सहारा इंडिया फर्जीवाड़े में पटोरी थाना में 9 महीने बाद भी FIR दर्ज नहीं, जानिए क्यों?

Sahara India Latest Update: सहारा इंडिया फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ सर्वप्रथम पटोरी थाना क्षेत्र से हुआ और पुरे देश में फ़ैल गया। जिसका परिणामतः एक झटके में पुरे देश में सहारा इंडिया के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही जमाकर्ताओं ने पैसा जमा करना बंद कर दिया। मगर शिकायत देने के बाद 9 महीने बाद आजतक सहारा इंडिया फर्जीवाड़े में पटोरी थाना में FIR दर्ज नहीं किया गया है। आइये सबूत के साथ जानते हैं, क्यों?

सहारा इंडिया फर्जीवाड़े में पटोरी थाना में FIR दर्ज नहीं

हमने कल ही बिहार सरकार के साथ पुलिस महानिदेशक, डीएम, एसपी आदि को शिकायत लिखा है। जिसमें हमने न केवल पूर्व के अपने शिकायत दिनांक 21.02.2022, 26.08.2022 और रिमाइंडर दिया है बल्कि पटोरी थाना के सरंक्षण में सहारा इंडिया का शाखा संचालित किये जाने का प्रमाण भी दिया है। पटोरी थाना के पुलिस अधिकारी मनोज ने खुद ही स्वीकारा है कि सहारा इंडिया का ब्रांच को खुला रखने का आदेश है, जैसा कि उनको सहारा इंडिया पटोरी ब्रांच के स्टाफ ने जानकारी दी है। यही नहीं बल्कि पटोरी थाना ने भी आरटीआई के जवाब में 2 सहारा इंडिया का ब्रांच चलने की को स्वीकारा है।

Sahara India latest news today in hindi 2022

हम पटोरी थाना प्रभारी श्री विक्रम आचार्या से 24.11.2022 को दोपहर तकरीबन 4 बजे मिलें। जिसके बाद उनको अपने पूर्व की शिकायत के साथ सहारा इंडिया फर्जीवाड़े की पूरी जानकारी दी। उनके द्वारा आश्वासन दिया गया कि पटोरी एसडीओ साहब से बात कर हम कल FIR दर्ज कर कार्रवाई करेंगे। जिसके बाद दूसरे दिन हमें सुबह 10 बजे बुलाया गया।

हम पटोरी थाना प्रभारी के कहे अनुसार 6-7 जमाकर्ताओं के साथ 25.11.2022 सुबह 10:00-10:15 बजे पहुंचे तो तब पता चला कि थानाध्यक्ष थाना पर ही नहीं हैं। जिसके बाद फोन करने पर 1 घंटा- 1 घंटा बोलकर शाम 4 बजे तक मिलने से टाल-मटोल किया गया। हम उसके दूसरे दिन भी पटोरी थाना पर “जनता दरबार” में शामिल होने पहुंचें तो थाना प्रभारी दोपहर 12:40 बजे तक गायब थे। जबकि फरयादियों को जनता दरबार के लिए 11:00 बजे का ही समय नोटिस कर दिया गया था।

सहारा इंडिया का ताजा खबर क्या है?

सर्वश्रेष्ठ हिंदी कहानियां, लेख और प्रेरणादायक विचार के लिए विजिट करें - HindiChowk.Com

हमें एक दिन पूर्व थाना प्रभारी द्वारा एक दूसरे पुलिस अधिकारी से बात करने को कहा था। जिनको फोन लगाने पर कहा गया कि हम क्षेत्र में निकल गए हैं। हम कब आयेंगे उसका कोई पता नहीं है। जिसके बाद हम बेमन से वापस लौट गए। जिसके बाद हम कुछ काम से हाजीपुर के लिए निकल गए।

जब हमलोग पासवान चौक से पूर्व एक होटल में नाश्ते के लिए रुके तो देखा कि पुलिस अधिकारी Mr. मनोज का 8 मिस्ड कॉल है। उनको जब फोन किया तो वो थाना पर बुला रहे थे। उनको बताया कि हम तो हाजीपुर आ गया हूँ तो वो बोले कि हमने सहारा इंडिया वाले सभी लोगों को बुला रखा है। वो अपना पक्ष रख रहे हैं आप भी अपना पक्ष आकर रखिए। जबकि एक घंटे पहले ही बताया था कि हम कब थाने पर लौटेंगे पता नहीं।

