hai.
      thekedar dwara 8000/- per monthly diya jata hai. usi me se lilil shortage kattee hai.or karamchariyon ka payment minus batakar pura kha jate hai.thekedar dwara jo payment sheet banayi jati hai usme payment pencil se likhte hai or singnature pan se karaye jate hai.or train me 24-24 ghante duty karni padti hai. aur ek train se lautte hi turant doosri gadi me duty laga dete hai.koi running bhatta, over time,rest nahi diya jata hai.
      aap saman vetan ka kah rahe yaha to kisi ko 8000/-bhi poore nahi mil rahe.
      hum sab log yaha per ek hai hame kya karna chahiye.
      apna contact number or adress bata de. hum aapse milna chahte hai.
      prashant khare
      mo.8400614114

      ReplyDelete
      Replies
      1. Prashat Khare bhai..aap circular download kijiye aur ek compliant apne area ke RLC(C) ko de dijiye ki aaplogon ko minimum wages nhi mil rha...jab bhi delhi aaiye,..usse 3 din pahle yhan comment kar dijiye..mail lunga...

        Delete
    19. DINANATH KUMAR Sir humlog contract work me 13 log hai karib 22 sal se kam kar rahe hai CSIR-NEERI MUMBAI me sir officer gr.,telephone oprater,lab assistant,electrician,office boy hai payment dete hai souping & clinic ka sar aap hi bataye kaya kare? 9321458506

      ReplyDelete
      Replies
      1. Dina Nath Kumar bhai, aap apne company ka pura name likhen aur 22 yrs se aap kya continue job kar rhe hain? Aapne kabhi parmanancy ki demand nhi ki.

        Delete
    20. Surjeet, we are Gram Vaani running an audio platform for casual workers. It's called Saajha Manch. We were very excited to discover your page and videos. Please dial our number (you'll get a call back) on 92111 53555, and have a listen! I'll email you also.

      Orlanda/ Deepika

      ReplyDelete
    21. सर, मेरा नाम प्रमोद कुमार है। मैं सरकारी विभाग जनपद महोबा (उ0प्र0) मे सेवा प्रदाता एजेन्सी के माध्यम से कम्प्यूटर आॅपरेटर के पद पर कार्य करता हूॅ। विभाग ने सेवा प्रदाता एजेन्सी से रु0 13276/ प्रति माह के आधार पर अनुबन्ध किया है
      अनुमन्य पारिश्रमिक (रू0) 9119
      सेवा चार्ज (रू0) 500
      जीएसटी (रू0) 2025
      ई0पी0एफ0 (रू0) 1199
      ईएसआई (रू0) 433
      योग (रू0) 13,276
      विभाग सेवा प्रदाता एजेन्सी को हर माह रु0 13276 प्रति माह मेरी सैलरी देता है और सेवा प्रदाता एजेन्सी द्वारा मुझे सैलरी रूपया 7865 प्रति माह देता है।
      सेवा प्रदाता एजेन्सी द्वारा मेरा ई0पी0एफ0 भी जमा नहीं किया जाता है और न ही ईएसआई जमा किया जाता है। सेवा प्रदाता एजेन्सी ने मेरा ईएसआई मैं रजिस्टेªशन भी नहीं किया है और मेरी सैलरी से ई0पी0एफ0, ई0एस0आई0 काट लेता है। मैंने विभाग में बताया कि न्यूनतम वेतन का नया शासनादेश आ गया है जिसमें मंहगाई भत्ता बढ़ गया है तो मुझे ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए तो विभाग ने बताया कि हमारा सेवा प्रदाता एजेन्सी से रु0 13276 प्रति माह पर में अनुबन्ध हुआ है। और हम इससे ज्यादा सैलरी नहीं दे सकते है।
      तो सर मैं क्या करूं मुझे कोई सलाह बताईयें जिससे की मुझे ज्यादा सैलरी मिल सके।

      ReplyDelete
      Replies
      1. प्रमोद जी, एक तो आपके सैलरी से गलत तरीके से जीएसटी की कटौती दी जा रही है. आप न्यूनतम वेतन की शिकायत लेबर कमिश्नर ऑफिस में लगा सकते हैं. इसके आलावा आप हमारा ब्लॉग और यूट्यूब से जुड़े. हमने पहले भी इसके बारे में जानकारी दी है.

