केजरीवाल सरकार ने दिल्ली न्यूनतम वेतन 2020 VDA पर रोक लगा रखी है – RTI

दिल्ली के मजदूरों के मांग के बाद दिल्ली सरकार ने Minimum Wages में 37 फीसदी की वृद्धि की. जिसके बाद मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा, मगर अंततः मजदूरों की जीत हुई. जिसके बाद सरकार ने खुद की जीत और इसको ऐतिहासिक बताया. आज एक वर्ष बाद, उसी केजरीवाल सरकार ने दिल्ली न्यूनतम वेतन 2020 VDA पर रोक लगा रखी है. हमने जानकारी आरटीआई लगाकर मांगी थी. जिसके बाद क्या जानकारी निकल कर आई. आइये हम उसपर एक नजर डालते हैं.

दिल्ली न्यूनतम वेतन 2020

अभी भी दिल्ली लेबर कमिश्रर ऑफिस के ऑफिसियल वेबसाइट Current Minium Wages in Delhi Unskilled – 14842 की जगह 14,000 Respectively प्रकाशित कर दिया गया है. जिसका सीधा फायदा दिल्ली के मालिक को मिलता है. वो मजदूरों को गुमराह कर 842 रुपया कम भुगतान कर रहे हैं. पूछने पर कहते हैं कि “दिल्ली लेबर कमिश्नर ऑफिस में वेबसाइट देख लो”.

इसके लिए आज से तक़रीबन 8 महीने पहले हमने दिल्ली श्रममंत्री और लेबर कमिश्नर ऑफिस में शिकायत दी थी. मगर वो जानबूझ कर न तो Current Minium Wages को सुधार ही किया और अब तो उसके साथ अप्रैल और अक्टूबर 2020 का मंहगाई भत्ता (VDA) भी रोक रखा है. इससे सरकार के नियत पर सीधा सवाल उठता है.

दिल्ली न्यूनतम वेतन अप्रैल 2020 के मंहगाई भत्ता

हमने दिल्ली न्यूनतम वेतन अप्रैल 2020 के मंहगाई भत्ता के बारे में एक RTI लगाकर सुचना मांगी थी. जिसका वो पहले तो जवाब देने से बचते रहे. जब आरटीआई का फर्स्ट अपील 16अक्टूबर 2020 को लगाया तो 22 अक्टूबर 2020 को जवाब आ गया.

दिल्ली लेबर कमिश्रर ऑफिस ने बताया कि के लिए दिल्ली न्यूनतम वेतन अप्रैल 2020 VDA के लिए “Proposal under submission” है. जब दिल्ली सरकार का Approval मिलेगा तब मंहगाई भत्ता (VDA) जारी किया जायेगा. इससे स्पष्ट होता है कि दिल्ली सरकार के हांथी के दाँत की तरह एक खाने के और दूसरा दिखाने को है.

अभी मंहगाई भत्ता  अप्रैल 2020 जारी होने में 7  महीने से ज्यादा देरी हो चुकी है और पता चला कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली सरकार ने मंहगाई भत्ता जारी करने के लिए अप्रूवल ही नहीं दिया है. अगर आप किसी यूनियन के सदस्य हैं तो नेताओं से सवाल पूछना चाहिए. आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है?

हम साल में दो बार मंहगाई भत्ता जारी करेंगे

इस RTI Reply में SPIO  (State Public Information Officer) लेबर विभाग ने एक और चौकाने वाली बात लिखी हैं कि “यह अनिवार्य प्रावधान नहीं है और सरकार को महंगाई भत्ते या न्यूनतम मजदूरी को संशोधित करने से पहले सभी उपस्थित परिस्थितियों पर विचार करना होगा”. जबकि आप लेबर विभाग द्वारा जारी 22 अक्टूबर 2019 या कोई भी नोटिफिकेशन उठाकर देखा लीजिये. उसमे स्पष्ट लिखा होता हैं कि हम साल में दो बार मंहगाई भत्ता जारी करेंगे. अखिल भारतीय उपभोगता मूल्य सूचकांक के आधार पर, एक अप्रैल में और दूसरा अक्टूबर में जारी किया जायेगा. इसको दूसरे शब्दों में कहें तो मंहगाई बढ़ने पर आपका मंहगाई भत्ते में वृद्धि की जायेगी.

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली न्यूनतम वेतन 2020 VDA पर रोक लगा रखी है, RTI में जवाब आया

ऐसे तो यह आरटीआई रिप्लाई का जवाब असंतोषजनक है. इसके लिए पहले ही फर्स्ट अपील लगाया हुआ है. इस आरटीआई जवाब की सूचना श्री मनीष सिसोदिया, श्रममंत्री को भी दे दी गई है. अब देखना है कि ऐसे में अब दिल्ली सरकार कब तक मंहगाई भत्ता का नोटिफिकेशन जारी करती है?

RTI Question for Minimum Wages VDA 2020

Delhi Nyuntam Vetan 2020 RTI Reply

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4 thoughts on “केजरीवाल सरकार ने दिल्ली न्यूनतम वेतन 2020 VDA पर रोक लगा रखी है – RTI”

  1. Sir hum delhi ke contract worker oh toh delhi government much bhi nhi samjhti hai chote state oh ne bhi aapni dearness allownce nikal diye hai April 2020 aur October 2020 par delhi India ka capital hone ke bawjood abhi dearness allownce nahi nikale hai abhi tak aap RTI ke jo meeting hai usme jaayo sir aur diwali bonus ke order ke bareme mai bhi pucho kab tak diwali bonus order milega

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    • दोस्त, केवल हमारे करने से कुछ नहीं होगा। आज दिल्ली में लाखों पढ़े-लिखें वर्कर हैं. हमारा काम आपको जागरूक करना है. सही जानकारी देना और गाइड करना।

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  2. Kejriwal sarkar Ne private malico se paisa kha rkha hai isliye D. A nahi bdha rahi hai.iske liye court me jana pdega tabhi bat banegi.

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    • मगर कोर्ट जायेगा कौन? आप जायेंगे? कोर्ट में बहुत बड़ी फ़ीस की जरुरत होती हैं दोस्त.

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