Sahara India का आरबीआई के द्वारा लाइसेंस रद्द

हमने उनको कहा कि हम अपना लिखित पक्ष/शिकायत तकरीबन 55-65 पन्ना का सौंपा है। वही हमारा पक्ष है तो वो बोले कि वो कह रहे हैं कि सहारा इंडिया को केवल पैसा लेने और नया अकाउंट खोलने पर रोक लगाया गया है। जबकि वो ब्रांच चला सकते हैं। हमने कहा कि सर हमने Sahara India का आरबीआई के द्वारा लाइसेंस रद्द होने का 2015 का डॉक्यूमेंट दे दिया है। जिसको एकबार पढ़िए और जाँच कर कार्रवाई कीजिए, फिर उन्होंने अव्यवसायिक लहजे में कहा कि हमने तो पढ़ लिया मगर हमको तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है, आप हाजीपुर घूमते रहिए और फोन काट दिया।

यह कि आईपीसी 154(1) वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार पटोरी थानाध्यक्ष का ड्यूटी है कि वह शिकायत मिलते ही FIR दर्ज करें और कुछ अपवाद के केस में अधिकतम 7 दिन का अग्रिम जांच किया जा सकता है। जब कि उपरोक्त केस में तक़रीबन 9 महीने बीतने पर कोई कार्रवाई ही नहीं की गई। जिससे स्पष्ट होता है कि पटोरी थाना सुप्रीम कोर्ट और गृह मंत्रालय से भी ऊपर है और थानाध्यक्ष का थाना आने का कोई भी टाइम टेबल नहीं है।

पटोरी थाना वाले सहारा इंडिया पर एफआईआर करते हुए डर रहे?

पूर्व थानाध्यक्ष श्री संदीप कुमार पाल ने अपने ड्यूटी में FIR दर्ज नहीं किया। जिसके बाद विक्रम आचार्या के पटोरी में पदस्थापना के तकरीबन 2-3 महीने हो चुका है। जिसके बाद भी उनके द्वारा सहारा इंडिया मामले में उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। उलटे रिमाइंडर देने गए शिकायतकर्ता को ही परेशान किया जा रहा है। यही नहीं बल्कि ऐसे अधिकारी जो जांच दिया जिसको न तो कागज पढ़ना आता और न ही समझना। सच पूछिए तो यही कारण है कि पटोरी थाना वाले सहारा इंडिया पर FIR करते हुए डर रहे हैं।

यह भी पढ़ें-

Share this

हमारे लेटेस्ट उपडेट तुरंत पाने के लिए टेलीग्राम चैनल पर जुड़ें Join Telegram

6 thoughts on “सहारा इंडिया फर्जीवाड़े में पटोरी थाना में 9 महीने बाद भी FIR दर्ज नहीं, जानिए क्यों?”

  1. नमस्कार सर ,
    हाजीपुर सहारा इण्डिया के सेक्टर मैनेजर श्री सतेन्द्र कुमार ने मुझे फोन पर कहा की सहारा का लाईसेंस रद्द नहीं हुआ है Iकृपया लाईसेंस रद्द से सम्बंधित पूरा ब्यौरा का कागज भेजे I मेरा ईमेल

    Reply
    • सहारा इंडिया फर्जीवाड़े की पूरी जानकारी के साथ आरबीआई द्वारा लाइसेंस रद्द का प्रमाण सभी कुछ हमारे इस पोस्ट में अटैच किया हुआ है. जो कि आपको ब्लू अक्षर में दिखेगा क्लीक का डाउनलोड कर लें.

      Reply
  2. Please share a copy of fir.you can also share the format that needs to be given to police and District Magistrate

    Reply
    • आपको हमारे ब्लॉग पर खुद ही ढूंढना पड़ेगा

      Reply

Leave a Comment

error: Content is protected !!