        Delete
    22. सर क्या कोई शासनादेश है कि सरकारी विभागों, कार्यालय में सेवा प्रदाता के माध्यम लगे कर्मचारियों को अवकाश मिले। और कितनें दिनों तक का अवकाश मिल सकता है और कौन- कौन से अवकाश सेवा प्रदाता एजेन्सी का कर्मचारी ले सकता है। क्योंकि सर मुझे अवकाश नहीं मिलता है मैं जिस दिन काम पर नहीं जाता हॅू तो उस दिन का मेरा वेतन काट लिया जाता है। इसलिए सर मैं आपसे शासनादेश की मांग कर रहा हूॅ। मैं जनपद महोबा (उत्तर प्रदेश) में कम्प्यूटर आॅपरेटर पर कार्यरत हूॅ।

      ReplyDelete
      Replies
      1. देश में किसी भी Government या Non Government Organization, Company, Factory, Hotel आदि में काम करने वाले प्रत्येक Employee छुट्टी के हकदार हैं. कोई भी कंपनी आपको कितना Leave देगी, यह इस पर Depend करता हैं कि आप किस State में काम करते हैं. प्रत्येक State में अलग-अलग Leave का Rights होता है. - Read more - https://www.workervoice.in/2018/08/leave-policy-in-india.html

        Delete
    23. Thank you sir your good or genuine advice is so help full for those employees or worker who are facing problems related forceful resignation and termination after their hard work or after giving best performance in their work and best of luck for your great future.

      ReplyDelete
      Replies
      1. Thank you very much dost for your valuable feedback.👍

        Delete
    24. Sir namaste sr sr mai up me technical assistance permanent post pr hu pichle Saal vi three months ki chhutti li r Avi Mai September we job pe nhi that black I taiyari or tha hi office we latter vi Buena that no mujhe nhi Mila r boss design dene ki Bolte h to sr Mai Avi r ikitna chhutti maar sofa hu my ax kru

      ReplyDelete
      Replies
      1. Samajh nhi paaya dost ki aap puchana kya chah rhe hai? Aapke boss aapko resign ke liye bol rhe to aap leave kyon lena chahte? Please clear karke batayen.

        Delete
    25. Sir pls help mere see resige many the h nhi to terminate or denge aaj 3din ho gye h company m entry nhi kiya ja rha h. Ask jab subh 6:00 bje duty Gya to bej diya ki nhi enter kiya bola 10:00 bje ao bat Kate h so pls my no 09817879174 mike gid kre

      ReplyDelete
      Replies
      1. आप लेबर कमिश्नर ऑफिस में लिखित शिकायत करें. इसके बारे में पढ़ें - https://www.workervoice.in/2018/09/labour-court-me-shikayat-kaise-karen-job-termination.html

        Delete
    26. Sir me central government me under contract par kaam kar raha hu. Hamara contract har baar January see December Tak ka hota he. Magar iss baar january se March Tak ka hi he. Ess ke baad hame job me rakhenge yaa nahi. Vo saaf saaf nahi Bata rahe. Aisa koi rules aya h Kya ki sirf March Tak hi contract sign karna hota he?

      ReplyDelete
      Replies
      1. पहले ऐसे तो लगातार चलने वाले कामों में ठेका वर्कर नही रखा जा सकता था.मगर अब FIXED TERM APPOINMENT को कानूनी करार दिया गया है. इस तरह का चलन आम बात है. आपके मैटर में आपको अगर आगे नही रखता और दूसरे को रखता तो आप रिजिनल लेबर कमिश्नर ऑफिस सेंट्रल में शिकायत कर सकते हैं.

        Delete
    27. Good Morning....Mujhe yeh janna hai ki contractual and non contractual workers k liye bonus milna mandate hai ki nahi law k according ?

