Sahara India Scam Complaint पर पटोरी एसएचओ FIR दर्ज क्यों नहीं – RTI

बिहार- समस्तीपुर जिले के पटोरी अनुमंडल क्षेत्र में सहारा इंडिया फर्जीवाड़े की बात सामने आई है। जिसकी शिकायत संबंधित विभागों समेत पटोरी थाने में दिनांक 16 फरवरी 2022 और 22 फरवरी 2022  को की गई है। आज 12 दिन बितने के बाद भी FIR दर्ज नहीं किया गया है। जिसके बाद हमने कल ही आरटीआई लगा Sahara India Scam Complaint पर पटोरी एसएचओ से पूछा है, आइये जानते हैं?

Sahara India Scam Complaint पर FIR दर्ज नहीं?

भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 17.06. 2008 में सहारा इंडिया को जमाकर्ताओं से पैसा जमा लेने से रोक लगा दिया था। जिसके बाद सहारा इंडिया फिनेंशल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के नॉन बैंकिंग का लाइसेंस 03.09. 2015 में ही रद्द कर दिया। जिसके बाद सहारा इंडिया को नॉन बैंकिंग वित्तीय संस्थान के व्यवसाय के लेन-देन पर रोक लगा दिया था।

जबकि RBI/सरकार के नियम का उलंघन कर पटोरी, समस्तीपुर में पिछले 14 साल से सहारा इंडिया का बोर्ड लगाकर चल रहा है। जिसके शिकायत के 12 दिन बीतने के बाद भी पटोरी SHO के द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है। जिस पर जवाब नहीं मिलने पर आरटीआई एक्ट 2005 का सहारा लिया है।

सहारा इंडिया पैसा नहीं दे रहा

अभी हाल ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट में सहारा के तरफ से से कहा गया है कि उन्होंने जमाकर्ताओं का एक-एक पैसा चुका दिया है। जबकि धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। समस्तीपुर, सिरदिलपुर की बुजुर्ग आंगवाड़ी सहायिका ने बताया कि बढ़ापे के लिए पिछले 20 साल में 27 हजार रुपया जमा किया था। जो कि सहारा इंडिया नहीं दे रहा। यह तो बस एक उदाहरण है जबकि ऐसे करोड़ों उदाहरण पुरे देश में आस-पास मिल जायेंगे जिनका पैसा सहारा इंडिया के द्वारा नहीं दिया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में सहारा ग्रुप ऑफ़ कंपनी के द्वारा झूठा बयान

हमने माननीय सुप्रीम कोर्ट में सहारा ग्रुप ऑफ़ कंपनी के द्वारा झूठा बयान देने व गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) के बातों का समर्थन करते हुए तकरीबन 200 निवेशकों का हस्ताक्षर कर पैसा न देकर धोखा/फर्जी तरीेके से विभिन्न सोसाईटी में कन्वर्ट करने के संबंध जांच की मांग की है।

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अगर माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जांच किया जाता है तो आपके पैसे वापस मिलने की उम्मीद की जा सकती है। मगर पटोरी थाना प्रभारी द्वारा 12 दिन बीतने के बाद भी FIR दर्ज नहीं किया गया है। जिसके बाद कल ही पटोरी SHO से आरटीआई लगाकर पूछा है।

सहारा इंडिया की शाखाओं का संचालन कर धन उगाही -RTI

मैं अपनी शिकायत दिनांक 16.02.2022 को ईमेल/पंजीकृत पोस्ट और सार्वजनिक याचिका दिनांक 22.01.2022 के माध्यम से “पटोरी अनुमंडल क्षेत्र में अवैध रूप से सहारा इंडिया की शाखाओं का संचालन करके निवेशकों से धोखाधड़ी से धन उगाही के संबंध में कानूनी कार्रवाई के लिए शिकायत” के बारे में जानकारी मांग रहा हूं। आपसे अनुरोध है कि आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा 6 और 7 के तहत निम्नलिखित जानकारी कृपया 48 घंटे के भीतर प्रस्तुत की जाए-

  1. मेरी उपरोक्त शिकायत/सार्वजनिक याचिका की “दैनिक प्रगति रिपोर्ट” और “कार्रवाई रिपोर्ट” प्रदान करें, शिकायत किस अधिकारी तक पहुंची और कब तक रही और उसने क्या किया?
  2. नियमानुसार हमारी शिकायत प्राप्त होने पर यथाशीघ्र प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए। हालांकि अब 13-14 दिन से ज्यादा हो गए हैं। कृपया उन अधिकारियों के नाम और पदनाम दें जिनसे हमारे उपरोक्त आवेदन पर कार्रवाई करने की उम्मीद है और जिन्होंने नहीं किया?
  3. इन अधिकारियों के खिलाफ अपना काम नहीं करने और जनता का शोषण करने के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी? वह कार्रवाई कब की जाएगी?
  4. अब हमारी उपरोक्त शिकायत पर एफआइआर दर्ज कर जनहित में कब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरजीत श्यामल
लेबर एक्टिविस्ट

Sahara India Scam Complaint पर पटोरी एसएचओ FIR दर्ज क्यों नहीं – RTI

पटोरी थाना प्रभारी को जवाब देना होगा?

अब हर हाल में पटोरी थाना प्रभारी को जवाब देना होगा। वो अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं। वो एक लोक सेवक हैं और जनता की सेवा के लिए वर्दी पहने हैं। उनको इस तरह के फर्जीवाड़े में IPC 420 के तहत/BPID Act 2002, 2013, 2017 के तहत पूरा क़ानूनी अधिकार दिया गया है कि वो बिना मजिस्ट्रेट के परमिशन के जांच कर बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकें। अब वो अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते।

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