दिल्ली न्यूनतम मजदूरी 2021 मंहगाई भत्ता पर रोक लगाने की मांग, हाईकोर्ट का इनकार

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2019 में ऐतिहासिक फैसले के तहत दिल्ली न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages) में 37 फीसदी वृद्धि की मंजूरी दी गई. जो कि दिल्ली के मालिक/कॉरपोरेट संगठन को रास नहीं आता है. वो इस फैसले के खिलाफ दुबारा से दिल्ली हाईकोर्ट के तरफ रुख करते हैं. हाईकोर्ट ने एक बार फिर से चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की याचिका पर दिल्ली न्यूनतम मजदूरी 2021 मंहगाई भत्ता वृद्धि मंहगाई भत्ता पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. आइये जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?

दिल्ली न्यूनतम मजदूरी 2021 (मंहगाई भत्ता) पर रोक लगाने की मांग

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार के लेबर विभाग ने दिल्ली न्यूनतम वेतन 23 अक्टूबर 2019 को गजट नोटिफिकेशन जारी किया था. जिसके बाद दिल्ली के मजदूरों का न्यूनतम वेतन में एक बार फिर से 37 फीसदी की वृद्धि हो गई. ऐसे तो नियमतः दिल्ली सरकार को अप्रैल और अक्टूबर 2020 में मंहगाई भत्ता का नोटिफिकेशन जारी करना था. जो कि लेबर विभाग के द्वारा समय पर जारी नहीं किया गया.

एक आरटीआई के बाद दिल्ली न्यूनतम वेतन (Minimum Wages) मंहगाई भत्ता जारी किया

हमने सितंबर 2020 को दिल्ली लेबर विभाग को आरटीआई लगाकर ध्यान दिलाने को कोशिश की. जिसका जवाब नहीं आने पर आरटीआई के तहत प्रथम अपील की सुनवाई 25 नवंबर 2020 को लेबर विभाग के अधिकारियों ने 15 दिन में नोटिफिकेशन प्रकाशित होने का आश्वाशन दिया. जिसके बाद दिल्ली न्यूनतम वेतन 20-2021 मंहगाई भत्ता (Minimum Wages in Delhi April -Oct 2020-21) 07 दिसंबर 2020 को एक साथ प्रकाशित कर दिया. जिससे एक बार फिर से दिल्ली के मजदूरों में ख़ुशी की लहर दौर गई. मगर वो इस बात से अनभिज्ञ थे कि दिल्ली के कॉर्पोरेट्स इसको कहाँ मानेंगे.

दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी पर रोक लगाने से इंकार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही दिल्ली हाईकोर्ट में उक्त Minimum Wages बढ़ोतरी को 2019 में ही चुनौती दी गई थी. जिसको जनवरी 2020 में भी दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इंकार कर दिया था. हाईकोर्ट ने दिल्ली के चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की एक याचिका पर मिनिमम वेज संबंधी नोटिफिकेशन पर रोक लगाने से साफ़ मना कर दिया. माननीय कोर्ट ने दिल्ली सरकार को याचिका पर जवाब मांगते हुए कहा कि दिल्ली सरकार को अक्टूबर 2019 वाले नोटिफिकेशन पर रोक नहीं लगाईं जा रही है. इसका मतलब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 37 फ़ीसदी वृद्धि पर फिलहाल अभी तक कोई रोक नहीं लगी है.

दिल्ली न्यूनतम वेतन अप्रैल और अक्टूबर 2020 (मंहगाई भत्ता)

अब जब सरकार ने 07 दिसंबर 2020 को दिल्ली न्यूनतम वेतन अप्रैल और अक्टूबर 2020 (मंहगाई भत्ता) का नोटिफिकेशन जारी किया. जिसको उपरोक्त केस में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने एप्लीकेशन लगाकर रोक लगाने की मांग की. हाईकोर्ट ने मंहगाई भत्ता के नोटिफिकेशन रोक लगाने से इनकार कर दिया. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में 15 हजार मासिक में जीवन बिताना कठिन है.

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने सरकार व् लेबर विभाग को पेटिशन पर जवाब के लिए नोटिस जारी किया है. दिल्ली सरकार ने अक्टूबर 2019 के नोटिफिकेशन के पक्ष में कहा कि एक मजदूर परिवार को जीने के लिए रोटी, कपड़ा और मकान, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा खर्च आदि के मार्किट में सर्वे के आधार पर तय किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद न्यूनतम वेतन सहलाहकर समिति जिसमें मजदूरों, मालिकों व् लेबर विभाग के अधिकारियों के त्रिपक्षीय कमेटी के सिफारिस के अनुसार तय किया गया है.

देश की राजधानी दिल्ली में उधोगों के प्रतिनिधि संगठन ने लेबर विभाग के द्वारा जारी  o7 दिसंबर 2020 के मंहगाई भत्ते नोटिफिकेशन में विसंगतिया है. इसमें मंहगाई भत्ता अप्रैल 2020 और अक्टूबर 2020 को पूर्व प्रभाव से लागू किया गया हैं. उन्होंने कहा कि इसको पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता है. जिसको फिलहाल कोर्ट ने नहीं माना है.

current minimum wages in delhi 2020-21 |दिल्ली का लेटेस्ट न्यूतम वेतन 2020-21

अगर आप दिल्ली राज्य के किसी भी स्थान पर स्थित किसी दूकान, होटल, रेस्टोरेंट या किसी वाणिज्यिक संस्थान काम करते हैं. इसके आलावा आप दिल्ली सरकार के अंतर्गत किसी विभाग में ठेका/आउटसोर्स वर्कर के रूप में काम करते हैं तब भी आप न्यूनतम वेतन के हक़दार हैं. अभी दिल्ली में काम करने वाले मजदूरों का 01 अक्टूबर 2020 से 31 मार्च  2021 तक निम्न प्रकार से है-

Category of EmployeesRates from 01.04.2020DA (PM) 01.10.2020Rates from 01.10.2020- 31.03.2021
MonthlyMonthlyDaily
Un-skilled1531018215492596
Semi -Skilled1686120817069657
Skilled1856323418797723
Clerical & Supervisory
Non Matriculates1686120817069657
Matriculates but not Graduate1856323418797723
Graduate and above2019623420430786

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6 thoughts on “दिल्ली न्यूनतम मजदूरी 2021 मंहगाई भत्ता पर रोक लगाने की मांग, हाईकोर्ट का इनकार”

  1. Sir ,

    Mera friend ashif use kal mooh se bola ki kl se mat aana hai hm kisan finance ltd me work krte hai aap bataie hm kya kre 1.5 years se kaam kr rhe hai or achanak bol dia shaam ko without koi notice

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    • आपने पूरा पोस्ट पढ़ा नहीं। इसमें सब कुछ तो बता रखा है कि यह लागू है.

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    • अरे भैया जी कमेंट में थोड़े ही बता सकते हैं. आप के लिए पूरा ब्लॉग हाजरी है. समय निकल कर पढ़ते जाइये.

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