      ReplyDelete
      Replies
      1. Bonus sabhi tarah ke worker ka right hai. Bonus Act पूरे India में लागू है. अगर आपके कंपनी में कम से कम 20 या उससे अ‎धिक कर्मचारी काम करते हैं, तो प्रत्येक वह Employee बोनस का हकदार है, जिसकी सैलरी 21,000 प्रति माह तक है और जिसने पिछले Accounting Year में कम से कम 30 दिन काम किया है. आपके उद्योग एवं संस्थानों द्वारा न्यूनतम 8.33% Bonus देय है. Read more - https://www.workervoice.in/2018/10/Bonus-Act-kya-hai-company-not-paid-where-complaint.html

        Delete
    28. Hello Sir, My Name is Manoj Kumar Main yeh jana chahta hu ki contractual worker ke liye bonus ka koi act hai ki nahi. Agar hai tu please notification provide kare. Because I am working since 2017 till then any bonus do not given to me.

      ReplyDelete
      Replies
      1. बिलकुल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर भी बोनस के हकदार हैं. इसके कुछ कुछ निर्धारण किया गया है. इस एक्ट की मुख्य बातें जानने के लिए हमारे इस आर्टिकल को पढ़िए - https://www.workervoice.in/2018/10/Bonus-Act-kya-hai-company-not-paid-where-complaint.html

        Delete
    29. Sir me abhishek kumar doorbar ssdg data entri opretar tahsil madhogarh dist jalaun mujhe 3 years se pement nahi huaa h mang karne par abhi hame work nahi karane diya ja raha h or pahile rat me 1 bje tak kam lete rahe or pement dene ke liye kahte rahe meri niyukiti 2014 me hui ti 1 aprail 2016 se ab tak pement nahi kar rahe h jiske liye mene igrs dale to uska nistarn agale mah likh kar karte rahe mera mo 9005192737 h ye what's app bhi h

      ReplyDelete
      Replies
      1. आप अभी तक इन्तजार क्यों कर रहें हैं. इसके लिए आप अभी लेबर कमिश्नर ऑफिस में शिकायत लगाएं

        Delete
    30. Aapki es ladai ka bahu bahut tahanks

      ReplyDelete
      Replies
      1. वेलकम दोस्त, बिना लड़े कभी कुछ मिला नहीं है. आते रहिएगा

        Delete
    31. Sir please provide the Central Government Notification. Jab bhi hum bonus ki baat karte hai tu humse administraion department notification dikhane ko kehte hai.

      ReplyDelete
      Replies
      1. बोनस का नोटिफिकेशन नहीं बल्कि क़ानूनी प्रावधान हैं. इसके लिए कंपनी बाध्य है. Bonus Act पूरे India में लागू है. अगर आपके कंपनी में कम से कम 20 या उससे अ‎धिक कर्मचारी काम करते हैं, तो प्रत्येक वह Employee बोनस का हकदार है, जिसकी सैलरी 21,000 प्रति माह तक है और जिसने पिछले Accounting Year में कम से कम 30 दिन काम किया है. आपके उद्योग एवं संस्थानों द्वारा न्यूनतम 8.33% Bonus देय है. Read More - https://www.workervoice.in/2018/10/Bonus-Act-kya-hai-company-not-paid-where-complaint.html

        Delete
    32. Praveen chaudhary18 February 2019 at 02:04

      hello surjeet ji vaise toh mere pas aapka mobile no bi hai per meienin aapse yahin per puchna zayada zaruri samjha, agar zarurat padi toh phone bi karunga, mera mamla aapke mamle se zayada alag nahin hai farak ye hai ki aap apne liye lade aur ab dusron ke liye lad rahe hein and mera mamla ye hai ki mein dusron ke liye lad raha tha aur ab apne liye ladna pad raha hai dusron ki ladai ke sath sath, baat kuch ya hai ki meinein kam se kam 6-7 companies mein kam kiya hai and sab mein se koi na koi kami ke kaaran chod kar chala aaya management mein kabhi kami thi kabhi management mein kamine log bhare hue the per baat ko zayada lamba na karte hue mudde ki baat per aata hun, mein gurgaon ki ak company mein kam karna shuru kiya and vahan kam karte hue paaya ki vo compnay ministry of corporate affairs and ministry of labour and employement ke ander aane vaale acts mein bane kanoonon ko zara sa bi follow nahin karti thi, kyun ki mein pahle bi bade bade brands ki sath kam kar chuka tha toh compare kar pana mushil nahin tha yahan per dekha ki kisi bi employee ko kabhi bi seat se khada karke ghar jaane ke liye kah diya jata tha, illigal termination ak aam se baat ho gai hai yahan, emergencey break nahin le sakte, rules and regulation hein hi nahin and ministry of corporate affairs and ministry of labour and employement ke ander aane vaale acts ke baawjood is company nein apni comfert ke hisaab se apne mutabik company ki policies and procedures bana rakhe hein yahi nahin is compnay ke offer letter mein bi likha hua hai ki hum kisi koi bi kabi bi bina kisi kaaran ki nikal sakte hein and usko koi bi document nahin provide kiya jaayega and agar uska koi paisa hamari taraf banta bi hai toh humko right hai ki hum us paise ko rok sakte hein, aapko lag raha hoga itna zayda galat itne khule aam kaise ho sakta hai ya mein baat ko bada chada kar bata raha hun per yakeen maniye ye sab kuch sach hai yahi nahin is compnay per 19 crore 65 lakh ki panalti hai jo is company nein employees ka mar rakha hai and kabi bi diya nahin annual bonus bi nahin diya and ye kah diya ki incentive diya hai na vahi bonus hai, jab ye sab kuch hota hua dekhkar mein aawaz uthai dusron ki liye and apne liye bi toh mein management ki nazron mein aa gaya mein dara nahin toh kuch aur din tik paaya fir company mein pata chal gaya ki mein company ki policies ko legalize karne ki ladai lad raha hun toh different departments nein bi mere pas aakar shikyat kari ki bahut kuch galat ho raha hai kar sakte ho toh theak kar do fir ye ladai meri nahin hamari ho gai per lad sirf mein hi raha tha, jab ye baat seniors ko pata chali toh unhonein mujhe 2 ghante ke ander compnay se performacen and behaviour issue bata kar terminate kar diya,

      ReplyDelete
    33. Praveen chaudhary18 February 2019 at 02:05

      mein chahata toh vahan per lad sakta tha magar fir baat mere hi khilaf ho jaati kanoon ko haath mein meni nahin lena chahata tha, toh aapki ak video dekhkar labour comissionar ke pas compalint kari labour dept nein kaha ki aap labour court mein case kar di jiye is mamle mein hum kuch nahin kar sakte toh ab mujhe case karna hai mujhe ye bi pata chala ki policies and procedures ko audit karne ke liye is company ke audit bi hue per har baar labour officer ko paise khila kar galat policies ko banaye rakha gaya, ab baat aati hai mujhe aapse kya chahiye, toh ye ki mere pas mehanga vakeel karne ke liye paise nahin hai toh ak sasta vakeel chahiye gurgaon ke labour court mein case ladne ke liye agar aap kisi ko jaante hein toh bata dijiye and agar meri is muhim se judna chahate hein toh mera sath dijiye vaise aapse koi bahut zayada umeed nahin hai mujhe per fir bi puch raha hun kyun ki private sectors mein ye baat aam hai mein isse india ki ladai banana chahata hun private sectors mein rules and regulations hone ke bawajood bi company apne marzi mutabik company ko chalati hein and audit hone ke bawajood bi chalti hi rehti hai, mein agar is compnay per case kar dun toh jeetunga zarur kyun ki sab kuch mere favour mein hai meinein 3-3 RTI lagai hein jinmein se abhi tak sirf ak ka jawab aaya hai jo mere favour mein hai is company ko lekar, meri madad kar dijiye surjeet ji ye mamla aapke mamle se bi bahut zayada bada hai kyun ki private sector pure india mein faila hai and ye har jagah hota hai aap bi toh iske shikaar hein meri madad kar dijiye mein bahut shukraguzaar rahunga and log bi rahengay, mujhe isse ak nation ki ladai banana hai and aap jaise insan ka sath hoga toh ladai aasan ho jaayegi, mujhe aapse ak baar baat karni hai vaise toh aapka phone no hai mere pas per fir bi aap apni suvidah anusaar mujhe phone karengay toh zayada behatar hoga mera no hai 9958230660

      ReplyDelete
    34. Resp Surjeet Shyamal Ji,

      I hope this will find you in good health and high spirit..

      Through this E- mail, I want to grab your kind attention over the issue I am facing & also hope for the appropriate advice & guidance from your side.

      I had joined the Voltas Limited ( A Tata Group Company ) as a Branch Service Manager Ghaziabad on dated 5 January 2015 .. This Joining was on the offer latter ( LOI ) given by the company, & after joining the Appointment or Agreement latter to be issued by the company. But after the Joining, company had not issued my appointment latter even after giving so much of reminders. But the all my salary & other perks was on time.

      In the month of July 2016, (One & half year after my joining), the appraisal latter was given with the some increment in the salary but appointment latter still not given, on my escalation the management had issued my "CONFIRMATION LATTER" but appointment latter yet not given to me & same I had acknowledged with the remarks that the appointment latter is not given to me & given back this acknowledgment to my department head.

      While Working in the company the GM of my department was harassing me badly & in the August 2016, I had filed an internal complaint against him, but nothing was happened, & in 4th of November 2016 the management had transferred me to Hyderabad, because they knew that, my wife is suffering with Kidney disease & due to this I was unable to go to the Hyderabad. But since I was facing the harassment from the side of my GM So I was also searching a new Job & luckily I got the same on dated 8th November 2016 & on 9th Nov 2016 I had resigned, & 17 Nov 2016 was my Last day with the Voltas Limited.

      On dated 21 Dec 2016, I had received an E-mail from the HR department of Voltas Limited mentioning that I had violated the IT policy while working in the Voltas,They also had given the reference of some clause & terms given the Appointment Latter ( which was not given to me) & this will delayed my settlement. & Thus they had delayed my full & final settlement, my revealing certificate & my experience certificate They also forced me to sign the blank papers of Full & final settlement, Which I had refused to do

      As per the Protocol by the new company I had joined........ I have to submit the releveling certificate to the new company but I had failed to submit resulting my resignation on 16 August 2017.. The Voltas Limited had issued my Releveling & full & final on 18 Oct 2017 after 11 months of my resignation from Voltas Limited with lots of deductions & other unfavorable things .. Moreover till date they had not issued my Experience Certificate... In between I had also escalate my case to Mr Ratan Tata on his official E-mail Id but all in vain.... I had also write to PMO, President & labor Ministry but nothing happens.

      After all of this I had filed a case in Karnal Civil Court as Karnal is my home town & as per court procedure i am receiving only dates after dates , Where as I am Jobless since August 2017 & facing huge financial crunch.On the other hand Volats is working hard to transfer this case from Karnal to Ghaziabad Or Delhi Because they knew that after transferring I am not able to peruse the case over there due to my financial issues.

      I am requesting you Plz look over the same & provide me your valuable guidance,


      Thanks & Regards,

      Amandeep Singh

      7056090460

      ReplyDelete
    35. Sir, मेरा नाम shahnawaz bux है और मै एक web developer और मै दिल्ली job करता हुं मैने एक company मे 8 महीने के experience के बाद भी 14,000 प्रति माह पर join किया इस company में वेतन 20-30 देर से दिया जाता था मेरा 2 महीना और तीसरे महीने का आधा वेतन बाकी था तो मेरी boss से बहस हुई और मुझे terminate कर दिया गया और वेतन देने से साफ़ मना कर दिया यहां तक की धमकी दी की code नुकसान का case कर देंगे | मैने आप के blog देख कर labour commisioner को complain कर दिया है जिसने मुझे date दिया है | मै इस बारे में वकील से बात की कोई petition फाइल करने को कहता है कोई नोटिस भिजवाने को तो क्या आप मुझे guide कर सकते है मेरा email shahnawazbx@gmail.com phone no 8678090245 है

      ReplyDelete
    36. Respected Sir I have completed 14 moth work to railway they paid only 3 month wages of my worker after 9 months pending wages they not giving worker complain in Labour court Railway is 1st party I am second party now railway officer need commission to clear my dues or he threatened that he sattle it with labour and take benifits
      I am apearing on every date is any remedy for me pl advice

      ReplyDelete

    अपना कमेंट लिखें

    loading...